Hindi Sex Stories By raj sharma

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raj..
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Hindi Sex Stories By raj sharma बबिता और मैं

Unread post by raj.. » 10 Oct 2014 15:02

बबिता और मैं


दोस्तो मैं यानी आपका दोस्त राज शर्मा एक और मस्त कहानी लेकर हाजिर हूँ ये कहानी मेरे और बबिता के सेक्स संबंधो की कहानी है वो मेरे घर के साथ रहती है और चुदाई से कुच्छ दिन पहले ही मैं ने इक़रार मोहब्बत किया था. वो सिर्फ़ सत्रह साल की है और बिल्कुल ही वर्जिन थी. वाइट कलर स्मार्ट लंबा क़द पतले होन्ट स्माल टिट्स (बूब) छ्होटी सी गंद टाइट फुददी बस क़ायामत का हुस्न है उस का मतलब बहुत ही क्यूट हर तरफ से.

ऐक दिन वो मेरे घर आई थी जब मैं ने उस को पहली बार देखा और देखते ही उस पर मर मिटा और रात को देर तक उस को चोदने की सोचता रहा. कुच्छ दिन ऐसा चलता रहा और काफ़ी दिनो बाद वो दोबारा मेरे घर आई और इस बार मुझ से रहा ना गया और मैं ने उस से कह दिया के आप मुझे बहुत अच्छी लग'ती हैं. मुझे आप से प्यार हो गया है.
बबिता: अच्च्छा तो कैसे प्यार हो गया और कब हुआ वैसे सब लड़के ऐक जैसे होते हैं प्यार कुच्छ दिनो बाद ख़तम, जब कोई और मिल जाए तो.
नही डियर ऐसी बात नही है रियली आइ लव यू सो मच.
अच्छा मैं सोच कर बताऊं गी.
फिर उस के बाद मेरी तड़प उस के लिए और भी बढ़ गयी और मैं रात को उस के ख्वाब देखता रहा और अचानक ऐक दिन फिर वो आई और मौका मिलते ही मैं उस के पास गया और जवाब माँगा तो उस ने इशारा कर दिया सिर हिला कर के हां और मेरी खुशी की इंतेहा ना रही. यक़ीन ही नही हो रहा था के उस ने हां कर दी.
थोरी देर बाद मौका बना और मैं उस के क़रीब जा कर खड़ा हो गया और हॅंड शेक किया उस ने फ़ौरन मेरा हाथ पकड़ा और थोरी देर बाद छुड़ा लिया. उस दिन सिर्फ़ इतना ही हुआ ऐक दो बार हाथ पकड़ा और उस से ज़ियादा कुच्छ नही कर सके और ना ही मौका था.
फिर कुच्छ ही दिन गुज़रे और वो दोबारा मेरे घर आई उस दिन संडे था और मैं संडे को देर तक सोता हूँ और वो जल्दी आ गयी और मैं सो रहा था. घर पर सिर्फ़ मोम थी और कोई नही था और मैं अपने रूम मैं सो रहा था. मोम टीवी पर जियो न्यूज़ सुन रही थी.
मैं सो रहा था और अचानक ऐक बहुत ही प्यारी आवाज़ मे मैं ने अपना नाम सुना और आँख खोली तो सामने बबिता खड़ी थी.
मैं: अर्रे आप और इतनी सुबह और मेरे रूम मैं आज सूरज कहाँ से निकला जनाब.
बबिता: मैं ने सोचा आज आप को च्छुटी है इस लिए मिल आऊँ और आप हैं के अभी तक सो रहे हैं. हमारे लिए क्या हुकुम है, हम वेट करे जनाब या चले जाएँ. क्यों के आंटी भी टीवी देख रही हैं और मैं अकेली क्या करूँ गी यहाँ.
मैं: हम जो हैं आप को कंपनी देने के लिए लकिन सिर्फ़ थोरी देर वेट करे. मैं अभी तैयार हो जाता हूँ. और इस दौरान मैं ने उस के हॅंड पर बहुत सारे किस कर लिए उस ने कुच्छ भी नही कहा ना ही मना किया बस आराम से बैठी रही मेरे सामने. थोरी देर हम बाते करते रहे उस के बाद मैं ने उस से कहा के क्या मैं आप को किस कर सकता हूँ तो उस ने कहा इतने तो कर लिए बिना इजाज़त और अब इजाज़त माँग रहे हैं वाह क्या बात है आप की.
मैं: जनाब इस बार हम आप के होन्ट पर किस करना चाहते हैं अगर माइंड ना करे और इजाज़त हो तो.
बबिता: मैं क्या कह सकती हूँ क्यों के मुझे शरम आती है आप की मेर्ज़ी है.
मैं: हेलो मेडम जब आप यहाँ आया करे उस वक़्त शरम घर पर छ्चोड़ आया करे यहाँ हमारे साथ शरम का कोई काम नही है अंडरस्टॅंड…
बबिता: ओके एज यू विश जो दिल चाहे कर ले लकिन सिर्फ़ उप्पेर तक ही रहना है नीचे नही जाना अभी.
मैं: अर्रे डरो नही हमारा हक सिर्फ़ आप के पैट (स्टमक) के उप्पेर तक है नीचे हमारा क्या काम. वैसे क्या डर लगता है आप को मुझ से.
बबिता: जी लगता तो है लकिन बहुत कम मीन 20% डर लगता है और 80% नही लगता. उस के बाद मैं उठा और बाथ गया नहा धो कर तैयार हो कर वापिस आ गया और वो मोम के साथ बैठी थी मैं जब अच्छी तरह तैयार हो गया तो टीवी लाउंज मैं आया और देखा मोम नही थी वो बाथरूम मे थी. मैं ने मौका देखते ही फ़ायडा उठाया और बबिता को इशारे से कहा के उप्पेर आ जाओ और बाहर जाने का बहाना कर के मोम से पूचछा के मैं बाहर जा रहा हूँ कोई काम है. मोम ने कहा नही कोई काम नही है और मैं खामोशी से उप्पेर चढ़ गया और थोरी देर बाद बबिता भी आ गयी. अब मोम को यही पता था के मैं बाहर गया हुआ हूँ और बबिता अपने घर चली गयी है. लकिन उन्हे क्या पता के उन का बेटा क्या गुल खिला रहा है उप्पेर.
उपर जाते ही मैं ने बबिता से कहा के आओ और मुझे गले मिलो. उस ने कहा नही मुझे शरम आती है.
मैं ने कहा देखो मैं ने पहले कहा था ना के शरम घर रख कर आया करो जब मुझ से मिलने आया करो.
तो वो उठी और नज़दीक आ गयी और उस वक़्त मेरा लंड बिल्कुल ही सख़्त हो गया था और मैं आगे हुआ और उस को गले से लगा कर उस के पूरे चेहरे पर किस्सिंग करने लगा और इस से थोरी देर बाद उस को भी मज़ा आने लगा.
मैं ने उस के कान मे कहा के बबिता क्या मैं आप के बूब्स को हाथ लगा सकता हूँ क्यों के मुझे आप के बूब बहुत अच्छे लगते हैं और मैं इन के साथ खेलना चाहता हूँ.
उस ने कहा जो दिल कहे वही करो मुझ से कुच्छ मत पुछो क्यों के मुझे शरम आती है और मैं कुच्छ नही कहूँ गी आप ने जो करना है वही करे बस.
ओके जैसे आप की मेर्ज़ी हम तो हुकुम के गुलाम हैं. उस के बाद मैं ने उस को थोरी देर खरे खरे ही किस किया और गले से लगाए रखा और ऐक हाथ उस की कमर पर फेरता रहा और दूसेरे से उस के बूब को आराम आराम से मसलता रहा ताके उस को ज़ियादा से ज़ियादा मज़ा मिले और जल्दी हॉट हो जाए और आगे कुच्छ भी केरने से मना ना करे.

फिर मैं ने उस को बेड पेर लिटा दिया और उस के साथ लेट गया और ऐक हाथ उस के चेस्ट पर रखा और बड़े प्यार से मसल्ने लगा और साथ साथ बातै भी करता रहा उस का रिक्षन देखने के लिए. अभी तक वो नॉर्मल ही थी और कुच्छ ना बोली मैं ने ये देखा और अपना हाथ उस की कमीज़ के अंदर डालने लगा तो उस ने फ़ौरन मेरा हाथ पकड़ा और मेरी तरफ देखा कर कहा.
देखो जान मुझे तुम पर यक़ीन है लकिन थोड़ा डर भी लगता है कहीं कुच्छ ग़लत ना हो जाए हम से. तुम जो चाहो करो मैं मना नही करूँ गी लकिन ऐसा कुच्छ मत करना जिस से मेरी ज़िंदगी तबाह हो जाए और मैं किसी को मूँह दिखाने के लाइक ही ना रहूं.
बबिता अगेर मुझ पर यक़ीन है तो सुनो मैं तुम्है बहुत चाहता हूँ और तुम से शादी करने की कोशिश भी करूँ गा लकिन तू किस्मत के फ़ैसले को तो मानती हो ना अगेर किस्मत मैं हुआ तो ज़रूर हो गी हमारी शादी वेर्ना नही और मैं तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहता हूँ अभी इसी वक़्त क्यों के मुझ से वेट नही होता और रही ज़िंदगी तबाहा होने वाली बात तो आज कल हर दूसरी लड़की ये सब करती है तुम कोई पहली लड़की नही हो और हम किसी को बता थोड़ा रहे हैं जो तुम्हारी ज़िंदगी तबाह हो जाए गी.
बबिता: हू तो ठीक है लकिन अगर कुच्छ गड़बड़ हो गयी तो मीन बच्चा हो गया तो कैसे च्छूपाऊँ गी. इस लिए डरती हूँ. और दर्द भी होता है उस से भी डर लगता है. क्यों के कुच्छ दिन पहले मैं अपनी कज़िन की शादी पर गयी थी उस ने सब बताया के क्या हुआ था पहली रात.
हां दर्द तो होता है लकिन फिकेर मत करो मैं आराम से करूँ गा कुच्छ भी नही हो गा और बच्चा ऐसे नही होता जब तक कम अंदर ना जाए तब तक कुच्छ नही होता और ना ही किसी को ऐसे पता चले गा.
इस के बाद वो मुस्कुरा कर आन्खै बंद कर के आराम से जैसे थी वैसे ही लेटी रही और मुझे इशारा मिला के उस की तरफ से हां है. मैं अब दिल मे बहुत खुश था.
मैं ने जल्दी से उस को किस करना शुरू कर दिया और उस की कमीज़ उप्पेर कर दी उस ने ब्लॅक ब्रा पहना हुआ था मैं ने पूछा के क्या साइज़ है ब्रा का तो वो बोली 32सी.
फिर मैं ने उस को उठाया और कमीज़ उतार दी और ब्रा मे भी अब वो आधी नंगी थी लकिन मैं कपड़ो मे ही था अभी तक. मैं ने उस के बूब्स को बारी बारी चूसना शुरू कर दिया और अपना ऐक हाथ उस की कमर पर फेरने लगा और दूसेरा उस की फुदी पर ले गया और आराम से उस की फुदी पर हाथ फेरने लगा और जब हाथ शलवार मैं डालना चाहा तो उस ने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा.
बबिता: हाथ अंदर मत डालो मुझे बहुत शरम आ रही है क्यों के आज ही मैं ने शेव की है और कभी किसी को दिखाई भी नही इस लिए शलवार मत उतारो.
मैं: ऐसे कैसे मज़ा आएगा और कैसे चोदून्गा अगेर शलवार नही उतारी तो. फिर मैं ने उस को किस्सिंग करते करते इतना गरम कर दिया कि मैं ने उस की शलवार उतारने की कोशिश की तो उस ने मुझे रोका नही बलके खुद ही अपनी गंद उपेर उठा कर मेरी हेल्प की शलवार उतारने मैं फिर वो एक दम नंगी मेरे सामने थी मैं ने उस के जिस्म पर किस करना सूरू कर दिया वो जोश मैं आहह उउउफफफफफ्फ़ कर रही थी मुझे उस की आवाज़ सुन कर बोहत मज़ा आ रहा था फिर उस ने मुझ से कहा,
प्ल्ज़ जान जो कुच्छ भी करना आराम से करना मुझे दर्द बिल्कुल अच्च्छा नही लगता इस लिए आराम से करना और जितना हो सके मज़ा देना. फिर मैं ने एक फिंगर उस के कंट मे उप्पेर से ही फेरना शुरू कर दी और किस्सिंग भी करता रहा कभी लिप्स पर कभी बूब कभी निपल्स सक करता कभी कहीं मीन पूरे जिस्म पर किस किया और किस करते करते उस की चूत पर ज़ुबान से चाटना शुरू कर दिया. उस को बोहत मज़ा आने लगा और वो ज़ोर ज़ोर से आवाज़े निकालने लगी.
जान प्ल्ज़ और करो बोहत मज़ा आ रहा है मेरी चूत को और चॅटो अपनी पूरी ज़ुबान मेरी चूत मे डाल दो प्ल्ज़ बोहत मज़ा आ रहा है और थोरी देर बाद जब महसूस हुआ के वो हॉट हो रही हैं तो मैं ने अपनी फिंगर उस की फुदी मैं डाली बिल्कुल आराम से.
बबिता: ऊह जान आराम से करना मुझे बहुत डर लग रहा है लकिन मज़ा भी आ रहा है. बहुत अच्छा फील कर रही हूँ मैं. आज तक ऐसा कभी फील नही हुआ आराम से अंदर करो प्यार से बहुत ही प्यार से आअहह हां मज़ा आ आहा है ऐसे ही अफ ऐसा क्यों हो रहा है मेरे साथ मुझ मे इतनी गर्मी क्यों है आग लगी हुई है जिस्म मे. बुझा दो इस आग को कुच्छ करो बहुत ही गेर्मी लग रही है मुझे. आहह मज़ा बहुत आ रहा है उउंम ऊहह जान आहह ऊहह अभी एक ही फिंगर ठीक है मज़ा आ रहा है….. नही दूसेरी अंदर मत करो ना ऐसे ही अच्च्छा महसूस हो रहा है आहह.
मैं: देखा बबिता कितना मज़ा है इस काम मैं और जनाब आप के कपड़े तो उतर गये हमारे कौन उतारे गा.
बबिता: जो करना है खुद करो मुझे बस मज़ा दो जितना हो सके और जल्दी करो कहीं कोई आ ना जाए मेरा पता करने और हम पकड़े ना जाएँ. जल्दी करो जान.
मैं ने अपने कपड़े उतार दिए और फिर उस के साथ लेट गया और उस को बाहों मे जाकड़ लिया और थोड़ा ज़ोर लगा कर उस को दबाया और फिर अपना काम शुरू कर दिया मीन फिंगरिंग आंड किस्सिंग आंड रब्बिंग.
बबिता: हां मज़ा आ रहा है ऊहह करते जाओ करते जाओ ऊहह उउंम्म अर्रे ये क्या सख़्त और हॉट चीज़ मुझे लग रही है टाँगो मे…
यही तो है जिस का सारा काम है जिस ने आप को और मुझ को खूब मज़ा देना है. यही तो अंदर डालूं गा तुम्हारी फुदी मैं लकिन तोड़ा इस के सर पर हाथ फेरो इस को प्यार करो उस के बाद ये तुम्है अपना काम दिखाए गा.
उस ने मेरा लंड अपने हाथ मे पकड़ा और उस को सहलाने लगी और उस को बहुत अच्च्छा फील हो रहा था ऐसा करते और करवाते हुए. वो बहुत हॉट हो गयी थी शायद अब बर्दाश्त नही कर रही थी अपने और मेरे बदन की गर्मी.
बबिता: अफ हाँ इतना मज़ा आ रहा है तुम ने पहले क्यों नही बताया था के इतना मज़ा आता है इस काम मे. मैं तो कब से प्यार करती थी तुम्है और तुम ने इतना टाइम लगा दिया कहने मे. लकिन जो हुआ अच्छा हुआ क्यों के सबर का फल मीठा होता है. सुना तो था आज देख भी रही हूँ. आज मुझे खूब मज़ा दो. मुझे प्यार करो मुझे ठंडा कर दो अब और बर्दाश्त नही हो रहा है.
मैने उस से कहा कि मेरे लंड को मुँह मैं डाल कर लॉली पोप की तरहा चूसो पहले उस ने मना किया लकिन जब मैं ने उस को कहा कि मैं ने तुम्हारी फुदी को भी चॅटा था तो वो मान गयी और उस ने मेरे लंड को किस करना शुरू कर दिया और फिर मु'ह मे ले कर चूसने लगी. मैं बता नही सक़ता मुझे कितना मज़ा आ रहा था मैं ने उस को 69 पोज़िशन मे कर दिया और उस की फुदी को सक करना शुरू कर दिया वो मेरा लंड सक कर रही थी और मैं उस की फुदी. 15 मिनट तक सक करने क बाद उस की फुदी से जूस निकलने लगा और मैं ने सारा जूस चाट चाट कर सॉफ कर दिया. उस के बाद मैं ने उस से कहा कि अब तुम लेट जाओ और उस को बेड पर लिटा कर उस की गंद के नीचे एक तकिया रख दिया जिस से उस की फुदी उपेर की तरफ उठ गयी फिर मैं ने उस की टाँगे उपेर उठा दी तो उस ने पोच्छा,
टाँगे क्यों उठा रहे हो अब क्या इरादा है ऐसे क्या हो गा.
अब चुदाई करने जा रहा हूँ और आप ने भी साथ देना है मीन पेन पर कंट्रोल करना है और चिल्लाना भी नही है मेरी खातिर बेरदाश्त कर लो थोरी देर बाद बहुत मज़ा मिले गा ओके तैयार हो करूँ अंदर.
हां मैं तैयार हूं और तुम्हारा साथ भी दूंगी तुम बेफिकेर हो कर अपना काम करो बस मुझे मज़ा दो चाहे जैसे भी और तुम भी कोशिश करना आराम से और प्यार से करने की जिस से दर्द कम और मज़ा ज़ियादा मिले ऐसा काम करना.
मैं ने उस की फुदी पर लंड रखा ठीक निशाने पर और आराम से अंदर करने लगा वो बहुत टाइट थी और उस को तकलीफ़ भी होना शुरू हो गई…
आराम से डालो आराम से हां आहिस्ता आहिस्ता प्यार से करो अंदर अफ बहुत मज़ा आ रहा है. हां थोड़ा और करो हां आराम से ओई मा जान दर्द हो रहा है लकिन तुम रूको नही बस आराम आराम से अंदर करते जाओ. मज़ा आ रहा है ऊहह म्मा आराम से हां ऐसे ऊहह करो और अंदर करो ओईईई माआअ बहुत दर्द हो रहा है आआहह उउउँ मेरे लिप्स सक करो बूब्स को रागडो मुझे प्यार भी करो जान.
अभी तक मेरा आधा लंड उस के अंदर घुसा था और अब उस को पेन भी बहुत हो रहा था इस लिए मैं ने वही तक ही अंदर रखा और आहिस्ता आहिस्ता हिलने लगा ताके उस को मज़ा ज़ियादा और दर्द कम महसूस हो. मेरा लंड अभी 2 इंच ही अंदर गया था और अंदर नही जा रहा था कोई चीज़ और अंदर जाने से रोक रही थी मैं समझ गया कि यह उस की फुदी की सील है जो लंड को और अंदर नही जाने दे रही थोड़ी देर तक मैं 2 इंच लंड ही अंदर बाहर करता रहा फिर बबिता बोली
हां अब ठीक है अब करो अंदर ऐक ही झटके से अंदर बाहर करो. उस ने सोचा पूरा अंदर जा चुक्का है इसी लिए ऐसा कहा और मैं ने भी नही बताया के अभी 2 इंच ही अंदर है और 5 इंच बाहर बस उस का यही कहना था मैं ने उस के लिप्स पर अपने लिप्स रखे और ऐक ज़ोर दार फुल पवर से झटका मारा और पूरा लंड अंदर गुम हो गया.
लंड अंदर जाते ही उस ने ऐक ज़ोर दार चीख मारी लकिन मेरे मुँह मे ही रही उस की चीख और उस की आँख से पानी निकल आया थोरी देर ऐसे ही लेटा रहा और जब देखा के अब कुच्छ नॉर्मल है तो मैं ने उस के लिप्स फ्री कर दिए और उस ने गुस्से से मेरी आँखूं मे देखा और रोने लगी. उस की फुदी से खून निकलना शुरू हो गया था.
मैं: आइ म सॉरी बबिता रो मत और तुम ने खुद ही तो कहा था के झटका मार कर अंदर बाहर करूँ और अब तुम रो रही हो.

शी: मैं ने कहा था लकिन मुझे क्या पता था अभी बाहर भी बचा है और जनाब ने भी बताने की तकलीफ़ नही महसूस की. बहुत बुरे हो तुम अब कुच्छ नही केरने दूंगी बस आज पहली और आखरी बार कर लो जितना और जैसा करना है इस के बाद कभी नही करेंगे.
लकिन ऐक बात है उस वक़्त दर्द बहुत हुआ ऐसा लगा जैसे किसी ने चाकू मार दिया हो और मेरी फुदी चीर डाली हो लकिन अब कुच्छ दर्द कम हो गया है पहले से. बहुत ज़ालिम हो तुम अब निकालो इस को बाहर थोड़ा दर्द कम होने दो उस के बाद करना अभी कुच्छ मत करो.
ठीक है लकिन अंदर ही रहने दो मैं नही हिलूं गा और जब दर्द ख़तम हो जाए गा फिर स्टार्ट करेगे.
नही इतनी देर अंदर ही रहो गे तो मैं मर जाऊं गी. बस करो जैसा करना है मैं बर्दाश्त करती हूँ. लकिन करना आराम से और करो भी जल्दी मैं ने जाना भी है.
हां ऐसे ही प्यार से करो बहुत मज़ा आ रहा है. ऊओ एस अब ठीक है अच्च्छा फील हो रहा है अब और कितनी देर करना है बस भी करो ना. मैं थक गयी हूँ 10 मिनट से मेरी टाँगे उठा कर मेरे उप्पेर चढ़े हैं जनाब कोई एहसास भी है मेरा या नही.
बस जान थोरी सी देर और ओन्ली 2 मिनट. मैं छूट'ने वाला हूँ.
ओके कर लो लकिन सिर्फ़ 2 मिनट हैं आआआअहह आराम से करो ना जान आराम से करो दर्द होता है ऊओह नूऊ मैं नाराज़ हो जाऊं गी साची कहती हूँ.
जान आख़िर मैं मत रोको मुझे मज़ा लेने दो आख़िर मे मैं ऐसे ही चोद्ता हूँ.
अच्च्छा लकिन थोड़ा सा तो आहिस्ता करो साची दर्द हो रहा है इतना कहा भी नही मानो गे आअहह. साची बहुत दर्द हो रहा है उउफफफ्फ़ मैं आज कहाँ फँस गयी. मैं अच्छी भली घर मैं बैठी थी. पता नही क्या हुआ यहाँ आ गयी तुम से चुदवाने. जान हां हां करो अब कुच्छ अच्छा लग रहा है. करो ऐसे ही करते रहो अब मुझे अच्छा लग रहा है मज़ा आ रहा है. अब हाईईइ कितना अच्छा है चुदवाना काश मैं तुम्हारी बीवी होती. उस से डेली तो करते हां करो और तेज़ और तेज़ करो ऊओ अलईइीई आहह. तुम्हारी सांस क्यों तेज़ आ रही है.
बिकॉज़ आइ एम सो नियर टू कम. बबिता दबाओ मुझे हाथ मेरी कमर पर रखो. जितना ज़ोर है दबाओ अपने सीने से लगा लो मैं आ रहा हूँ आइ एम कमिंग जान.
हां हां ज़ोर से और तेज़ अब मज़ा आ रहा है मेरे अंदर कुच्छ हो रहा है जैसे पिशाब आ रहा हो. करो करो अब मत रुकना. ऊहह कुच्छ निकल रहा है आअहह ऊओ नू क्या हो रहा है. करो रूको नही ऊहह. आइ फील सम्तिंग इन मी ऊओ तुम छूट गये ना अया मुझ मे कुच्छ गिर रहा है. बहुत मज़ा आ रहा है ऊवू चोदो मुझे बहुत मज़ा आ रहा है जान आइ लव यू.
हम दोनो ऐक साथ ही फारिग हुए और ऐक दूसरे के साथ लिपट कर कुच्छ देर लेटे रहे उस के बाद दोनो उठ कर बैठ गये और थोड़ी देर बाते करते रहे और किस्सिंग भी. फिर बबिता कपड़े पहन कर चोरी से दबे पाँव वहाँ से चली गयी
उसके बाद हम काफ़ी टाइम तक सेक्स करते रहे फिर बबिता की शादी हो गई मैं फिर से अकेला रह गया किसी दूसरी बबिता के लिए कहानी कैसी लगी बताना मत भूलिएगा आपका दोस्त राज शर्मा

raj..
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Hindi Sex Stories By raj sharma ओये बाप रे बाप क्या चुदाई क

Unread post by raj.. » 11 Oct 2014 02:26

ओये बाप रे बाप क्या चुदाई करता है

मैं ऋतु, 32 वर्षीया शादीशुदा औरत हूँ, और घर में मेरी एक 8 साल की बेटी
रूबी, 55 साल के ससुर रामनारायण, मीना मेरी 50 साल की सास, 28 साल की
तलाक़शुदा ननद, राधिका है. मेरा पति दुबई में काम करता है और तीन साल के
बाद छुट्टी पर आता है वो भी एक महीने की. मेरे पति का नाम रघु है.. मेरा
फिगर बहुत ही सेक्सी है, मेरे बूब्स 36 इंच, हिप्स 36 इंच और कमर 30 इंच
हैं, रंग गोरा. मेरे चूतर बड़े ही मस्त हैं और मेरे अंदर सेक्स की भूख
ज़यादा ही है. लोग कहते हैं कि मैं अपनी मा की तरह चुड़क्कड़ हूँ. मेरी
मा उमा देवी आज भी अपनी चूत में लंड लेने से नहीं हिचकिचाती जबकि उस की
उमर 52 साल की हो चुकी है.

जैसा के आप जानते ही हैं, पति दुबई में होने के कारण मुझे तस्सलिबक्श
चुदाई नसीब नहीं हो पाती. मैं लंड को तरसती रहती हूँ, मेरी ननद राधिका का
तलाक़ हो गया किओं कि उसका पति साला नमार्द था. भोसड़ी का मेरी राधिका को
दोष देता रहता था कि वो बांझ है जब कि वो राधिका को अच्छी तरह से चोद
नहीं सकता था. खैर हम दोनो भाबी ननद लंड की कमी के कारण एक दूसरे के साथ
लेज़्बीयन संबंध बना चुकी थी. राधिका को मेरी चूत का नशा सा था.. वो जब
भी मौका मिलता, मेरे कमरे में आ कर मेरी चुचि चूसने लगती, कभी चूत में
उंगली करती और कभी अपनी मादक चूत को मेरे हवाले कर देती. राधिका का खिला
हुआ यौवन, बड़ी बड़ी 38 इंच की चुचि, गांद भी कम से कम 38 की ही होगी.
उसके चुत्तेर खूब मस्त थे. मैं अपने हाथ उसके चूतरो से दूर नहीं रख पाती.
लेज़्बीयन संबंध तक तो ठीक है लेकिन जब मेरी ननद जोश में आ जाती तो उसकी
कामवासना पर काबू पाना मुश्किल हो जाता और राधिका किसी भी कीमत पर लंड
पाने के लिए बेताब हो जाती.

एक दिन उसने मुझे पुछा कि मेरा पति (यानी कि उसका भाई) कैसी चुदाई करता
है और उसका लंड कितना बड़ा है. मैने उससे बताया के उसके भैया आका लंड 9
इंच का है और ग़ज़ब का कड़क है. जब वो चोद्ता है तो चूत को तारे नज़र आने
लगते हैं. "साला ऐसे पेलता है के चूत की भोसड़ी बना देगा, ऐसे चूत चूस्ता
है के सारा पानी निकाल देता है, वो कहता है के अगर उससे कामवासना का
बुखार चढ़ा हो तो अपनी मा या बेहन को भी चोद डाले, लेकिन मेरी बन्नो मेरी
किस्मत ही ऐसी है के वो तीन साल में एक महीने के लिए ही मुझे चोद सकता है
और मेरी चुदसी चूत को लंड रोज़ चाहिए, राधिका, साली तू ही कोई प्लान बना
ता की हम दोनो ही रोज़ लंड के मज़े ले सकें," मैं बोली. राधिका ने कहा'
भाबी, तुझे तो तीन साल में एक महीने तो लंड मिल जाता है, मुझे तो अभी तक
चुदाई का असली मज़ा नहीं आया, मेरे उस नमार्द पति का तो खड़ा ही नहीं
हुआ, बेह्न्चोद चूत पर रगड़ता था और झाड़ जाता था और मेरी चूत तड़प तड़प
कर आग में जलती रहती, भाबी मैं क्या प्लान करूँ, यह तो तुम्हें ही कोई
प्रबंध करना पड़ेगा, मेरी चूत को भी शांत करवा दो, अगर तेरा कोई यार है
या कोई कज़िन है तो उस से ही चुदवा दो मुझे, देखो भाबी मेरी चूत कैसे
दाहाकति है लंड के बिना,' मैने कहा चलो देखते हैं की क्या हो सकता है.

अगले दिन मैं बाज़ार जा रही थी तो मैने अपने ससुर से पुछा" बाबू जी आपको
क्या मंगवाना है बाज़ार से? जो चाहिए, मैं ला दूँगी, ' मेरे ससुर ने मुझे
ध्यान से देखा और कहा " बहू तुम शिलाजीत ले आना और साथ में छुआरे भी लेते
आना," मैने पुछा" ठीक है लेकिन आपको क्या करनी है यह चीज़ें बाबू जी,'
बाबू जी बोले," बेटी तेरा पति तो दुबई में बैठा है, लेकिन मुझे तो पति का
काम करना पड़ता है ना, तेरी सासू को खुश करने के लिए यह चीज़ें चाहिए, इन
से मर्दानगी बढ़ती है, ताक़त आती है बेटी,' कहते हुए बाबूजी ने मुझे अजीब
नज़रों से देखा, और मुझे लगा के वो मेरी चूचियो को घूर रहे हैं. जब मैं
बाज़ार जा रही थी तो मुझे बाबूजी की नज़रें मेरे चूतरो का पीछा करती हुई
महसूस हुई. मेरे शरीर में एक सिरहन सी दौर गयी और मेरी चूत में पानी भर
गया.

मैं सारी चीज़ें लेकर आई और बाबूजी की चीज़ें उनको देने गयी. जब बाबू जी
ने चीज़ें पकड़ी तो मेरे हाथों से उनका हाथ अचानक ही छ्छू गया, मेरा पैर
फिसल गया और मेरे ससुर ने मुझे अपनी मज़बूत बाहों में लेकर संभाल लिया.
में उनकी चौड़ी छाती के साथ सॅट गयी. मेरी चुचि उनकी छाती में धस गयी और
मेरे जिस्म में आग दहकने लगी. उनका हाथ बरबस ही मेरे कुल्हों पर रेंग गया
और मैं शर्मा गयी. ' माफ़ करना बाबूजी मेरा पैर फिसल गया था, आप मुझे ना
थाम लेते तो मैं तो गिर ही जाती.' मैने कहा. वो बोले,' बेटी मैं किस लिए
हूँ, अगर क़िस्सी चीज़ की ज़रूरत हो तो बेझिझक मेरे पास आना, मैं अपने
परिवार के लिए सब कुच्छ करने को तय्यार हूँ, मुझ से कभी भी शरमाना नहीं,
मेरी बेटी,' मैने गौर से देखा के उनके पाजामे में उनका लंड सलामी दे रहा
था, मैं मुस्कुराइ और अपने आप से बोली, साली, तू बाहर क्या ढूड़ रही है,
महा लंड तो घर में ही विराजमान हैं, यह साला ससुर मेरे उप्पेर ही नज़रें
लगा कर बैठा है, और मुझे भी तो लंड चाहिए, लेकिन अब साला बूढ़ा नहीं
जानता कि मैं उस के साथ चुदाई तो करूँ गी पर इसकी बेटी को भी इसके लंड से
चुदवाउंगी.

मैं सारी रात अपनी और राधिका की चुदाई का प्लान बनाती रही. जब मैं सारा
काम ख़त्म कर के अपने कमरे में राधिका के पास जा रही थी तो बाबूजी के
कमरे से आवाज़ आ रही थी,' अह्ह्ह्ह मार डाला मेरे रजाअ, आज क्या खा कर आए
हो, मेरी चूत की धज़ियाँ ही उड़ा डालीं, आज तेरा लंड कुच्छ ज़यादा ही
ज़ोर मार रहा है, ऐसा लगता है जैसे किसी जवान औरत की कल्पना करके मुझे
चोद रहे हो, मेरे स्वामी मैं आपके हल्लाबी लंड के सामने नहीं टिक सकती,
ये मैं नहीं झेल सकती, जब कल मैं अपने मायके चली जाउन्गी तो शूकर हो गा
कम से कम दो महीने तो आराम से काट लूँगी, और तुम मूठ मार मार के करना
गुज़ारा, ओह्ह्ह्ह मैं झड़ी मेरी चूत का रस निकल गया, निकाल लो अपना लॉडा
मेरी बुर में से मैं तो थक गयी,' बाबूजी बोले" साली मेरा तो झाड़ दे, चूस
के, मूठ मार के या फिर अपनी गांद मे डाल के, मैं इस खंबे जैसे लंड को ले
कर कहा जाऊ, बेह्न्चोद मेरा तो पानी निकाल दो" सासू मा बोली" अपना पानी
आप ही निकाल लो मैं तो सोने लगी हूँ.' मेरा दिल किया के मैं दौड़ के
बाबूजी का लंड अपनी चूत में लेकर मस्त हो जायूं पर एस्सा कर ना सकी.
लेकिन एस्सा कुच्छ ना कर सकी और अपने कमरे जाकर सारी रात बाबूजी के लंड
के सपने देखते हुए जाग कर निकाल दी

सुबह जब मैं उठी तो राधिका मेरे साथ लिपटी हुई थी, उसके हाथ मेरे मम्मों
पर थे जिन्हे वो दबा रही थी. मैं उठ कर बाथरूम होकर आई तो मेरी ननद अपनी
चूत खुज़ला कर बोली,"भाबी अगर तुमने किसी लंड का इंतज़ाम नहीं किया तो
मैं मर जायूंगी, मुझे बचा लो मेरी प्यारी भाबी," मैने मुस्कुरा कर पुछा,
किस का लंड चाहिए. उसने जवाब दिया लंड किसी का भी हो, चलेगा, अब तो चूत
इतनी बेसबरी हो चुकी है की अगर मेरे बाप का भी मिल जाए तो इसकी आग ठंडी
करने के लिए ले लूँगी" मैने कहा" ठीक है अब मुकर मत जाना किओं कि तुझे आज
बाबूजी का लंड ही मिलने वाला है, तू बस ऐसे ही करना जैसे मैं कहती हूँ,"
वो मान गयी. जब वो तय्यार होने चली गयी तो मैं बाबूजी की चाइ लेकर उनके
रूम में चली गयी. मैने जानबूझ कर सारी का पल्लू नीचे गिरा रखा था, जिस
कारण मेरे वक्ष आधे से अधिक नंगे हो रहे थे. सासू मा अपने मायके जाने के
लिए तय्यार हो रही थी.

मैने आगे झुक कर चाइ बाबूजी को दी और अपने कूल्हे इनके हाथ से रगड़ दिए.
मैने देखा कि उनका लंड उठक बैठक करने लगा है. मैने जान बुझ कर उनसे कहा"
बाबूजी, देखो मेरा हाथ दुख रहा है, क्या ये सूज गया है, देखो तो सही,"
इतना कह कर अपना हाथ उनके हाथ में दे दिया, उन्हों ने मेरा हाथ पकड़ लिया
और मलने लगे, मैं उनसे सॅट कर बैठ गयी. मैने नोट किया की बाबूजी मेरा हाथ
सहलाने लगे और उनका लंड पाजामे के अंदर सर उठाने लगा. मैने उनको पूरी तरह
उतेज़ित कर डाला. जब वो मेरे कंधे पर हाथ रखने लगे तो मैं जान बुझ कर
बोली, " अब मैं चलती हूँ माजी का नाश्ता बनाना है,' मैने हाथ छुड़ाया और
चली गयी लेकिन बाबूजी का बुरा हाल था, वो अपने लंड को मसल रहे थे.

मैने राधिका को कहा,' तुम माजी के जाने के बाद, कमर मैं दर्द का नाटक
करना, और बाबूजी को कमर पर इयोडीक्स लगाने के लिए कहना, और धीरे धीरे
नीचे तक उनका हाथ ले जाना, लेकिन ये सब उस वक्त करना जब मैं माजी को बस
स्टॅंड पर छोड़ने जाऊ और घर मैं कोई ना हो. देखना वो तेरे को चोदने को
तय्यार हो जाएँगे, मैने उनकी चाइ में शिलाजीत मिला दी थी, आज तेरी चुदाई
पक्की हो जाएगी मेरी बन्नो, तुम यह निकर और टी शर्ट पहन लो और ब्रा और
पॅंटी मत पहनना, तेरा बाप आज किसी को भी चोदने को तैयार हो जाए गा, तुम
उस पर अपनी जवानी का जादू चला दो मेरी रानी उसके बाद हम दोनो उसके लंड के
मज़े लेंगे, वो भी चूत का भूखा है मेरी जान' वो हैरान हो कर मेरी तरफ
देखने लगी. मैं फिर बाबू जी के कमरे में गयी और उनकी जांघों पर हाथ रख कर
बातें करने लगी, और उनके लंड को भी च्छू लिया. वो बेचैन होने लगे और मैं
मुस्कुरा कर बाहर आ गयी.

मैं थोड़ी देर में वापिस आगाई और राधिका के कमरे में झाँकने लगी. राधिका
ने आवाज़ लगाई" पप्पा ज़रा मेरी कमर पर बल्म लगा देना, मुझे बहुत दर्द हो
रहा है,' उसने ये कहते हुए अपनी टी शर्ट उप्पेर उठा डाली और उस का गोरा
पेट नंगा हो गया, और जब उसने अपनी कनीकेर्स को नीचे कर दिया तो उसकी जाँघ
नज़र आने लगी. मेरी आँख ने देखा कि बाबूजी की नज़र में वासना की चमक उभर
आई. उनकी आँखों में एक लाली नज़र आने लगी. वो अपनी बेटी के नज़दीक आ गये
और वासनात्मक नज़रों से देखते हुए बोले" बेटी क्या हुया, दर्द कहाँ हो
रहा है, और उनका हाथ अपनी बेटी की कमर पर चला गया और उसकी कमर को सहलाने
लगा.

मैने देखा कि अब बाबू जी नहीं बल्कि उनका लंड बोल रहा था. उनकी आवाज़ से
सॉफ ज़ाहिर था के काम वासना में वो बाप बेटी के रिश्ते की पवित्रता को
भूल गये थे. अब कमरे में सिर्फ़ चूत और लंड के मिलन का सीन बना हुआ था.
बाबूजी के हाथ काँप रहे थे जब वो अपनी बेटी की कमर को सहला रहे थे.
राधिका ने अपना सिर बाबूजी की छाती पर टीका दिया. राधिका की साँसें तेज़
हो चुकी थी.

बाबू जी ने इयोडीक्स की शीशी उठाई और कमर पर लगाना शुरू कर दिया. राधिका
की चुचि अब उनके शरीर से सॅट गयी थी और बाबूजी और भी उतेज़ित हाने लगे.
बाबूजी ने अपना एक हाथ उसकी चुचि पर रख दिया और धीरे से दबा दिया." ऑश
पापा धीरे से, मुझे बहुत घबराहट हो रही है, हाए मुझे दर्द हो रहा है,
बल्म मलीए ना, पापा," राधिका बोली और अपने बाप के शरीर से चिपक गयी.
बाबूजी का लंड अब बेकाबू हो चुका था. राधिका ने अपनी निकर्स को और नीचे
कर दिया जिस के साथ ही उसकी जांगेः पूरी तरह नंगी हो गयी. अब उसके कूल्हे
बस उसकी टी शर्ट से ही ढके हुए थे. बाबूजी ने काँपते हाथों से राधिका की
कमर और जांघों पर बॉम लगाना शुरू कर दिया और राधिका और ज़ोर से अपने बाप
के शरीर से चिपकती चली गयी. मैं मतर्मुग्ध हो कर कमरे के अंदर का सीन देख
रही थी और मेरे जिस्म में भी कामग्नी जल रही थी. ' पापा मेरे कूल्हे भी
दर्द कर रहे हैं, प्लीज़ वहाँ भी बॉम लगा दो,' बाबूजी ने बॉम लगाना शुरू
कर दिया और उसकी टी शर्ट को उप्पेर उठा दिया. वो अपनी बेटी के चूतरो पर
बॉम लगाने लगे. राधिका ने अपना हाथ अपने पापा की छाती पर रख दिया और अपने
होठ उनके होंठों पर रख दिए, उसकी साँसें पापा की साँसों से टकरा रहीं थी.
बाबूजी ने बेटी को बाहों मैं भर लिया और उसके होंठों को चूमने लगे..
राधिका ने नाटक करते हुए अपने आप को छुड़ाने की झूठी सी कोशिश की लेकिन
बाबूजी ने उसे और भी कस कर जाकड़ लिया और अपनी बटी को बेतहाशा चूमने लगे,
उनका लंड राधिका के पेट को टच कर रहा था, बाबूजी ने उसकी चुचि कस कर
दबानी शुरू कर दी और राधिका ने ड्रामा किया" पापा, यह क्या कर रहे हो,
मैं आपकी बेटी हूँ, क्या यह पाप नहीं है, आप मुझे छ्चोड़ दो, हम यह सब
नहीं कर सकते, पापा, मुझे छ्चोड़ दो, प्लीज़," वो भी जानती थी कि अब पापा
वापिस आने के काबिल नही रहे किओं की उनका लंड अब फटने के करीब ही था.
पापा ने अपनी बेटी का हाथ अपने लंड पर रख कर कहा" मेरी बेटी लंड और चूत
का एक ही रिश्ता होता है और वो है चुदाई का रिश्ता, मेरी प्यारी बेटी,
तुम भी लंड के बिना तड़प रही हो मुझे पता है और साथ ही तेरी भाबी भी
चुदसी है क्योंकि के उसका पति भी उसे चोद नहीं सकता, आ जाओ मैं तेरी चूत
को चोद कर मस्त कर दूँगा, बेटी मेरा लंड कैसे दाहक रहा है, तुम इसको हाथ
में लेकर सहलाओ ज़रा, देखो तुम्हारी चुचि कितनी कड़ी हो गयी है, जल्दी से
अपनी टी शर्ट भी उतार दो मेरा लंड तुझे चोदने को तड़प रहा है," राधिका भी
मस्ती में भर उठी और अपनी टी शर्ट उतार कर पूरी तरह नंगी हो गयी और पापा
के लंड को हाथ में भर के मुठियाने लगी. लंड की आँख से प्री-कम की दो
बूँदें टपक पड़ी और बाबूजी चुदाई की मस्ती में आ गये और ज़ोर ज़ोर से
अपनी बेटी की चुचि को मुह्न मे लेकर चूसने लगे, " बेटी तू कितनी सेक्सी
हो गयी है, मेरा लंड तेरी चूत का प्यासा है, अब मुझे अपनी चूत का स्वाद
दिखाओ, मेरी प्यारी बेटी और मेरे लंड को चूस कर इसका स्वाद देखो, जल्दी
से मैं आज सवेरे से ही चोदने के लिए तड़प रहा हूँ, लाओ अपनी टाँगें खोल
कर अपनी चूत का दीदार तो कर्वाओ," राधिका ने अपनी जांघे खोल दी और उसकी
चूत मुस्कुरा उठी किॉकी वो आज पहली बार किसी असली लंड से चुदाई करने वाली
थी. पापा ने अपना मुह्न उसकी चिकनी चूत में घुस्सा दिया और अपनी जीभ चूत
की फांकों के अंदर डाल दी. " अहह पापा, यह क्या कर दिया मेरी चूत को, यह
तो पानी छ्चोड़ने लगी है, चूस लो मेरी बुर को पापा, यह आज चुदाई के लिए
तड़पति है, लायो मैं आपके लंड को चूस लेती हूँ, मुझे चोद डालो आज, चोद दो
अपनी बेटी को, मेरे पापा,' इसके साथ ही राधिका ने पापा का लंड अपने मुह्न
में ले लिया और लगी चूसने उनके लंड को. लंड आग की तरह दहकने लगा. बाबूजी
अपने चूतर आगे पिछे करने लगे, राधिका बाबूजी के लंड को गले के भीतर तक ले
गयी और करहाने लगी, उधर बाबूजी की जीभ राधिका की चूत में पूरी तरह समा
चुकी थी और उसकी चूत का रस, बाबूजी के मुह्न से बहने लगा, जैसे की उनके
मुह्न से लार टपक रही हो, राधिका की चूत झाड़ रही थी.

तभी मैने कमरे मैं एंट्री कर दी और बोली," साले बाबूजी, इतने कामीने
निकले के अपनी ही बेटी को चोदने के लिए तैयार हो गये, बेटीचोड़ साले मैं
क्या मर गयी थी, मुझे कौन चोदे गा बेहन्चोद, तेरा बेटा तो बेहन्चोद मुझे
छ्चोड़ कर चला गया और तू भी साले अपनी बेटी को ही चोद रहा है, मेरा क्या
हो गा, " बाबूजी मुझे देख कर घबरा गये और फिर संभाल कर बोले," बेटी तू भी
आ जा मेरी बेटी, मेरा लंड मेरी बहू और बेटी के लिए काफ़ी है, मैं तुम
दोनो को चोद कर शांत कर दूँगा, आजा मेरी रानी बहू, अगर बेटा चला गया है
तो क्या हुया, बाप तो ज़िंदा है, मेरे पास आ मैं तेरी चुचि को भी चूस्ता
हूँ, आ मेरी बेटी तू भी कोई कम सेक्सी नहीं हो, तेरा जिस्म भी चुदाई की
आग में जल रहा होगा, ला मेरे पास आ मैं तुझे भी तृप्त कर्दून्गा," मैने
फटाफट अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए और बिस्तर पर आके बाबूजी के जिस्म
को चाटने लगी और राधिका की चुचि दबाने लगी. बाबूजी ने अपना हाथ मेरी गांद
पर फिराना शुरू कर दिया. मैने बाबूजी का लंड हाथ में ले लिए और उससे
सहलाना शुरू कर दिया. उनका लंड पूरी तरह कड़ा हो चुका था. मैने उसे चाटना
शुरू कर दिया, मेरी चूत भी पनिया गयी थी. मैने कहा " आप पहले राधिका को
चोद कर शांत कर दो, इसकी चूत अभी कुँवारी है, लेकिन ज़रा, प्यार से चोदना
अपनी बिटिया को," ये कहते हुए मैने राधिका की टांगे चौरी कर दी और उसकी
चूत पर बाबूजी का लंड टीका दिया, उनके टट्तों पर हाथ फिराया जिस कारण
बाबूजी के मुह्न से आह निकल गयी, मैने उनका लंड राधिका की चूत पर रगड़ा
जिस में से पहले ही पानी निकल रहा था. उसकी खुजली इतनी बढ़ गयी के वो
अपने आप पर काबू ना रख सकी" पापा अब और मत तद्पाओ, मेरी चूत में आग लगी
हुई है, आप का लंड रगड़ना मुझे पागल बना रहा है, पापा मेरी चूत के अंदर
पेल दो अपना लोड्‍ा, पापा मेरे साथ सुहागरात माना लो, मुझे मम्मी की तरह
चोद डालो मेरे प्यारे पापा, मुझे पेल दो पापा, प्लीएज, भाबी मेरी चूत में
पापा का लंड पेल दो, मेरी प्यारी भाबी, उसके बाद तुम मज़े ले लेना पापा
के लंड के साथ, मैं तेरी विनती करती हूँ, मेरी आग बुझा दो, प्लेआस्ीईए."

बाबू जी का लंड पकड़ कर मैने राधिका की चूत के मुख पर टीकाया और कहा"
बाबूजी पेल दो अपना लंड अपनी बेटी की बर में, देखो कैसे तड़प रही है
साली, कैसे दाहक रही है इसकी चूत, अब तो इसकी आग आपका लंड ही शत कर सकता
है, उड़ा दो इसकी चूत की धज़ियाँ, पेल दो अपनी बेटी को, डाल दो अपना लंड
रस इस की प्यासी चूत में, " बाबूजी ने देर करना मुनासिब नहीं समझा और
धक्का मार के लंड पेल दिया, और उनका आधा लंड पहले धक्के में चूत में समा
गया. राधिका चिल्लाई" पापा बहुत दर्द हो रहा है, लगता है मेरी सील टूट
गयी है, बाहर निकाल लो अपना लंड, दर्द बर्दाशत नहीं हो रहा पापा,
प्लीज़." लेकिन बाबूजी ने धक्के मारना जारी रखा. उनका लंड अपनी बेटी की
चूत के अंदर बाहर हो रहा था. राधिका की चूत से लहू बहने लगा. बाबूजी भी
पुराने खिलाड़ी थे, " बेटी दर्द थोड़ी देर में ख़त्म हो जाएगा, ऋतु, तू
राधिका की चुचि चूसना शुरू कर दो और इस की चूत को भी सहलाओ, साली बहुत
टाइट है इसकी चूत, लेकिन मैं आज इसे चोद कर ठंडी कर दूँगा, ले बेटी ले लो
अपना पापा का लंड अपनी प्यासी बुर में और मिटा दो इसकी प्यास.'

मैने अपनी जीभ से राधिका की चुचि चाटना शुरू कर दिया और अपनी उंगलिओ से
उसकी चूत के आसपास का इलाक़ा उतेज़ित करना शुरू कर दिया. उसका दर्द कम हो
गया और उसे मज़ा आने लगा, और वो चूतर उच्छाल कर बाबूजी के धक्कों का
ज्वाब देने लगी," पापा मेरा दर्द ख़त्म हो गया है, आपके लंड से मुझे
जन्नत का मज़ा आ रहा है, आपका लंड मेरी चूत को स्वर्ग दिखा रहा है, पेलो
अपना लंड मेरी चूत के अंदर, चोद दो अपनी बेटी को, ले लो मेरी कुंवाई चूत
के मज़े, ज़ोर से चोदो मुझे," मैने बाबूजी के लंड पर उंगलियाँ फेरी और
उनके चूतर पर थपकी दी और कहा" बाबूजी, चोदो अपनी हरामी बेटी को साले,
ज़ोर से लगा धक्के बेहन्चोद, देखता क्या है साले तुझे आज अपनी जवान और
कुँवारी बेटी की चूत का मज़ा मिल रहा है, साले बन गया है तू बेटीचोड़ और
थोड़ी देर में बहुचोद भी बन जाएगा, साले चोद डाल इसको, चोद डालो अपनी
बेटी को, वो कब से प्यासी है लंड की, मिटा तो इसकी प्यास, छोड़ दो अपना
पानी इसकी चूत मैं.' बाबूजी भी पागलों की तरह धक्के मारने लगे. कमरे में
घचा घच की आवाज़ें आने लगी, राधिका के मुह्न से अहह, ओह की आवाज़ आ रही
थी.

बाबूजी ने अपनी बेटी के चूतरो को कस के पकड़ रखा था और उसे पेल रहे थे,"
अहह, बेटी मेरा भी टाइम नज़दीक आ रहा है, मैं भी झड़ने वाला हूँ, हां मैं
सच में बेटीचोड़ बन गया हूँ, और मुझे ख़ुसी है के तुमने अपनी कुँवारी चूत
,मेरे लिए संभाल के रखी हुई थी, हाँ बेटी चुदवा ले मुझ से मेरी प्यारी
बेटी, कसम तेरी जवानी की आज तक इतना मज़ा नहीं आया, क्या चूत है तेरी, ले
लो मेरा पानी तेरी चूत में जा रहा है, मेरा पानी तेरी कोख में गिर रहा
है, तेरा बाप झाड़ रहा है, मैं गय्ाआआआ," यह कहते हुए बाबूजी ने पिचकारी
राधिका की चूत में छ्चोड़ दी और उनका लंड छपक की आवाज़ से चूत से बाहर
निकल आया. मैने पहले उनका लंड चूस कर सॉफ किया और फिर अपनी ननद की चूत को
चटा और हम दोनो ही बाबूजी की बगल में लेट गयी. थोड़ी देर बाद बाबूजी ने
मेरी भी चुदाई की और ऐसी चुदाई की की मैं आज भी अपने आपको जन्नत मे महसूस
करती हू
समाप्त.....

raj..
Platinum Member
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Joined: 10 Oct 2014 01:37

Hindi Sex Stories By raj sharma मेरी चूत की प्यास बुझाओ

Unread post by raj.. » 11 Oct 2014 02:33

मेरी चूत की प्यास बुझाओ

हल्लो दोस्तो कैसे है आप लोग बहुत सारे मैल मिले जिनमे मेरी कहानियों की
तारीफ थी मैं आप सबका खुल्ले दिल और खुल्ली चूत के साथ सुक्रिया अदा करती
हूँ आप सबको पता होना काहिए कि आज मैने अपनी चूत के बॉल सॉफ किए है और अब
फिर से मेरी चूत तनटना गयी है किसी कोरी कमसिन लड़की की तराह हां तो
दोस्तों अब मैं अपनी कहानी सुरू करती हूँ जिसमे एक बार फिर से अब्बू और
भाई ने मुझे चोदा उस दिन हुआ ये था कि मैं बहुत चुदासि थी और अम्मी नानी
के घर गयी हुई थी ये तो आप लोग जानते ही है कि मेरी फ्ली चुदाई भी अब्बू
ने ही की थी और फिर अम्मी ने भाई से भी चुदवाया था और अब.

वो लोग अक्सर मुझे चोदा करते थे मगर इधर बहुत दिन से अब्बू अम्मी की फैली
हुई चूत मे मस्त थे और भाई ने कोई 2सरी ग़/फ फसा ली थी और मुझपे ध्यान
देना छोड़ ही दिया था तब आख़िर अम्मी के बाहर जाते ही मैने सबसे पहले
अपनी झाँते बनाई और रात को अब्बू के रूम मे गयी अब्बू कोई मूवी देख रहे
थे और मुझे देख कर बोले बेटी क्या हुआ आज बहुत दिन बाद अब्बा की याद आई
तब मैने कहा आप तो अम्मी जान की चूत मे ही फसे रहते है अब आपको मेरा ज़रा
भी ख्याल नही आपने मुझे कितने दिनो से नही चोदा है तब अब्बू ने दुलार
जताते हुए कहा ऊऊओह मेरी प्यारी रानी बेटी आजा आज तुझे फिर से चोद्ता हूँ
और ये कह कर उन्होने डी.वी.डी चेंज कर दी अब उसमे एक बी/फ चलने लगी जिसमे
एक 14 साल की लड़की को 5 आदमी चोद रहे थे जिसे देख कर मेरी आँखें बाहर आ
गयी और मैने अब्बू से कहा अब्बा ये बच्ची इन 5चो को एक साथ झेल रही है और
उसको कितना मज़ा आ रहा है जबकि इसकी एज भी अभी ज़्यादा नही 14...15 साल
की होगी तब अब्बू बोले मेरी बच्ची ये साले अंग्रेज लोग ऐसे ही होते है
साली इतनी सी है और तुम खुद ही देखो कैसे मज़े ले..लेकर 5.

5 लंडों का मज़ा एक साथ ले रही है जबकि इसमे एक इसका बाप और एक भाई के
अलावा 3बाहर वाले है अब ये सब देख कर भला मेरी चूत मे ख़ाज़ क्यूँ नही
उठती तब मैने अब्बू से कहा अब्बू मैं तो आप और भाई से ही चुदवा कर पनाह
माँग जाती हूँ तब अब्बू ने कहा जा बगल के रूम से आफ़ाक़ को बुला ला साला
लंड पकड़े सो रहा होगा तब मैं भाई के रूम की तरफ बड़ी और देखा तो सच मे
वो अपने लंड को हाथ मे लेकर सदका मार रहा था मैं जल्दी से बढ़ते हुए बोली
हाय भाय्या क्या ग़ज़ब कर रहे हो भला घर मे इतनी खूबसूरत बहन होते हुए
तुम्हे ये सब करना पड़े तो लानत है मेरी जवानी पे और मैने झट से उनका लंड
अपने कोमल हाथ मे ले लिया और बड़े प्यार से सहलाने लगी और जल्दी...जल्दी
हाथ आगे पीछे करने लगी और फिर झट से मूह मे लेकर चूसने लगी और तब भाई का
लंड पूरी औकात मे आ गया और वो मेरे बालों को पकड़ते हुए ज़ोर ज़ोर से
धक्का मारने लगे और फिर जल्दी ही उनका पानी मेरे मूह मे गिरा जिसे मैं
छपार, छपार करते हुए चाट गयी और भाई से बोली चलो अब्बू बुला रहे है आज
फिर से तुम 2नो मुझे चोद्कर मज़ा दो और भाई को नंगा ही उनका लंड पकड़ कर
अब्बू के रूम मे ले आई और भाई को देखते ही अब्बू बोले मैने कहा था साला
मूठ मार रहा होगा तब मैने कहा अब्बू आप बहुत तजुर्बेदार है सच मे भाई
सदका मार रहे थे और फिर मैने अब्बू का लंड अपने मूह मे ले लिया और भाई
पीछे से मेरी गांद पे अपना लंड रगड़ते हुए अंदर डालने की कोसिस करने लगे
तब मैने कहा अब्बू जी मैं भी बी/फ वाली लड़की की तरह 5 जन से एक साथ ही
चुदाना चाहती हूँ तब अब्बा ने कहा बेटी तू नही झेल पाएगी एक साथ 5.को

मगर मैं तो पूरी तरह से चुदासि हो ही चुकी थी मैने कहा कान खोल के सुन लो
आप 2नो मुझे 5जन से एक साथ चुदाना है तो चुदाना है अगर कल आप लोग ने मुझे
5 जान से नही चुदवाया तो बहुत बुरा होगा तब अब्बू ने कहा अच्छा अच्छा
मेरी रानी बेटी मैं तो तेरे भले के लिए ही कह रहा था अगर तेरी चूत फट गयी
तो परेसानि तो हमी लोगों को होगी मगर जब तू नही मान रही तो मेरी बला से
अब चल आज तो हम दोनो से चुदवा ले और ये कह कर उन्होने फिर से अपना मूसद
जैसा लंड मेरे मूह मे जोरदार धक्के के साथ अंदर धकेल दिया और तभी भाई ने
पीछे से मेरी गांद फैलाकर इतनी ज़ोर से धक्का मारा की मुझे नानी याद आ
गयी उउउइई माआअ मर गयी आआहह भाई ज़रा धीरे से धक्का मारो तू तो नानी याद
दिला रहा है तब अब्बू ने कहा बेटी चाहे जिसका नाम ले पर नानी का नाम ना
ले तब मैने कहा क्यूँ तब अब्बू बोले तेरी नानी की चूत मैने मारी थी और कई
साल तक मैं उसकी चूत चोद्ता रहा था तब मेरे साथ साथ भाई का मूह भी खुला
रह गया तब भाई ने कहा अब्बू क्या आपने नानी को चोदा है तब अब्बू ने कहा
हां यार साली मेरी सास बहुत मस्तानी थी तुझे तो पता ही है कि तेरी अम्मी
की कम उमर मे शादी हुई थी जब मेरी शादी हुई थी मैं 19 साल का था और तेरी
अम्मी 16 साल की थी और मेरी सास सिर्फ़ 30 साल की थी मगर मेरे ससुर की
उमर करीब 40साल थी वो तुम्हारी नानी को खुस भी नही कर पाता था जाने भी दो
इन बातों को अभी तो फिलहाल चुदाई का मज़ा लो उसकी चुदाई के बारे मे फिर
कभी बताउन्गा और तब भाई पीछे से मेरी गांद मार रहे थे और अब्बू आगे मेरे
मूह मे अपने लंड को धक्के लगा रहे थे अब मुझे भी मस्ती आने लगी.

और मैं अपने मूह और गांद को आगे पीछे करते हुए धक्के लगाने लगी थी और तब
भाई झाड़ गये थे मगर अब्बू जी अभी भी नही झाडे थे और उन्होने मुझे बेड पे
खड़ा होने को कहा मैं खड़ी हो गयी और तब अब्बू ने मेरे दोनो पैर अपने
कंधे के दाए...बाए करे और मेरी चूत को मूह मे भर कर चूसने लगे मैं बुरी
तरह तप रही थी और अपने अब्बू का मूह ज़ोर... ज़ोर से अपनी चूत पे दबाने
लगी तब ही अब्बू खड़े होने की कोसिस करने लगे और मेरा बॅलेन्स बिगड़ने
लगा तब मैने घबरा कर कहा आआआअहह अब्बू क्या कर रहे है मैं गिर जाउन्गि
मगर अब्बू नही माने और वो मुझे अपने कंधे पे बैठा कर खड़े हो गये अब मैं
अपनी 2नो टांगे उनकी गर्दन मे कस कर लपेटे हुए थी और अपनी चूत को उनके
मूह से दबाते हुए उनके सिर को भी ज़ोर. ज़ोर से दबा रही थी और भाई आँख
फाडे हुए अब्बू के इस पोज़ को देख रहा था और कसम से मज़ा तो हमे भी बहुत
आ रहा था इस तरह से कोई पहली बार मेरी चूत चाट रहा था और थोड़ी देर बाद
ही मैं ऊऊओ ऊओह आआहह करते हुए झाड़ गयी और अब्बू का रस भी नीचे से
पिचकारी की तराह बह गया और तब अब्बू मुझे नीचे उतारते हुए बेड पर लिटा कर
तुरंत अपने झाडे हुए लंड को मेरे 2नो चूचियों के बीच मे रगड़ने लगे और
मैं उनके नोक की तराह लंड की टोपी को मूह मे लेने की कोसिस कर रही थी पर
अब्बू जल्दी, जल्दी आगे पीछे कर रहे थे तब मैने कहा अब्बू अपना लंड मेरे
मूह मे दीजिए आपका सारा माल बेकार ही जाया हो रहा है तब अब्बू ने अपने
लंड को 2नो चूची के बीच से मेरे मूह मे डाल दिया और मेरी चूची को दबाने
लगे और इस तराह से उनके लंड से थोड़ा सा रस.

और निकला जिसे मैं चाट गयी और फिर अब्बू ने अपना लंड मेरी गांद मे धासा
दिया और उस दिन अब्बू और भाई 2नो ने मेरी गांद ही मारी थी मेरी बुर के
साथ कोई हरकत नही की थी और फिर रात को दुबारा भी उन लोगों ने मेरी गांद
एक एक बार और मारी अब मेरी गांद परपारा रही थी और सुबह अब्बू ने कहा
क्यों रानी बेटी क्या ख्याल है क्या अब भी 5 जान से चुद्वाओगि तब मैने
गुस्से से कहा साला बेटीचोड़ भोसड़ी वाले कहा ना चुदवाना है तो चुदवाना
है तब अब्बू मुस्कुरा कर बोले कोई बात नही आज की रात तैयार रहना आज 5
लोगों को लेकर आउन्गा और फिर मुझे अब्बू से नानी की चुदाई की बात भी
जाननी थी आज रात मुझे 5 जान से एक साथ चुदाई का मज़ा आने वाला है मगर
मुझे अफ़सोस है कि बहुत सारी लड़कियों को शायद आज भी कोई लंड नसीब नही
होगा और उन्हे मोमबत्ती से काम चलाना पड़ेगा क्यों कि हर लड़की मेरी तराह
बाप और भाई से नही चुदवा सकती.
समाप्त