Hindi Sex Stories By raj sharma

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rajaarkey
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Re: Hindi Sex Stories By raj sharma

Unread post by rajaarkey » 15 Dec 2014 04:36

दो कामुक सहेलियाँ-2

गतान्क से आगे………………

विनोद ने अपने आपको कोसते हुए नज़र घुमा ली और अपने खड़े होते लंड को बिठाने की कोशिश करने लगा. “भैया आज नीता आई थी, बहुत तारीफ कर रही थी आपकी. क्या बात है? कोई चक्कर वक्कर तो नहीं चल रहा आप के साथ उसका” शिल्पा ने चुटकी ली.” नहीं तो! क्या कुच्छ कह रही थी? मुझे तो मिली नहीं कयि दिनो से” विनोद ने झूठ बोला. शिल्पा शरारत से बोली,” भैया झूठ मत बोलो. उसने तो एक चिट्ठी भी दी है आपके लिए. अगर नहीं चाहिए तो मैं नहीं देती उसकी चिट्ठी. अगर उसको भाभी बनाने का इरादा है तो बता दो, मेरी सहेली बहुत प्यारी और सेक्सी है”

विनोद झट से बोला,” कहाँ है चिट्ठी, शिल्पा मेरी प्यारी बहना, मुझे दो ना” लेकिन शिल्पा इठला कर बोली,” इस मे मुझे क्या मिलेगा, मेरे प्यारे भैया? चिट्ठी तो मेरी जेब मे है” वो अपने सीने की जेब की तरफ इशारा करती हुई बोली जहाँ उसका सीना उठान लिए हुए था. मल मल की कुरती मे से उसके काले निपल सॉफ नज़र आ रहे थे. विनोद अपनी बेहन के पास जा कर बोला” तुझे क्या चाहिए अपने लिए, शिल्पा? जो माँगो गी दे दूँगा अपनी प्यारी बहना को” शिल्पा तुनक कर बोली,” सभी कुच्छ तो नीता को दे दोगे, मुझे तो कुच्छ ना मिलेगा. लो मैं ये चिट्ठि नहीं दूँगी” उसने अपनी चुचि पर हाथ रख कर चिट्ठि दिखाते हुए कहा.

विनोद अपनी बेहन से चिट्ठी छीन लेने के लिए बढ़ा तो वो भागने लगी और विनोद ने उसको पीच्छे से जाकड़ लिया और उसके हाथ अपनी बेहन के वक्ष स्थल पर चले गये. इसी हाथा पाई मे उसके हाथ अपनी बेहन की चुचि को दबा गये. उसकी कोमल चुचि अपने भाई के स्पर्श से कड़ी हो उठी और विनोद का लंड उसकी गांद मे घुसने लगा. विनोद ने हाथ डाल कर अपनी बेहन की जेब से चिट्ठी निकाल ली लेकिन उसका लंड अब बैठने का नाम नहीं ले रहा था.” माफ़ करना शिल्पा मेरी बहना.” शिल्पा भी कामुकता की वजह से उत्तेजित हो चुकी थी लेकिन लाज के कारण बोली,” कोई बात नहीं भैया, आप के हाथ तो नीता के जिस्म को स्पर्श करने के लिए तड़प रहे होंगे. सच मानो आज तो मुझे अपनी सहेली से ईर्ष्या हो रही है और आप पर प्यार आ रहा है”

विनोद शर्मिंदा हो कर चिट्ठि ले कर अपने रूम मे चला गया. अपनी माशूक का लव लेटर पढ़ कर उसने मूठ मारी और दूसरे दिन के सुहाने ख्वाब आँखों मे ले कर सो गया. उस रात शिल्पा को चुदाई के सपने आ रहे थे जिस मे विनोद भैया नीता को नंगा कर के चोद रहे थे. विनोद भैया का लंड कितना मोटा और विशाल था! नींद मे शिल्पा अपनी चूत को हाथ से रगड़ने लगी और सवेरे जब उठी तो उसका पाजामा चूत वाले भाग से गीला हो चुका था. शिल्पा एक रोमांचित मूड मे थी. ठीक वक्त पर नीता आ गयी और दोनो सहेलियाँ फिल्म देखने चली गयी. फिल्म अभी शुरू ही हुई थी कि नीता का सेल फोन बजा और वो कुच्छ देर बात करने के बाद बोली,”शिल्पा मेरी जान, मुझे घर जाना होगा, मम्मी की तबीयत ठीक नही है और मुझे बुलाया है. ऐसा करो, तुम फिल्म देखो, अब टिकेट वेस्ट करने का कोई फ़ायदा ना होगा, मैं फिर कभी फिल्म देख लूँगी” शिल्पा बोली,”ठीक है”

” नीता मेरी जान, तू चल विनोद भैया के पास. साली तुम दोनो को रंगे हाथ ना पकड़ा तो मेरा नाम शिल्पा नहीं. साली अपनी सहेली को बेवकूफ़ बनाती है!” उसने मन ही मन कहा और नीता की मटकती हुई गांद को जाते हुए देखती रही. 10 मिनिट के बाद वो भी बाहर निकली और रिक्शा ले कर घर चल दी. घर एक दम सूना था. दोपहर की धूप ने सभी को अपने घरों मे रहने को मज़बूर किया हुआ था, दबे पैर शिल्पा घर मे दाखिल हुई और विनोद के कमरे की तरफ बढ़ी. कोई आवाज़ नही आ रही थी. तभी उसको अपने खुद के रूम से आवाज़ सुनाई पड़ी,” नहीं विनोद भैया, यहाँ नहीं, ये तो शिल्पा का बेड है. मुझे अपने बेड पर ले चलो और अपनी दुल्हन बना लो” विनोद हंस कर बोला”जब मुझे अपना भैया बोल रही हो तो मैं भी तुझे अपनी बेहन के बिस्तर पर ही चोदुन्गा, मेरी प्यारी नीता बेहन! ओह भगवान, कितनी मस्त है तू! सारी रात मूठ मारता रहा हूँ मे तेरी याद मे!!”

शिल्पा दोनो की बातें सुन कर शरम से लाल हो गयी. उसने अपने कमरे के डोर के छेद मे से झाँकना शुरू कर दिया. अंदर विनोद भैया बिल्कुल नंगे खड़े थे और नीता मादरजात नंगी हो कर शिल्पा के बिस्तर पर लेटी हुई थी. विनोद भैया का लंड किसी काले नाग की तरह फूँकार रहा था और वो झुक कर नीता के जिस्म का एक एक भाग चूम रहे थे. नीता का गोरा बदन चमक रहा था और विनोद भैया ने उसको पैरों से चूमना शुरू किया. ज्यों ही उनके होंठ टाँगों के ऊपर जाने लगे तो नीता एक कामुक सिसकारी ले उठी”आआआआआआआआआआआआआआआआआआ….भैया..बस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स करूऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ….मत तडपाओ….ऊऊऊ….भैयाआआ….मेरी चूत मे आग लगा दी है आपने भैया….उूुउउफफफ्फ़…..हैईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई मैं मररर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर गाइिईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई..आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह!” लेकिन विनोद ने उसके जिस्म को चाटना नहीं छोड़ा और उसके होंठ अब नीता के घुटनो से ऊपर उसकी चिकनी जांघों तक जा पहुँचे थे.

शिल्पा का बदन भी एक अनोखी आग से भर गया और उसका हाथ अपनी चूत को सहलाने लगा.”काश विनोद भैया के होंठ मुझे चूम रहे होते!!!!” उधर नीता बिस्तर पर छत पटा रही थी. वो अपने चुतडो ऊपर उठा रही थी और विनोद उसके मादक जिस्म का एक एक इंच चूम रहा था. ” ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह….भैया…बस करो…आआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह…बेह्न्चोद अब चोद्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द दो मुझे…मेरी आग बुझा दो मेरे विनोद..बस करो अब..प्लीज़!!” लेकिन विनोद तो अब नीता की चूत पर जा पहुँचा था. नीता ज़ोर ज़ोर से अपनी चुचि मसल्ने लगी.” नाआआआआआआआआआआआआआआआअ….भैया..मेरी चूत नहीं…नाआआआआआआआआअ…हाआँ…हाआआन्न्‍नननननननननननननननननननननणणन्..चूसो..भैया…चूसो मेरी चूत….हाआआअन्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न!” विनोद ने अपनी ज़ुबान नीता की चूत मे घुसा डाली. नीता की चूत पर एक भी बाल नहीं था, शायद आज चुदाई की तैयारी कर के आई थी.

विनोद का मुँह अब नीता की चूत से चिपका हुआ था और उसकी ज़ुबान चूत का अमृत चाट रही थी. इधर शिल्पा ने अपनी सलवार का नाडा ढीला कर के अपना हाथ अपनी पैंटी के अंदर डाल लिया और चूत को रगड़ने लगी. उसकी चूत बुरी तरह मचल रही थी. अगर विनोद उसका भाई ना होता तो अभी जा कर अपनी सहेली के साथ चुदाई मे शामिल हो जाती. शिल्पा को अपने भैया का लंड किसी भयंकर हथियार जैसा लग रहा था. भैया का लंड बहुत विशाल था, कितना भयंकर और कितना प्यारा. विनोद अब नीता की चूत को फैला कर चाटने लगा. नीता अपनी चुचि मसल्ने लगी.

इधर शिल्पा अपनी चूत मे उंगली करने लगी. नीता ने अपनी टाँगों को विनोद के कंधों पर रख दिया था और वो मज़े से अपनी बेहन की सहेली की चूत चाट रहा था. कुच्छ देर तक चूत की चटाई चलती रही और फिर शिल्पा ने देखा कि उसका भाई खड़ा हो गया. उसका लंड सीधा तन कर आकड़ा हुआ था. विनोद ने नीता के सिर को पीच्छे से पकड़ कर उसके मुँह को अपने लंड की तरफ बढ़ा दिया. नीता को जैसे कुच्छ समझ ना आया हो. वो कामुक नज़र से विनोद को देखने लगी तो विनोद बोला”रानी अब अपने विनोद के लंड को नहीं चुसोगी? इसको चूस कर मुझे मस्त कर दो. मुझ से तेरा प्यार तभी पूरा होगा जब तुम मेरा लंड चुसोगी.”

नीता ने बिना कुच्छ बोले लंड को जड़ से पकड़ कर सुपाडे को चाटना शुरू कर दिया. विनोद ने उसके बालों मे हाथ फेरना शुरू कर दिया और एक हाथ से नीता की चुचि मसलनी शुरू कर दी. नीता विनोद के लंड पर ज़ुबना फेरती हुई लंड को चाट रही थी. उसके हाथ अपने यार के चुतडो पर थे और विनोद अपनी गांद आगे पीच्छे कर रहा था और नीता के मुँह का चोदन कर रहा था.

शिल्पा का उत्तेजना से बुरा हाल हो रहा था और उसकी चूत से रस की बरसात हो रही थी. वो अपनी उंगलिओ से चूत रगड़ रही थी और दूसरे हाथ से अपनी चुचि मसल रही थी. उसकी उंगलियाँ चूत रस से भीग चुकी थी और वो बे तहाशा उंगली चोदन कर रही थी.”विनोद, मेरे यार अब नहीं रहा जाता. अब जल्दी से पेल डालो मुझे. पता नहीं कब शिल्पा भी यहाँ पहुँच जाए. फिल्म के ख़तम होने से पहले मुझे यहाँ से निकल जाना चाहिए वेर्ना उसको शक हो जाएगा. मेरा ये पहला अवसर है चुदाई का, प्लीज़ ज़रा धीरे से करना. तेरा तो लंड भी बहुत ज़ालिम दिख रहा है. अपनी नीता की चूत को प्यार से चोद्ना, मेरे यार!”

विनोद ने फिर से नीता को बिस्तर पर लिटा दिया और उसके जिस्म को खींच कर बिस्तर के किनारे तक ले गया जिस से उसकी गांद बिस्तर के किनारे तक आ गयी. नीता ने अपनी मांसल जांघों को खोल दिया और विनोद ने उसके चुतडो के नीचे एक तकिया रख कर उसकी चूत को और ऊपर उठा दिया और फिर अपने सुपाडे को चूत पर टिका कर रगड़ने लगा. नीता ने अपनी टाँगें उसकी कमर पर बाँध रही थी और वो जल्दी से लंड अंदर डालने की गुज़ारिश कर रही थी,” विनोद, मेरे यार डाल भी दो ना,,, क्यो तड़पा रहे हो अपनी नीता को….पेल दो मुझे प्लीज़…ठोक दो अपना लंड मेरी चूत मे मेरे भाई….चोद डालो मुझे!!!”आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मजाआाआआआआआआआआआअ

विनोद ने देखा कि लोहा गरम है. उसने अपना लंड चूत के मुँह पर रख कर धक्का मारा. बे शक लंड भी चाटने से चिकना हो चुका और चूत भी पानी छोड़ रही थी, फिर भी नीता पीड़ा से चीख उठी,” आअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह…मरीईईईईईईईईई…मेरी माआआआआआआआआआआआआआआआ…मैं मरीईईईईईईईईईईईईईईईईईईई….बस करूऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ….निकाल लो…प्यार से डालो…ऊऊह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह….धीरे से विनोद!!!” लेकिन विनोद ने अपना मूह नीता के निपल पर रख दिया और चुदाई करते हुए चूसने लगा. उसके धक्के धीरे से लग रहे थे और वो मस्ती से चोद रहा था अपनी कुँवारी माशूका को. नीता को भी कुच्छ देर मे मज़ा आने लगा और वो भी चुतडो उच्छालने लगी.

विनोद की गति बढ़ रही थी जैसे जैसे उसकी वासना बढ़ रही थी. चूत चिकनी होने की वजह से लंड आसानी से अंदर बाहर हो रहा था.” बहुत मस्त है तेरी चूत, नीता, आज मेरा सपना पूरा हुआ….ऐसी लड़की का सपना देखा था मैने जो मुझे बहुत प्यार करती हो और जो तेरे जैसी सेक्सी हो…तुझे अपनी बना कर रखूँगा और ऐसे ही चोदुन्गा…तेरी चूत तो बस मक्खन जैसी चिकनी है रानी!!!” विनोद बोले जा रहा था और ताबड तोड़ धक्के मारते हुए चोद रहा था. शिल्पा की चूत मे उसकी तीन उंगलियाँ जा चुकी थी और वो बुरी तरह हाँफ रही थी और अपनी चुचि को मसल रही थी. शिल्पा अपनी सहेली और भैया की चुदाई देख कर पागल हो रही थी.

नेता ने कस के अपनी टाँगें विनोद की कमर पर बाँधी हुई थी और तेज़ साँस लेते हुए बोल रही थी,” भैया ज़ोर से चोदो…बहुत मज़ा मिल रहा है मुझे….पेलो भैया…आअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह…..ज़ोर से…..ऊओह…आअररररगगगगगगगगगगगगगगगगगग…चोद मुझे!!” विनोद ने भी चुदाई की रफ़्तार तूफ़ानी कर दी थी. उसकी कमर पिस्टन की तरह आगे पीच्छे हो रही थी. वो अपना लंड जड़ तक नीता की चूत मे घुसा देता और उसके अंडकोष नीता की गांद से टकरा जाते.” नीता मेरी रानी….अब मैं झड्ने वाला हूँ….रुक नहीं सकता….एयाया….ह्हाआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह….मेरा लंड पानी छोड़ने वाला है…..ऊहह…रानी मैं झाराआा…आअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह!!” लंड मशीन की तरह चुदाई कर रहा था और नीता आँखें बंद कर के धक्के का जवाब धक्के से दे रही थी.

“राजा, ज़ोर से चोदो…मैं भी झड रही हूँ..उउउहह….ऊऊ….अर्र्र्ग्ग्घ्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह…मैं गयी…चोद लो राजा…मैं तेरी हो गयी…भैया चोद लो मुझे” नीता भी कराह रही थी. बाहर शिल्पा की चूत पानी छोड़ रही थी. एक ही वक्त पर तीनो झाड़ रहे थे. विनोद का लंड जब अपना रस का फोव्वारा छोड़ रहा था तो नीता की चूत उसके लंड पर रस की बरसात कर रही थी और शिल्पा की चूत अपनी उंगली से ही चुदाई का मस्त मज़ा ले रही थी.

क्रमशः……………………….

Do kamuk saheliyaan-2

gataank se aage………………

Vinod ne apne aapko kostey hue nazar ghuma li aur apne khade hote lund ko bithane ki koshish karne laga. “Bhiaya aaj Neeta aayi thee, bahut tarif kar rahi thee aapki. Kya baat hai? Koi chakar vakar to nahin chal raha aap ke saath uska” Shilpa ne chutki li.” Nahin to! Kya kuchh keh rahi thee? Mujhe to milli nahin kayi dino se” Vinod ne jhuth bola. Shilpa shararat se boli,” Bhaiya jhuth mat bolo. Usne to ek chithi bhi dee hai aapke liye. Agar nahin chahiye to main nahin deti uski chithi. Agar usko bhabhi banane ka irada hai to bata do, meri saheli bahut pyari aur sexy hai”

Vinod jhat se bola,” Kahan hai chithi, Shilpa meri pyari behna, mujhe do na” Lekin Shilpa ithla kar boli,” Is me mujhe kya milega, mere pyare bhaiya? Chithi to meri jeb me hai” Vo apne seene ki jeb ki taraf ishara karti hui boli jahan uska seena uthan liya hue tha. Mal mal ki kurti me se uske kale nipple saaf nazar aa rahe thay. Vinod apni behan ke pass ja kar bola” Tujhe kya chahiye apne liye, Shilpa? Jo mango gi de doonga apni pyari behna ko” Shilpa tunka kar boli,” Sabhi kuchh to Neeta ko de doge, mujhe to kuchh na milega. Lo main ye chithi nahin doongi” Usne apni chuchi par haath rakh kar chithi dikhate hue kaha.

Vinod apni behan se chithi chheen lene ke liye badha to vo bhagne lagi aur Vinod ne usko peechhey se jakad liya aur uske haath apni behan ke vaksh sathal par chale gaye. isi hatha payi me uske haath apni behan ki chuchi ko daba gaye. Uski komal chuchi apne bhai ke sparsh se kadi ho uthi aur Vinod ka lund uski gaand me ghusne laga. Vinod ne haath dal kar apni behan ki jeb se chithi nikal li lekin uska lund ab baithne ka naam nahin le raha tha.” Maaf karna Shilpa meri behna.” Shilpa bhi kamukta ki vajah se uttejit ho chuki thee lekin laj ke karan boli,” Koi baat nahin bhaiya, aap ke haath to Neeta ke jism ko sparsh karne ke liye tadap rahe honge. Sach mano aaj to mujhe apni saheli se irsha ho rahi hai aur aap par pyar aa raha hai”

Vinod sharminda ho kar chithi le kar apne rom me chala gaya. Apni mashuk ki love letter padh kar usne muth mari aur dusre din ke suhane khwab ankhon me le kar so gaya. Us raat Shilpa ko chudayi ke sapne aa rahe thay jis me Vinod bhaiya Neeta ko nanga kar ke chod rahe thay. Vinod bhaiya ka lund kitna mota aur vishal tha! Neend me Shilpa apni chut ko haath se ragadne lagi aur savere jab uthi to uska pajama chut wale bhag se geela ho chuka tha. Shilpa ek romanchit mood me thee. Theen wakt par Neeta aa gayi aur dono saheliyaan film dekhne chali gayi. Film abhi shuru hi hui thee ki Neeta ka cell phone baja aur vo kuchh der baat karne ke baad boli,”Shilpa meri jaan, mujhe ghar jana hoga, mummy ki tabiyat theek na hai aur mujhe bulaya hai. Aisa karo, tum film dekho, ab ticket waste karne ka koi fayada na hoga, main fir kabhi film dekh loongi” Shilpa boli,”Theek hai”

” Neeta meri jaan, tu chal Vinod bhaiya ke pass. Sali tum dono ko range haath na pakda to mera naam Shilpa nahin. Sali apni saheli ko bevkoof banati hai!” Usne man hi man kaha aur Neeta ki matakati hui gaand ko jate hue dekhti rahi. 10 minute ke baad vo bhi bahar nikali aur rikshaw le kar ghar chal dee. Ghar ek dum soona tha. Dopahar ki dhup ne sabhi ko apne gharon me rehne ko mazboor kiya hua tha, Dabe pair Shilpa ghar me dakhil hui aur Vinod ke kamre ki taraf badhi. Koi awaz na aa rahi thee. Tabhi usko apne khud ke room se awaz sunayi padi,” Nahin Vinod bhaiya, yahan nahin, ye to Shilpa ka bed hai. Mujhe apne bed par le chalo aur apni dulhan bana lo” Vinod hans kar bola”Jab mujhe apna bhaiya bol rahi ho to main bhi tujhe apni behan ke bistar par hi chodunga, meri pyari Neeta behan! Oh Bhagwan, kitni mast hai tu! Sari raat muth marta raha hoon me teri yaad me!!”

Shilpa dono ki baaten sun kar sharam se laal ho gayi. Usne apne kamre ke door ke chhed me se jhankna shuru kar diya. Andar Vinod bhaiya bilkul nange khade thay aur Neeta maderzaat nangi ho kar Shilpa ke bistar par leti hui thee. Vinod bhaiya ka lund kisi kale naag ki tarah funkar raha tha aur vo jhuk kar Neeta ke jism ka ek ek bhag chum rahe thay. Neeta ka gora badan chamak raha tha aur Vinod bhaiya ne usko pairon se chumna shuru kya. Jion hi unke honth tangon ke oopar jane lage to Neeta ek kamuk siskari le uthi”aaaaa….bhaiya..bas karo….mat tadpayo….oooooo….bhaiyaaaaaa….meri chut me aag laga dee hai aapne bhaiya….uuuuuffff…..hai main mar gayiiiii..aaaahhhh!” Lekin Vinod ne uske jism ko chatna nahin choda aur uske honth ab Neeta ke ghutno se oopar uski chikni janghon tak ja pahunchey thay.

Shilpa ka badan bhi ek anokhi aag se bhar gaya aur uska haath apni chut ko sehlane laga.”Kash Vinod bhaiya ke honth mujhe chum rahe hote!!!!” Udhar Neeta bistar par chhat patta rahi thee. Vo apne chutaDo oopar utha rahi thee aur Vinod uske madak jism ka ek ek inch chum raha tha. ” Ohhhhh….Bhaiya…bas karo…aaaaaa…behnchod ab chod do mujhe…meri aag bujha do mere Vinod..bas karo ab..please!!” Lekin Vinod to ab Neeta ki chut par ja pahuncha tha. Neeta zor zor se apni chuchi masalne lagi.” Naaaaa….Bhaiya..meri chut nahin…naaaaa…haaan…haaaaaan..chuso..bhaiya…chuso meri chut….haaaaaaannnn!” Vinod ne apni zuban Neeta ki chut me ghusa dali. Neeta ki chut par ek bhi baal nahin tha, shayad aaj chudayi ki taiyari kar ke aayi thee.

Vinod ka munh ab Neeta ki chut se chipaka hua tha aur uski zuban chut ka amrit chat rahi thee. Idhar Shilpa ne apne salwar ka naaDaa dheela kar ke apna haath apni painty ke andar dal liya aur chut ko ragadne lagi. Uski chut buri tarah machal rahi thee. Agar Vinod uska bhai na hota to abhi ja kar apni saheli ke saath chudayi me shamil ho jati. Shilpa ko apne bhaiya ka lund kisi bhayanka hathiyar jaisa lag raha tha. Bhaiya ka lund bahut vishal tha, kitna bhayanka aur kitna pyara. Vinod ab Neeta ki chut ko faila kar chatne laga. Neeta apni chuchi masalne lagi.

Idhar Shilpa apni chut me ungli karne lagi. Neeta ne apni tangon ko Vinod ke kandhon par rakh diya tha aur vo maze se apni behan ki saheli ki chut chat raha tha. Kuchh der tak chut ki chatayi chalti rahi aur fir Shilpa ne dekha ki uska bhai khada ho gaya. Uska lund sedha tan kar akada hua tha. Vinod ne Neeta ke sir ko peechhey se pakad kar uske munh ko apne lund ki taraf badha diya. Neeta ko jaise kuchh samajh na aaiya ho. Vo kamuk nazar se Vinod ko dekhne lagi to Vinod bola”Rani ab apne Vinod ke lund ko nahin chusogi? Isko chus kar mujhe mast kar do. Mujh se tera pyar tabhi pura hoga jab tum mera lund chusogi.”

Neeta ne bina kuchh bole lund ko jad se pakad kar supade ko chatna shuru kar diya. Vinod ne uske balon me haath ferna shuru kar diya aur ek haath se Neeta ki chuchi masalni shuru kar dee. Neeta Vinod ke lund par zubna ferti hui lund ko chat rahi thee. Uske haath apne yaar ke chutaDo par thay aur Vinod apni gaand aage peechhey kar raha tha aur Neeta ke munh ka chodan kar raha tha.

Shilpa ka uttejanaa se bura hal ho raha tha aur uski chuct se ras ki barsat ho rahi thee. Vo apni unglion se chut ragad rahi thee aur dusre haath se apni chuchi masal rahi thee. Uski unglian chut ras se bheeg chuki thee aur vo be tahasha ungli chodan kar rahi thee.”Vinod, mere yaar ab nahin raha jata. Ab jaldi se pel dalo mujhe. Pata nahin kab Shilpa bhi yahan pahunch jaye. Film ke khatam hone se pehle mujhe yahan se nikal jana chahiya verna usko shak ho jayega. Mera ye pehla avsar hai chudayi ka, please zara dheere se karna. Tera to lund bhi bahut zalim dikh raha hai. Apni Neeta ki chut ko pyar se chodna, mere yaar!”

Vinod ne fir se Neeta ko bistar par lita diya aur uske jism ko kheench kar bistar ke kinare tak le gaya jis se uski gaand bistar ke kinare tak aa gayi. Neeta ne apni mansal janghon ko khol diya aur Vinod ne uske chutaDo ke neechey ek takya rakh kar uski chut ko aur oopar utha diya aur fir apne supade ko chut par tika kar ragadne laga. Neeta ne apni tangen uski kamae par baandh rahi thee aur vi jaldi se lund andar dalne ki guzarish kar rahi thee,” Vinod, mere yaar dal bhi do na,,, kyo tadapa rahe ho apni Neeta ko….pel do mujhe pleaseeee…thok do apna lund meri chut me mere bhai….chod dalo mujhe!!!”

Vinod ne dekha ki loha garam hai. Usne apna lund chut munh par rakh kar dhaka mara. Be shak lund bhi chatne se chikna ho chuka aur chut bhi pani chod rahi thee, fir bhi Neeta peeda se cheekh uthi,” aaahhhh…mari…meri maa…main mari….bas karo….nikal lo…pyar se dalo…oooohhhh….dheere se Vinod!!!” Leekin Vinod ne apna muh Neeta ke nipple par rakh diya aur chudayi karte hue chusne laga. Uske dhake dheere se lag rahe thay aur vo masti se chod raha tha apni kunwari mashooka ko. Neeta ko bhi kuchh der me maza aaney laga aur vo bhi chutaDo uchhalne lagi.

Vinod ki gati badh rahi thee jaise jaise uski vasna badh rahi thee. Chut chikni hone ki vajah se lund asani se andar bahar ho raha tha.” Bahut mast hai teri chut, Neeta, aaj mera sapna pura hua….aisi ladaki ka sapna dekha tha maine jo mujhe bahut pyar karti ho aur jo tere jaisi sexy ho…tujhe apni bana kar rakhunga aur essey hi chodunga…teri chut to bas makhna jaisi chikni hai rani!!!” Vinod bole ja raha tha aur tabad tod dhake marte hue chod raha tha. Shilpa ki chut me uski teen unglian ja chuki thee aur vo buri tarah haanf rahi thee aur apni chuchi ko masal rahi thee. Shilpa apni saheli aur bhaiya ki chudayi dekh kar pagal ho rahi thee.

Neta ne kas ke apni tangen Vinod ki kamar par bandhi hui thee uae tez saans lete hue bol rahi thee,” Bhaiya jor se chodo…bahut maza mil raha hai mujhe….pelo bhaiya…aaahhhhh…..zor se…..ooohhhh…aaarrrrhhhggg…chod mujhe!!” Vinod ne bhi chudayi ki raftar toofani kar di thi. Uski kamar piston ki tarah aage peechhey ho rahi thee. Vo apna lund jad tak Neeta ki chut me ghusa deta aur uske andkosh Neeta ki gaand se takara jate.” Neeta meri rani….ab main jharne wala hoon….ruk nahin sakta….aaaaa….hhaaaa….mera lund pani chodne wala hai…..oohhhh…rani main jharaaaaa…aaahhhh!!” Lund machine ki atrah chudayi kar raha tha aur Neeta aankhen band kar ke dhake ka jawab dahake se de rahi thee.

“Raja, jor se chodo…main bhi jhar rahi hoon..uuuhhhh….oooo….arrrggghhhh…main gayee…chod lo raja…main teri go gayi…bhaiya chod lo mujhe” Neeta bhi karaha rahi thee. Bahar Shilpa ki choot pani chod rahi thee. Ek hi wakt par teeno jhad rahe thay. Vinod ka lund jab apna ras ka fowara chod raha tha to Neeta ki chut uske lund par ras ki barsat kar rahi thee aur Shilpa ki chut apni ungli se hi chudayi ka mast maza le rahi thee.

kramashah……………………….

rajaarkey
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Re: Hindi Sex Stories By raj sharma

Unread post by rajaarkey » 15 Dec 2014 04:37

दो कामुक सहेलियाँ-3

गतान्क से आगे………………

विनोद औंधे मुँह नीता के नंगे जिस्म पर गिर पड़ा और नीता चुप चाप उसके नीचे पड़ी रही. शिल्पा ने अपनी सलवार का नाडा बाँधा और अपने आप को संभालते हुए चुप चाप घर से बाहर चली गयी. वो अब सीधा नीता के घर की तरफ गयी.

शिल्पा के कदम नीता के घर की तरफ बढ़ने लगे और उसके मन मे बस एक ही बात आ रही थी. “अगर नीता मेरे भाई के लंड से मज़े ले सकती है तो क्या मैं सुरेश से नहीं चुदवा सकती?” नीता का भाई सुरेश बेशक अभी 16 साल का था, लेकिन काफ़ी ताकतवर था. कभी कभी तो शिल्पा को शक होता था कि सुरेश शिल्पा और नीता की कंपनी मे रहने का बहाना ढूढ़ता रहता है लेकिन कभी उसने कोई ऐसी वैसी हरकत ना की थी. औरत अगर मर्द को पटाने की सोच ले तो मर्द की क्या हिम्मत है कि वो ना कर दे.

जब शिल्पा अपनी सहेली के घर के नज़दीक पहुचि तो एक बार फिर उसने अपने मन को मज़बूत किया कि आज जो भी हो जाए अगर सुरेश घर पर हुआ तो उसको अपनी चूत का स्वाद चखा कर ही जाएगी. चाहे कुच्छ भी हो जाए! शिल्पा की किस्मत अच्छी थी कि सुरेश घर पर ही था. घर दोपहर के वक्त खाली ही होता है. नीता की मम्मी स्कूल मे टीचर है और शाम को 6 बजे वापिस आती है और पापा तो हफ्ते मे दो दिन ही घर आते हैं. सुरेश का रूम बंद था लेकिन कुच्छ दबी दबी आवाज़ आ रही थी. अंदर से सेक्सी आवाज़ें आ रही थी. शिल्पा को पूरा यकीन था कि अंदर ब्लू फिल्म चल रही है. तो सुरेश अकेले मे ब्लू फिल्म देख रहा है?शिल्पा ने धीरे से डोर खोला. डोर कीतरफ पीठ कर के सुरेश खड़ा था, बिल्कुल नंगा. उसके गोरे चुतड आगे पीच्छे हो रहे थे. सामने ब्लू फिल्म चल रही थी. सुरेश साला बेह्न्चोद ब्लू फिल्म देखते हुए मूठ मार रहा था.

“ये क्या हो रहा है, सुरेश? टीवी पर क्या चल रहा है?” शिल्पा ने सख़्त आवाज़ मे कहा तो सुरेश बेचारा घबरा कर मुड़ा. उसके हाथ मे उसका 7 इंच का लंड एकदम टाइट हो कर पकड़ा हुआ था.” कुच्छ नहीं शिल्पा दीदी. नीता दीदी घर पर नहीं है….आप यहाँ? सॉरी दीदी…घर पर कोई नहीं था तो मैने सोचा कि……नीता दीदी को मत बताना…प्लीज़” सुरेश के मुँह पर पसीना आ चुका था. शिल्पा मुस्कुराइ और आगे बढ़ कर सुरेश के कंधे पर हाथ रख कर बोली,” बहनचोड़ मुझे दीदी कहता है और मेरे सामने लंड निकाल कर मूठ मारते हुए शरम नहीं आती? अब सच बता किस को याद कर के ये सब कर रहा था?” कहते हुए शिल्पा आगे की तरफ झुकी जिस कारण उसकी चुचि का काफ़ी बड़ा भाग नंगा हो गया. सुरेश की नज़र उसकी गोरी चुचि से हट नहीं रही थी.

” नहीं दीदी, ऐसी बात नहीं है….ये तो मैं पहले से ही कर रहा था…आप एक दम सामने आ गयी..मैं अभी कपड़े पहन लेता हूँ” वो हड़बड़ा कर बोल रहा था. शिल्पा ने उसकी नंगी छाती पर हाथ फेरते हुए उसके लंड पर हाथ रख दिया. लंड किसी व्याकुल जानवर की तरह फड़फड़ा उठा.” सुरेश मैं किसी को नहीं कहूँगी कि तुम यहाँ क्या कर रहे थे. तुम मुझे बताओ कि मूठ मारते हुए मुझे याद कर रहे थे या नहीं? तुमको मैं कैसी लगती हूँ. सपने मे मुझे कभी चोदा है या नहीं?” शिल्पा ने महसूस किया कि उसका लंड और भी टाइट हो गया है.

“नहीं दीदी….ऐसा तो नहीं है…..मैने कभी….” शिल्पा ने उसके लंड को मसल्ते हुए कहा” बहन्चोद तेरी ज़ुबान कुच्छ कह रही है और ये लंड कुच्छ और. तेरा लंड तो मेरे हाथ मे और भी कड़ा हो गया है, साले ये तो मुझे चोद्ने को तड़प रहा है और तू कहता है कि तुमने कभी अपनी शिल्पा दीदी को चोद्ने के बारे नहीं सोचा? सच बता, मैं तुझे कैसी लगती हूँ? अगर तेरा जवाब ठीक हुआ तो तुझे चूत मिल सकती है” सुरेश की समझ मे कुच्छ नहीं आ रहा था.” दीदी, आप तो बस पटाखा हो! आप बहुत सेक्सी हो…सच मे मैं आपको नंगा देखने के सपने देखता रहता हूँ…अभी भी मैं आपकी कल्पना मे मूठ मार रहा था. आप तो नीता दीदी से भी सेक्सी हो!” शिल्पा सारी बात समझ कर मुस्कुराइ,” तो साले नीता को भी कल्पना मे नंगा देखता है तू? उसको कभी नंगा देखा है क्या?” सुरेश ने गर्दन झुका कर कहा” हाँ दीदी. नीता दीदी को नहाते हुए देखा करता हूँ मैं बाथरूम मे. मैं क्या करूँ? औरत का जिस्म मुझे बेकाबू कर देता है वो चाहे मेरी दीदी का ही क्यो ना हो. मैं उसको चोद्ने के लिया पागल हो जाता हूँ”

“अच्छा बेटा, तो तू चोद्ने के लिए पागल हो जाता है? कितनी को चोद चुके हो, बेह्न्चोद?”शिल्पा को यकीन हो गया था कि आज सुरेश से चुदवा लेगी.”दीदी अभी तक किसी को असलियत मे नहीं चोदा. बस कल्पना मे ही.” सुरेश ने कहा. शिल्पा ने अपना हाथ उसके मस्त लंड के ऊपर नीचे करते हुए कहा” मुझे चोदोगे? अपनी शिल्पा दीदी की चूत चोदोगे? मुझे स्पर्श तो करो, मेरे भाई!” सुरेश का हाथ काँप रहा था जब उसने शिल्पा के सीने के उभार पर हाथ रखा. हाथ रखते ही उसकी चुचि मे आग लग गयी और उसने सुरेश के लंड को ज़ोर से थाम लिया और उसके निपल को चूसने लगी. सुरेश का तो सपना सच हो गया था.

सुरेश के हाथ शिल्पा की चुचि को मसल्ने लगे और दोनो वासना की दुनिया मे उतरते चले गये.”दीदी अपनी कमीज़ उतार दो और मुझे अपने उरोज़ देख लेने दो” वो बोल उठा तो शिल्पा ने उसको कहा”बहन्चोद, अपनी शिल्पा दीदी को चोद्ने वाले हो तो कमीज़ भी उतार लो ना, रोका किसने है?मुझे अपनी तरह नंगा कर दो सुरेश. अगर शिल्पा दीदी को खुश कर दिया तो नीता दीदी की चूत भी दिलवा दूँगी तुझे. मुझे नंगी कर दो भाई”

सुरेश ने आव देखा ना ताव और उसके कपड़े उतारने लगा. कमीज़ उतरते ही उसके सामने शिल्पा दीदी का तराशा हुआ जिस्म नंगा हो गया. उसके सीने का उठान ब्रा मे ग़ज़ब ढा रहा था, गोरी चुचि पर ब्राउन चुचक, सपाट पेट और पतली कमर देख कर उसका लंड उठक बैठक करने लगा. सुरेश ने पहले ब्रा के हुक खोले और फिर सलवार का नाडा खोला. वाह! पैंटी मे धकि हुई चूत किसी को पागल बना सकती थी. उसके चुतडो का उभार देखने लायक था. सुरेश ने उसके चुतडो पर हाथ फेरा और पैंटी को नीचे सरका दिया. शिल्पा ने मदहोशी मे सुरेश को गले लगा लिया और उसके होंठों पर अपने तपते हुए होंठ रख दिए. दोनो मादरजात नंगे हो कर एक दूसरे से चिपक कर एक दूसरे मे समा जाने की कोशिश करने लगे.

सुरेश का लंड अपनी शिल्पा दीदी की चूत के मुँह पर ठोकर मार रहा था और शिल्पा के निपल उसके सीने मे धँस रहे थे. वासना का तूफान उठ चुका था. सुरेश ने उसकी चुचि को दबा कर अपने होंठ चुचक पर रख दिए और चूमने लगा. सुरेश के होंठ और ज़ुबान को अपने निपल पर महसूस करते ही शिल्पा भड़क उठी और अपने हाथ को चूत पर ले जा कर मसल्ने लगी. चूत से रस की जो बरसात थोड़ी देर पहले बंद हुई थी, फिर से बरसने लगी.” सुरेश, जल्दी करो….मुझे बिस्तर पर ले चलो…मेरी प्यासी चूत को ठंडी कर दो…मैं जल रही हूँ..वासना मुझे जला रही है….अपना लंड मेरी प्यासी चूत मे डाल कर मुझे तृप्त कर दो मेरे भाई” सुरेश ने अपनी बालिश्ट बाज़ू मे अपनी प्यारी शिल्पा दीदी को उठाया और अपने मम्मी डॅडी के डबल बेड पर लिटा दिया.

दोनो गुथम गुत्था हो कर एक दूसरे के जिस्म को चूमने और चाटने लगे. साँसों का तूफान मचल रहा था और फिर अचानक शिल्पा के ऊपर चढ़ कर अपना लंड उसकी चूत पर रख कर सुरेश ने धक्का मार दिया, “उ…सुरेश, बेह्न्चोद बता तो देता कि पेलने लगे हो…मुझे बहुत दर्द हुआ है…आराम सेमेरे भाई..तेरी दीदी भी पहली बार चुद रही है…बेह्न्चोद कोई रंडी नहीं हूँ जो पेलते ही जा रहा है…कितना मोटा है तेरा…!” शिल्पा चीख ही पड़ी, लेकिन सुरेश रुका नहीं. सुरेश के कुंवारे लंड को शिल्पा दीदी की टाइट चूत नसीब हो गयी थी अब रुकने का काम ही क्या था. उसने शिल्पा दीदी के निपल को हाथों से मसलना शुरू कर दिया और उसकी गर्दन को चूमने शुरू कर दिया. चूत चाहे चिकनी थी फिर भी टाइट इतनी थी कि लंड का अंदर जाना मुश्किल हो रहा था.” चुप साली, चुप हो जा…चोद्ने दे मुहे अपनी प्यारी शिल्पा दीदी की चूत..कब से सपने मे चोद रहा हूँ…आज असल मे चोद लेने दो और अपने सुरेश भैया का लंड ले ले अपनी चूत मे” सुरेश फुन्कार उठा.

“बहन्चोद, अपनी दीदी का दूध पी ले….मेरी चुचि चूस मदेर्चोद…अपनी मम्मी के बेड पर अपनी बेहन को चोद रहे हो साले इसी बेड पर तेरे डॅडी तेरी मम्मी को चोद्ते हैं, साले चोद अपनी दीदी को!!” शिल्पा ने भी उसको उत्तेजित करने के लिए बोलना शुरू कर दिया. असल मे चूत रस के कारण अब लंड आसानी से चूत मे परविष्ट होने लगा था और दोनो को खूब मज़ा आ रहा था.” मम्मी को भी तो मज़ा आता ही होगा डॅडी के लंड से…तू भी ले ले मज़े मेरी प्यारी शिल्पा दीदी. ला मैं तेरा दूध पी लेता हूँ अगर मेरी दीदी को ये ही पसंद है…मम्मी का दूध तो पी चुका हूँ अब दीदी का भी पी लेता हूँ!!”

शिल्पा की नज़र के सामने अपने विनोद भाई का लंड घूम रहा था और अपनी सहेली की चुदाई का सीन एक बार फिर से उभर आया. उसने अपनी चुचि उठा कर सुरेश के मूह मे दे दी और वो प्यार से उसको चूसने लगा. शिल्पा मस्ती से भर गयी और चुतड उठा कर चुदने लगी.” वाह मेरे भाई..खूब चूस मेरी चुचि…चाट ले मेरी चुचि….चोद ले मेरी चूत..आआ…ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊ…बहुत मस्त है तेरा लोड्‍ा…..अपनी नीता दीदी को भी चोदेगा क्या?” सुरेश मस्ती मे चुचि चूस्ता रहा और फिर चुदाई की स्पीड बढ़ाता हुआ बोला”हां दीदी…नीता को भी चोदुन्गा..अगर उसने चुदवाया तो….अपनी मम्मी को भी….चुदाई मे इतना मज़ा मिलता है…पता नही था”

शिल्पा भी आनंद की चर्म सीमा पर थी. वो अपनी चूत सुरेश के लौडे पर ज़ोर ज़ोर से मार रही थी. फिर उसने एक हाथ नीचे ले जा कर उसके अंडकोष पकड़ लिया.” साले मम्मी को भी चोदेगा? पहले अपनी शिल्पा दीदी को तो चोद, मदेर्चोद! ज़ोर से चोद…..मिटा दे खुजली इस निगोडी चूत की…वाह मेरे भाई…हम तो घर मे लंड ना देख कर कितना तड़पे हैं….अब तो खुल चुके हैं…खूब पेलो मुझे…चोद लो अपनी बेहन को!” सुरेश तूफ्फानी स्पीड से चूत को चोद्ने लगा,” चोद तो रहा हूँ….और क्या मैं पूजा कर रहा हूँ..इस से पहले की मैं झाड़ जाऊ, दीदी तुम मेरे लंड पर चढ़ कर मुझे चोद लो….मेरे लंड की सवारी कर लो..मुझे नीचे लिटा कर चोदो मेरी प्यारी दीदी!”

शिल्पा की चूत से उसने लंड निकाल लिया और खुद बिस्तर पर लेट गया. शिल्पा दीदी का गदराया जिस्म देख कर उसकी वासना और भी बढ़ गयी. शिल्पा ने टाँगें चौड़ी कर के अपनी चूत को सुरेश के सुपाडे पर रख दिया और धीरे से दबाव डाला. इस बारी लंड आसानी से घुस गया. नाग देवता अपनी बिल का रास्ता पहचान चुके थे. शिल्पा ने अपना जिस्म लंड के ऊपर नीचे करना शुरू कर दिया. उसकी भारी चुचि मस्ती मे नाचने लगी. सुरेश ने उसके चुतडो को थाम कर नीचे से चोद्ना शुरू कर दिया और सिर उठा कर चुचि को मूह मे ले लिया और चूसने लगा. चुदाई अपनी चर्म सीमा पर थी. शिल्पा एक कुतिया की तरह हाँफ रही थी. तभी सुरेश का लंड छूट पड़ा. अंडकोषों से रस लंड की तरफ उठने लगा. उसने धक्के नीचे से और भी तेज़ कर दिए,” उफफफ्फ़..दीदी मैं झाड़ रहा हूँ…मेरा लंड अपनी दीदी की चूत मे झाड़ रहा है…दीदी मुझे माफ़ कर दो मैं झाड़ा”

गरम लावे की धारा शिल्पा की चूत मे जा गिरी और वो और भी ज़ोर से उठक बैठक करने लगी. उसकी चूत से रस बहने लगा था लेकिन उसको कुच्छ और देर चाहिए थी झड़ने के लिए, कुच्छ और लंड की पिटाई होनी थी उसकी चूत की तब जा कर उसकी चूत की संतुष्टि होनी थी. लेकिन चर्म-सीमा से पहुँचने से पहले ही सुरेश का लंड ढीला पड़ गया. सुरेश का लंड अभी शिल्पा की चूत मे ही था और वो दोनो एक दूसरे से लिपटे हुए थे. सुरेश ने शिल्पा के नंगे जिस्म को चूमते हुए पूछा” दीदी, कैसा लगा, मेरा लंड? मुझे तो तेरी चूत बहुत पसंद आई” शिल्पा का मन हुआ कि कह दे कि तेरे लंड मे दम नहीं है, लेकिन फिर सोचा कि बेचारे का पहला टाइम है. कोई बात नहीं धीरे धीरे तज़ुर्बे से एक्सपर्ट बन जाएगा. शिल्पा ने उसके मुँह को चूमते हुए कहा,” अपनी दीदी की चूत की धज़ियाँ उड़ा कर पूछ रहे हो कि लंड कैसा था. बहुत दम है तेरे लंड मे, मेरे छ्होटे भाई. ऐसे ही चुदाई करेगा तो चॅंपियन बनेगा एक दिन. अब बस करो, नीता आती ही होगी और मुझे खिसक लेना चाहिए”

शिल्पा ने कपड़े पहने और जाने लगी,” शिल्पा दीदी अब कब?” शिल्पा हंस पड़ी,” जल्दी ही, सुरेश. अगर लंड को आराम ना मिले तो नीता पर हाथ साफ कर लेना”

क्रमशः……………………….

Do kamuk saheliyaan-3

gataank se aage………………

Vinod aundhey munh Neeta ke nange jism par gir pada aur Neeta chup chaap uske neechey padi rahi. Shilpa ne apni salwar ka naaDaa bandha aur apne aap ko sambhalte hue chup chap ghar se bahar chali gayi. Vo ab seedha Neeta ke ghar ki taraf gayi.

Shilpa ke kadam Neeta ke ghar ki taraf badhne lage aur uske man me bas ek hi baat aa rahi thee. “Agar Neeta mere bhai ke lund se maze le sakti hai to kya main Suresh se nahin chudavaa sakti?” Neeta ka bhai Suresh beshak abhi 16 saal ka tha, lekin kafi takatwar tha. Kabhi kabhi to Shilpa ko shak hota tha ki Suresh Shilpa aur Neeta ki company me rehne ka bahana dhoodhta rehta hai lekin kabhi usne koi aisi vaisi harkat na ki thee. Aurat agar mard ko patane ki soch le to mard ki kya himmat hai ki vo na kar de.

Jab Shilpa apni saheli ke ghar ke nazdeek paunchi to ek bar fir usne apne man ko mazboot kya ki aaj jo bhi jaye agar Suresh ghar par hua to usko apni chut ka sawad chaka kar hi jayegi. Chahe kuchh bhi ho jaye! Shilpa ki kismat achhi thee ki Suresh ghar par hi tha. Ghar dopahar ke wakt khali hi hota hai. Neeta ki mummy school me teacher hai aur sham ko 6 baje vapis aati hai aur Papa to hafte me do din hi ghar aatey hain. Suresh ka room band tha lekin kuchh dabi dabi awaz aa rahi thee. Andar se sexy awazen aa rahi thee. Shilpa ko pura yakeen tha ki andar blue film chal rahi hai. To Suresh akele me blue film dekh raha hai?Shilpa ne dheere se door khola. Door kitaraf peeth kar ke Suresh khada tha, bilkul nanga. Uske gore chutaDo aage peechhey ho rahe thay. Samne bluefilm chal rahi thee. Suresh sala behnchod blue film dekhte hue muth mar raha tha.

“Ye kya ho raha hai, Suresh? TV par kya chal raha hai?” Shilpa ne sakht awaz me kaha to Suresh bechara ghabra kar muda. Uske haath me uska 7 inch ka lund ekdam tight ho kar pakda hua tha.” Kuchh nahin Shilpa didi. Neeta didi ghar par nahin hai….aap yahan? Sorry didi…ghar par koi nahin tha to maine socha ki……Neeta didi ko mat batana…please” Suresh ke munh par paseena aa chuka tha. Shilpa muskurayi aur aage badh kar Suresh ke kandhey par haath rakh kar boli,” Behnchod mujhe didi kehta hai aur mere samne lund nikal kar muth marte hue sharam nahin aati? Ab sach bata kis ko yaad kar ke ye sab kar raha tha?” Kehte hue Shilpa aage ki taraf jhuki jis karan uski chuhci ka kafi bada bhag nanga ho gaya. Suresh ki nazar uski gori chuchi se hat nahin rahi thee.

” Nahin didi, aisi baat nahin hai….ye to main pehle se hi kar raha tha…aap ek dam samne aa gayi..main abhi kapde pehan leta hoon” Vo hadbada kar bol raha tha. Shilpa ne uski nangi chhati par haath ferte hue uske lund par haath rakh diya. Lund kisi vyakul janwar ki tarah fadfada utha.” Suresh main kisi ko nahin kahungi ki tum yahan kya kar rahe thay. Tum mujhe batayo ki muth marte hue mujhe yaad kar rahe thay ya nahin? Tumko main kaisi lagati hoon. Sapne me mujhe kabhi choda hai ya nahin?” Shilpa ne mehsoos kya ki uska lund aur bhi tight ho gaya hai.

“Nahin didi….aisa to nahin hai…..maine kabhi….” Shilpa ne uske lund ko masalte hue kaha” Behnchod teri zuban kuchh keh rahi hai aur ye lund kuchh aur. Tera lund to mere haath me aur bhi kada ho gaya hai, sale ye to mujhe chodne ko tadap raha hai aur tu kehta hai ki tumne kabhi apni Shilpa didi ko chodne ke bare nahin socha? Sach bata, main tujhe kaisi lagati hoon? Agar tera jawab theek hua to tujhe chut mil sakti hai” Suresh ki samajh me kuchh nahin aa raha tha.” Didi, aap to bas patakha ho! Aap bahut sexy ho…sach me main aapko nanga dekhne ke sapne dekhta rehta hoon…abhi bhi main aapki kalpna me muth mar raha tha. Aap to Neeta didi se bhi sexy ho!” Shilpa sari baat samajh kar muskurayi,” To sale Neeta ko bhi kalpna me nanga dekhta hai tu? Usko kabhi nanga dekha hai kya?” Suresh ne gardan jhuka kar kaha” Han didi. Neeta didi ko nahate hue dekha karta hoon main bathroom me. Main kya karun? Aurat ka jism mujeh bekabu kar deta hai vo chahe meri didi ka hi kyo na ho. Main usko chodne ke liya pagal ho jata hoon”

“Achha beta, to tu chodne ke liye pagal ho jata hai? Kitni ko chod chukey ho, behnchod?”Shilpa ko yakeen ho gaya tha ki aaj Suresh se chudavaa legi.”Didi abhi tak kisi ko asaliyat me nahin choda. Bas kalpna me hi.” Suresh ne kaha. Shilpa ne apna haath uske mast lund ke oopar neechey karte hue kaha” Mujhe chodoge? Apni Shilpa didi ki chut chodoge? Mujhe sparsh to karo, mere bhai!” Suresh ka haath kaamp raha tha jab usne Shilpa ke seene ke ubhar par haath rakha. Hath rakhte hi uski chuchi me aag lag gayi aur usne Suresh ke lund ko zor se tham liya aur uske nipple ko chusne lagi. Suresh ka to sapna sach ho gaya tha.

Suresh ke haath Shilpa ki chuchi ko masalne lage aur dono vasna ki duniye me uttarte chale gaye.”Didi apni kamiz uttar do aur mujhe apne uroz dekh lene do” Vo bol utha to Shilpa ne usko kaha”Behnchod, apni Shilpa didi ko chodne wale ho to kamiz bhi uttar lo na, roka kisne hai?Mujhe apni taraha nanga kar do Suresh. Agar Shilpa didi ko khush kar diya to Neeta didi ki chut bhi dilwa doongi tujhe. Mujhe nangi kar do bhai”

Suresh ne aav dekha na taav aur uske kapde uttarne laga. Kamiz uttarte hi uske samne Shilpa didi ka tarasha hua jism nanga ho gaya. Uske seene ka uthan bra me gazab dha raha tha, gori chuchi par brown chuchak, sapat pet aur patli kamar dekh kar uska lund uthak baithak karne laga. Suresh ne pehle bra ke hook khole aur fir salwar ka naaDaa khola. Wah! Painty me dhaki hui chut kisi ko pagal bana sakti thee. Uske chutaDo ka ubhar dekhne layak tha. Suresh ne uske chutaDo par haath fera aur painty ko neechey sarka diya. Shilpa ne madhoshi me Suresh ko gale laga liya aur uske honthon par apne tapte hue honth rakh diye. Dono maderzat nange ho kar ek dusre se chipak kar ek dusre me sama jane ki koshish karne lage.

Suresh ka lund apni Shilpa didi ki chut ke munh par thokar mar raha tha aur Shilpa ke nipple uske seene me dhans rahe thay. Vasna ka toofan unmadh chuka tha. Suresh ne uski chuchi ko daba kar apne honth chuchak par rakh diye aur chumne laga. Suresh ke honth aur zuban ko apne nipple par mehsoos karte hi Shilpa bhadak uthi aur apne haath ko chut par le ja kar masalne lagi. Chut se ras ki jo barsat thodi der pehle band hui thee, fir se barasne lagi.” Suresh, jaldi karo….mujhe bistar par le chalo…meri payasi chut ko thandi kar do…main jal rahi hoon..vasna mujhe jala rahi hai….apna lund meri pyasi chut me dla kar mujhe tripat kar do mere bhai” Suresh ne apni balisht bazu me apni pyari Shilpa didi ko uthaya aur apne mummy daddy ke double bed par lita diya.

Dono gutham gutha ho kar ek dusre ke jism ko chumne aur chatne lage. Saanson ka toofan machal raha tha aur fir achanak Shilpa ke oopar chadh kar apna lund uski chut par rakh kar Suresh ne dhaka mar diya, “Uiii…Suresh, behnchod bata to deta ki pelne lage ho…mujhe bahut dard hua hai…aram semere bhai..teri didi bhi pehli bar chud rahi hai…behnchod koi randi nahin hoon jo pelte hi ja raha hai…kitna mota hai tera…!” Shilpa cheekh hi padi, lekin Suresh ruka nahin. Suresh ke kunware lund ko Shilpa didi ki tight chut nasib ho gayi thee ab rukne ka kaam hi kya tha. Usne Shilpa didi ke nipple ko haathon se masalna shuru kar diya aur uski gardan ko chumne shuru kar diya. Chut chahe chikni thee fir bhi tight itni thee ki lund ka andar jana mushkil ho raha tha.” Chup sali, chup ho ja…chodne de muhe apni pyari Shilpa didi ki chut..kab se sapne me chod raha hoon…aaj asal me chod lene do aur apne Suesh bhaiya ka lund le le apni chut me” Suresh funkar utha.

“Bhenchod, apni didi ka doodh pee le….meri chuchi chus maderchod…apni mummy ke bed apor apni behan ko chod rahe ho sale isi bed par tere daddy teri mummy ko chodte hain, sale chod apni didi ko!!” Shilpa ne bhi usko uttejit karne ke liye bolna shuru kar diya. Asal me chut ras ke karan ab lund asani se chut me parvisht hone laga tha aur dono ko khub maza aa raha tha.” Mummy ko bhi to maza aata hi hoga daddy ke lund se…tu bhi le le maze meri pyari Shilpa didi. La main tera doodh pee leta hoon agar meri didi ko ye hi pasand hai…mummy ka doodh to pee chuka hoon ab didi ka bhi pee leta hoon!!”

Shilpa ki nazar ke samen apne Vinod bhai ka lund ghum raha tha aur apni saheli ki chudayi ka scene ek bar fir se ubhar aaiya. Usne apni chuchi utha kar Suresh ke muh me de di aur vo pyar se usko chusne laga. Shilpa masti se bhar gayi aur cuttar utha kar chudane lagi.” Wah mere bhai..khub chus meri chuchi…chat le meri chuchi….chod le meri chut..aaaa…ooooooo…bahut mast hai tera loda…..apni Neeta didi ko bhi chodega kya?” Suresh masti me chiuchi chusta raha aur fir chudayi ki speed badhata hua bola”Haan didi…Neeta ko bhi chodunga..agar usne chudavaaya to….apni mummy ko bhi….chudayi me itna maza milta hai…pata mahin tha”

Shilpa bhi anand ki charm seema par thee. Vo apni chut Suresh ke lode par zor zor se mar rahi thee. Fir usne ek haath neechey le ja kar uske undkosh pakad liya.” Sale mummy ko bhi chodega? Pehle apni Shilpa didi ko to chod, maderchod! jor se chod…..mita de khujli is nigodi chut ki…wah mere bhai…hum to ghar me lund na dekh kar kitna tadape hain….ab to khul chuke hain…khub pelo mujhe…chod lo apni behan ko!” Suresh tooffani speed se chut ko chodne laga,” Chod to raha hoon….aur kya main puja kar raha hoon..is se pehle ki main jhad jaaoo, didi tum mere lun dpar chadh kar mujeh chod lo….mere lund ki sawari kar lo..mujhe neechey lita kar chodo meri pyari didi!”

Shilpa ki chut se usne lund nikal liya aur khud bistar per let gaya. Shilpa didi ka gadraya jism dekh kar uski vasna aur bhi badh gayi. Shilpa ne tangen chaudi kar ke apni chut ko Suresh ke supade par rakh diya aur dheere se dabav dala. Is bari lund asani se ghus gaya. Naag devta apni bill ka rasta pehchan chukey thay. Shilpa ne apna jism lund ke oopar neechey karna shuru kar diya. Uski bhari chuchi masti me naachne lagi. Suresh ne uske chutaDo ko tham kar neechey se chodna shuru kar diya aur sir utha kar chuchi ko muh me le liya aur chusne laga. Chudayi apni charm seema par thee. Shilpa ek kuttia ki tarah haanf rahi thee. Tabhi Suresh ka lund chhoot pada. Andkoshon se ras lund ki taraf uthane laga. Usne dhake neechey se aur bhi tez kar diye,” Uffff..didi main jhar raha hoon…mera lund apni didi ki chut me jhar raha hai…didi mujhe maaf kar do main jharaaa”

Garam laave ki dhara Shilpa ki chut me ja giri aur vo aur bhi zor se uthak baithak karne lagi. Uski chut se ras behne laga tha lekin usko kuchh aur der chahiye thee jhadne ke liye, kuchh aur lund ki pitayi honi thee uski chut ki tab ja kar uski chut ki santushti honi thee. Lekin charm-seema se pahunchne se pehle hi Suresh ka lund dheela pad gaya. Suresh ka lund abhi Shilpa ki chut me hi tha aur vo dono ek dusre se lipate hue thay. Suresh ne Shilpa ke nange jism ko chumte hue poochha” Didi, kaisa laga, mera lund? Mujhe to teri chut bahut pasand aayi” Shilpa ka man hua ki keh de ki tere lund me dum nahin hai, lekin fir soch ki bechare ka pehla time hai. Koi baat nahin dheere dheere tazurbe se expert ban jayega. Shilpa ne uske munh ko chumte hue kaha,” Apni didi ki chut ki dhajian uda kar pooch rahe ho ki lund kaisa tha. Bahut dum hai tere lund me, mere chhote bhai. Esse hi chudayi karega to champion banega ek din. Ab bas karo, Neeta aati hi hogi aur mujhe khisak lena chahiye”

Shilpa ne kapde pehne aur jane lagi,” Shilpa didi ab kab?” Shilpa hans padi,” Jaldi hi, Suresh. Agar lund ko aram na mile to Neeta par haath saf lar lena”

kramashah……………………….

rajaarkey
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Re: Hindi Sex Stories By raj sharma

Unread post by rajaarkey » 15 Dec 2014 04:38

दो कामुक सहेलियाँ-4

गतान्क से आगे………………

शिल्पा तेज़ी से घर की तरफ चल पड़ी. आसमान मे काले बदल आ चुके थे. किसी भी वक्त बारिश आ सकती थी. अभी वो घर से कुच्छ दूर थी कि बारिश ने आ घेरा और वो भीगने लगी, उसके कपड़े जिस्म से चिपक गये. वो तेज़ी से घर पहुँची. सोच रही थी कि नीता वहाँ होगी या नहीं. घर पर सिर्फ़ विनोद भैया थे. वो बाथरूम मे नहा रहे थे और बाथरूम मे पानी गिरने की आवाज़ आ रही थी. शिल्पा अपने रूम मे गयी और अपने गीले कपड़े उतारने लगी. उसने सलवार और फिर कमीज़ उतारी और टवल से अपने जिस्म को सुखाने लगी, उसके बालों से पानी टपक रहा था और वो उस वक्त ब्रा और पैंटी मे खड़ी थी जब बाथरूम का दरवाज़ा खुला और विनोद कमर पर टवल लपेटे बाहर निकला. शिल्पा की मांसल चुचि ब्रा ढकने मे कामयाब नहीं हो रही थी. उसकी टाइट पैंटी के बाहर शिल्पा के गोरे चुतड भीग कर चमक रहे थे.

भाई और बेहन की नज़रें मिली. नीता को चोद्ने के बाद विनोद का लंड शांत नहीं हुआ. उसके लंड की आग और भड़की हुई थी. अपनी सग़ी बेहन के लगभग नंगे जिस्म को देख कर विनोद के शरीर मे एक करेंट सा लगा. एक बार तो शिल्पा ने आँखें झुका ली. लेकिन उसको सॉफ दिखाई दिया कि विनोदा भैया के कमर पर लिपटे टवल मे कुच्छ हरकत हुई. जो नाग देवता दोपहर को नीता की बिल मे घुसे थे, फिर से सिर उठा रहे थे. झेम्प्ते हुए शिल्पा बोली,” भैया क्या देख रहे हो, मुझे शरम आ रही है. आप ने मुझे पहले कभी देखा नहीं है क्या?” विनोद भी झेंप गया और कमरे से बाहर चला गया.

अपने कमरे मे जा कर भी उसके मन से अपनी बेहन का भीगा बदन नहीं हट रहा था. शिल्पा का दूधिया बदन उसकी वासना को भड़का रहा था.विनोद की अंतरात्मा ने उसको कोसा,” साले विनोद, बेह्न्चोद, अपनी सग़ी बेहन की सहेली को चोद चुके हो और अब अपनी ही बेहन को वासना भरी नज़र से देख रहे हो! शरम आनी चाहिए तुझे! कई सोचती होगी शिल्पा?” विनोद ने लाख चाहा लेकिन शिल्पा के नंगे जिस्म की तस्वीर उसकी आँखों से नहीं हट रही थी. उसने रात के लिए निक्केर और टीशर्ट पहन ली और कमरे से बाहर निकला. तभी आकाश मे बिजली चमकी और बदल गरजे. उसी वक्त विनोद के मन मे शैतानी योजना ने जनम लिया.

शिल्पा का रूम बंद था. विनोद ने कीहोल से झाँका. शिल्पा कमरे के बीच बिल्कुल नंगी खड़ी हुई बिस्तर की तरफ झुकी हुई थी और उसकी मस्त गांद दरवाजे की तरफ थी. शिल्पा चादर पर हाथ फेर रही थी. उसके मस्त चुतडो के बीच उसकी गांद का छेद दिख रहा था. विनोद का लंड एक बार फिर मस्ती से खड़ा हो गया. तभी शिल्पा अलमारी की तरफ बढ़ी और एक पारदर्शी कुरती और ढीला सा पाजामा पहनने लगी. विनोद का दिल धक धक करने लगा जब उसने अपनी बेहन की फूली हुई चूत देखी. विनोद झट से दरवाज़े से हट गया और फ्रिड्ज से ठंडे कोक की बॉटल निकाल कर डाइनिंग रूम मे चला गया.

शैतानी प्लान जो उसके मन मे चल रहा था वो ये था कि कोक की बोत्तल मे उसने वोडका मिक्स कर डाली और दो ग्लास भर लिए. वो बिना अपनी बेहन को बताए वोड्का उसको पिला देगा. कोक की वजह से मीठा होने से शिल्पा को कुच्छ फरक नहीं पता चले गा और वोड्का के असर से शिल्पा पर मस्ती चढ़ जाएगी. इतनी सेक्सी बेहन को चोदे बिना आज की रात नहीं कटेगी. आज शैतानी भाई किसी भी कीमत पर अपनी बेहन को नहीं चोदेगा. आज की रात भाई बेहन के मिलन की रात होगी जिसको देख कर शैतान भी खुश हो जाएगा. बस अगर विनोद को नहीं पता था तो ये कि उसकी बेहन भी अपने भैया से चुदवाने की प्लान बना रही थी.

बारिश तेज़ हो चुकी थी. “भैया, देखो ना बारिश कितनी तेज़ है? मुझे तो डर लग रहा है. उफ्फ मुझे तो प्यास लगी हुई है” शिल्पा ने अंदर आते हुए कहा. “मैने तेरे लिए ये ड्रिंक बनाई है, शिल्पा” विनोद ने कहा और तभी उसकी नज़र अपनी बेहन के सीने पर चली गयी. शिल्पा के वक्ष-स्थल का उठान देख कर विनोद की साँस ऊपर की ऊपर रह गयी. शिल्पा की चुचि बहुत मस्त थी और चुचक बहुत नोकिले थे.” आओ बहना, मेरे पास बैठ जाओ” विनोद ने सोफे पर इशारा करते हुए कहा. शिल्पा चुतडो मटकती हुई भैया की बगल मे बैठ गयी.

“विनोद भैया, आज नीता आई थी क्या? उसकी मम्मी की तबीयत ठीक नहीं है शायद” शिल्पा ने ग्लास से घूँट भर कर पूछा. कोक के स्वाद मे कुच्छ कड़वापन था. वो समझ गयी कि कुच्छ गड़बड़ है. कहीं ऐसा तो नहीं की भैया मुझे पटाने की कोशिश मे हैं? चलो देखते हैं.” नीता, नहीं तो. तुझे नहीं मिली?” शिल्पा अपने भाई के झूठ से खुश हुई. यही झूठ आज उसको अपने भाई के लंड से चुदवाने मे हेल्प करेगा. एक ही घूँट मे उसने ग्लास खाली कर दिया और तभी उसके सिर मे कुच्छ होने लगा.” भैया मुझ से झूठ क्यो बोल रहे हो? मेरे बिस्तर पर मेरी सहेली को हम बिस्तर बनाया है आपने, मुझे पता है, मैने आपको देखा है अपनी इन आँखों से. बोलो सच है या नहीं?” शिल्पा ने अपना हाथ अपने भाई की नंगी जांघों पर रख कर पुछा.

विनोद ने अपना हाथ अपनी बेहन की मस्त चुचि पर रखा और बोला” शिल्पा, अगर सब देख ही चुकी हो तो पूछ क्यो रही हो? नीता मुझ से चुदने को मचल रही थी और मैं भी तो जवान मर्द हूँ. जवानी मे मर्द का लंड कुच्छ नहीं देखता, शिल्पा” कहते ही उसने अपनी बेहन की भारी भारी चुचि को मसल दिया,” औरत बेशक मर्द की बेहन की सहेली हो या उसकी बेहन ही क्यो ना हो” शिल्पा के मुँह से एक कामुक सिसकारी निकल गयी और उसका हाथ भी अपने आप विनोद के उठाते हुए लंड पर चला गया.” तो फिर बेहन को इतनी देर से क्यो नहीं चोदा, भैया? आपको अपनी बेहन की जवानी पर तरस क्यो नहीं आया? उस छिनाल नीता को मेरे ही बिस्तर पर क्यो चोदा आपने? भैया बताओ ना? तुम जानते हो कि आपके लंड पर मेरा अधिकार है, फिर नीता को क्यो चोदा आपने?”

विनोद को ये उम्मीद ना थी कि उसकी बेहन खुद ही चुदवाने के लिए तैयार हो जाएगी. वो सम्भल कर बोला,” इसी लिए तो मैं उसे तेरे बिस्तर पर ले कर गया था क्यो कि मैं अपनी बेहन को चोद्ना चाहता था, शिल्पा, मुझे डर था कि तू नाराज़ ना हो जाए. खैर अब मुझे पता चल गया है कि मेरी बेहन भी मेरे लंड से प्यार करती है तो तुझे ही चोदुन्गा, और किसी को नहीं” विनोद अपनी बेहन को चूमने लगा, उसकी चुचि को मसल्ने लगा और वासना भरी हरकत करने लगा. शराब और वासना का संगम अब शिल्पा के बदन मे आग लगा रहा था. उसने अपने भैया की निक्केर की ज़िप खोल डाली और लंड बाहर निकाल लिया.

“भैया, मुझे प्यार करते रहो….मेरी चूत को वैसे ही चोद्ना जैसे मेरी सहेली को चोदा था….इस बरसात की रात को कभी ना भुला देने वाली रात बना दो मेरे भाई…अपनी बेहन को चोद कर उसको अपना लो भैया!” शिल्पा बोल रही थी और विनोद अपनी किस्मत पर खुश हो रहा था. उसने एक ही झटके मे उसकी कुरती उतार डाली और शिल्पा की गोरी चुचि नंगी हो गयी. उसकी बेहन तो नीता से भी अधिक सेक्सी थी. आज तो उसकी लॉटरी निकल पड़ी थी, पहले नीता और अब उसकी सेक्सी बेहन शिल्पा चुदने के लिए मिन्नत कर रही थी. विनोद के हाथ अब शिल्पा का पाजामा खोलने लगे. वाह! शिल्पा ने नीचे पैंटी भी नहीं पहनी थी. शेव की हुई फूली हुई चूत देख कर विनोद मस्ती मे भर गया. उसका लंड निक्केर से बाहर आने के लिए तड़प रहा था.

“मेरी प्यारी बहना, अपने भाई का हथियार तो बाहर निकालो! मेरा लंड तेरे कोमल हाथों का स्पर्श महसूस करना चाहता है, मेरी निक्केर खोल कर मेरा लंड अपने हाथ मे ले लो मेरी बहना!” विनोद अब खुले शब्दों मे बोल रहा था और दोनो भाई बेहन लाज शरम छोड़ कर सेक्स की दुनिया मे उतर चुके थे. शिल्पा ने हाथ बढ़ा कर अपने भैया की निक्केर नीचे सरका डाली और भैया के काले लंड को हाथ मे ले कर उसको आगे पीच्छे करने लगी. उसके भैया का लंड सुरेश के लंड से काफ़ी मोटा और लंबा था. लंड एक गरम लोहे की रोड की तरह आकड़ा हुआ था और उसको स्पर्श करते ही शिल्पा उत्तेजना से काँप उठी.

शिल्पा की उंगलियाँ भैया के सुपाडे को स्पर्श करने लगी और उसने महसूस किया कि कुच्छ लंड रस का पानी उसके हाथ मे लग चुका था. एक हाथ से भैया के अंडकोष स्पर्श करते हुए शिल्पा ने अपने होंठ भैया के मस्त लंड पर रख दिए. विनोद ने अपने हाथ अपनी बहन के सिर के पीछे रखते हुए उसके बाल खोल दिए और अपनी कमर उचका कर मुँह चोदन करने लगा. शिल्पा की कोमल उंगलियाँ उसके अंडकोष से खेल रही थी और उसका रेशमी मुँह उसके लंड को चूसने लगा. शिल्पा ने ऐसा स्वाद कभी ना चखा था. वो उत्तेजित होती हुई अधिक से अधिक लंड को मूह मे लेने लगी और फिर सूपड़ा उसके कंठ से टकराने लगा. जब वो लंड को मुँह से बाहर निकलती तो “पच” की आवाज़ कमरे मे गूँज जाती.

विनोद का लंड अब मस्त से उच्छल रहा था लेकिन वो भी अपनी बेहन के ख़ज़ाने को स्पर्श करना चाहता था, चूमना चाहता था. विनोद ने शिल्पा की चुचि को मसल्ते हुए कहा” मेरी प्यारी बहना, अब मुझे भी अपनी चूत पर हाथ लगाने का मौका दो, इसका स्वाद चखने दो, चलो हम बिस्तर पर चलते हैं जहाँ हम जिस्मानी मिलन मे बँध जाएँ और हम भाई बेहन मे कोई फासला ना रहे” शिल्पा ने अपनी भैया का लंड चूसना बंद कर दिया और अपनी गुलाबी आँखों से अपने भैया को प्यार से निहारती हुई मुस्कुरा कर बोली,”भैया जब तुमको सब कुच्छ सौंपने का फ़ैसला कर लिया है तो मुझे जहाँ चाहो ले चलो. अब से तेरी बहना सिर्फ़ तेरी है. जो चाहो कर लो और जो चाहो करवा लो अपनी बेहन से”

नग्न अवस्था मे दोनो भाई और बेहन बिस्तर की तरफ बढ़ गये. विनोद पीछे था और अपनी बेहन की मस्त गांद को ठुमक ठुमक करते हुए देख कर मस्ती से भर गया.”एक दिन शिल्पा की गांद ज़रूर चोदुन्गा” उसने मन ही मन अपने आप से कहा. पलंग पर जा कर शिल्पा बैठ गयी और विनोद उसके साथ चिपक कर उसको चूमने लगा. विनोद को अपनी बेहन के होंठों से अपने लंड का स्वाद आ रहा था. भाई ने बहना को बिस्तर पर लिटाया और उसकी टाँगों को फैलाते हुए अपनी सग़ी बेहन की चूत पर अपने होंठ जमा दिए.

शिल्पा की चूत मक्खन जैसी मुलायम थी लेकिन उसमे से एक आग की गरमी निकल रही थी. विनोद के तपते होंठ अपनी बेहन की की चूत के आस पास घूमने लगे और उसकी ज़ुबान चूत के होंठों को चूमने लगी. भाई की गरम साँसें बेहन की चूत को भड़का रही थी और प्यासी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया.” ओह..भैयाआ…तुम ने कैसी आग लगा दी है मेरे जिस्म मे…मेरी चूत फड़ फाडा रही है…ऊओह मेरे भाई…सम्भालो मुझे….मेरी आग शांत कर दो मेरे भैया…मैं मर जाऊगी मेरे भैया…आअहह….भगवाआअँ…मत तड्पाओ भैयाआआ!!!” विनोद अपनी ज़ुबान को शिल्पा की चूत मे घुस चुका था और शिल्पा अपने चुतडो ऊपर उठा रही थी ता कि अपने भाई की ज़ुबान को आसानी से अपनी चूत मे समा ले.

क्रमशः……………………….

Do kamuk saheliyaan-4

gataank se aage………………

Shilpa tezi se ghar ki taraf chal padi. Aasman me kale badal aa chukey thay. Kisi bhi wakt barish aa sakti thee. Abhi vo ghar se kuchh dur thee ki barish ne aa ghera aur vo bheegne lagi, uske kapde jism se chipak gaye. Vo tezi se ghar pahunchi. Soch rahi thee ki Neeta wahan hogi ya nahin. Ghar par sirf Vinod bhaiya thay. Vo bathroom nein naha rahe thay aur bathroom nein pani girne ki awaz aa rahi thee. Shilpa apne room me gayi aur apne geele kapde uttarne lagi. Usne salwar aur fir kamiz utari aur towel se apne jism ko sukhane lagi, uske balon se pani tapak raha tha aur vo us wakt bra aur painty me khadi thee jab bathroom ka darwaza khula aur Vinod kamar par towel lapete bahar nikla. Shilpa ki mansal chuchi bra dhakne me kamyab nahin ho rahi thee. Uski tight painty ke bahar Shilpa ke gore chutaDo bheeg kar chamak rahe thay.

Bhai aur behan ki nazaren mili. Neeta ko chodne ke baad Vinod ka lund shant nahin hua. Uske lund ki aag aur bhadaki hui thee. Apni sagi behan ke lagbhag nange jism ko dekh kar Vinod ke sharir me ek current sa laga. Ek bar to Shilpa ne aankhen jhuka li. Lekin usko saaf dikhayi diya ki Vinoda bhaiya ke kamar par lipate towel me kuchh harkat hui. Jo naag devta dopahar ko Neeta ki bill me ghuse thay, fir se sir utha rahe thay. Jhempte hue Shilpa boli,” Bhaiya kya dekh rahe ho, mujhe sharam aa rahi hai. Aap ne mujhe pehle kabhi dekha nahin hai kya?” Vinod bhi jhemp gaya aur kamre se bahar chala gaya.

Apne kamre me ja kar bhi uske man se apni behan ka bheega badan nahin hat raha tha. Shilpa ka dudhiya badan uski vasna ko bhadka raha tha.Vinod ki antaratma ne usko kosa,” Sale Vinod, behnchod, apni sagi behan ki saheli ko chod chukey ho aur ab apni hi behan ko vasna bhari nazar se dekh rahe ho! Sharam aani chahiye tujhe! Kai shochati hogi Shilpa?” Vinod ne lakh chaha lekin Shilpa ke nange jism ki tasveer uski ankhon se nahin hat rahi thee. Usne raat ke liye nicker aur Tshirt pehan li aur kamre se bahar nikla. Tabhi akash me bijali chamaki aur badal garje. Usi wakt Vinod ke man me shaitani yojna ne janam liya.

Shilpa ka room band tha. Vinod ne keyhole se jhanka. Shilpa kamre ke beech bilkul nangi khadi hui bistar ki taraf jhuki hui thee aur uski mast gaand garwazwe ki taraf thee. Shilpa chadar par haath fer rahi thee. Uske mast chutaDo ke beech uski gaand ka chhed dikh raha tha. Vinod ka lund ek bar fir masti se khada ho gaya. Tabhi Shilpa almari ki taraf badhi aur ek pardarshi kurti aur dheela sa pajama pehanane lagi. Vinod ka dil dhak dhak karnee laga jab usne apni behan ki puli hui choot dekhi. Vinod jhat se darwaze se hat gaya aur fridge se thande coke ki bottle nikal kar dinning room me chala gaya.

Shaitani plan jo uske man me chal raha tha vo ye tha ki coke ki ottle me usne vodka mix kar dali aur do glass bhar liye. Vo bina apni behan ko bataye vodka usko pila dega. Coke ki vajah se meetha hone se Shilpa ko kuchh farak nahin pata chale ga aur vodka ke asar se Shilpa par masti chadh jayegi. Itni sexy behan ko chode bina aaj ki raat nahin kategi. Aaj shaitani bhai kisi bhi kimat par apni behan ko nahin chodega. Aaj ki raat bhai behan ke milan ki raat hogi jisko dekh kar shaitan bhi khush ho jayega. Bas agar Vinod ko nahin pata tha to ye ki uski behan bhi apne bhaiya se chudavaane ki plan bana rahi thee.

Barish tez ho chuki thee. “Bhaiya, dekho na barish kitni tez hai? Mujhe to dar lag raha hai. Uff mujhe to pyas lagi hui hai” Shilpa ne andar aate hue kaha. “Maine tere liye ye drink banayi hai, Shilpa” Vinod ne kaha aur tabhi uski nazar apni behan ke seene par chali gayi. Shilpa ke vaksh-sathal ka uthan dekh kar Vinod ki saans oopar ki oopar reh gayi. Shilpa k chuchi bahut mast thee aur chuchak bahut nokile thay.” Aayo behna, mere pass baith jayo” Vinod ne sofe par ishara karte hue kaha. Shilpa chutaDo matakati hui bhaiya ki bagal me baith gayi.

“Vinod bhaiya, aaj Neeta aayi thee kya? Uski mummy ki tabiyat theek nahin hai shayad” Shilpa ne glass se ghoont bhar kar poochha. Coke ke swad me kuchh kadwapaint tha. Vo samajh gayi ki kuchh gadbad hai. Kahin aisa to nahin ki bhaiya mujhe patane ki koshish me hain? Cahlo dekhte hain.” Neeta, nahin to. Tujhe nahin mili?” Shilpa apne bhai ke jhuth se khush hui. Yahi jhooth aaj usko apne bhai ke lund se chudavaane me help karega. Ek hi ghunt mien usne glass khali kar diya aur tabhi uske sir me kuchh hone laga.” Bhaiya mujh se jhuth kyo bol rahe ho? Mere bistar par meri saheli ko humbistar banaya hai aapne, mujhe pata hai, maine aapko dekha hai apni inn ankhon se. Bolo sach hai ya nahin?” Shilpa ne apna haath apne bhai ki nangi janghon par rakh kar puchha.

Vinod ne apna haath apni behan ki mast chuchi par rakha aur bola” Shilpa, agar sab dekh hi chuki ho to poochh kyo rahi ho? Neeta mujh se chudane ko machal rahi thee aur main bhi to jawan mard hoon. Jawani me mard ka lund kuchh nahin dekhta, shilpa” Kehte hi usne apni behan ki bhari bhari chuchi ko masal diya,” Aurat beshak mard ki behan ki saheli ho ya uski behan hi kyo na ho” Shilpa ke munh se ek kamuk siskari niikal gayi aur uska haath bhi apne aap Vinod ke uthatey hue lund par chala gaya.” To fir behan ko itni der se kyo nahin choda, bhaiya? Aapko apni behan ki jawani par taras kyo nahin aaiya? Us chhinal Neeta ko mere hi bistar par kyo chod aapne? Bhaiya batayo na? Tum jante ho ki aapke lund par mera adhikar hai, fir Neeta ko kyo choda aapne?”

Vinod ko ye umeed na thee ki uski behan khud hi chudavaane ke liye taiyar ho jayegi. Vo sambhal kar bola,” Isi liye to mainusko tere bistar par le kar gaya tha kyo ki main apni behan ko chodna chahta tha, Shilpa, mujhe dar tha ki tu naaDaaz na ho jaye. Khair ab mujhe pata chal gaya hai ki meri behan bhi mere lund se pyar karti hai to tujhe hi chodunga, aur kisi ko nahin” Vinod apni behan k chumne laga, uski chuchi ko masalne laga aur vasna bhari harakt karne laga. Sharab aur vasna ka sangam ab Shilpa ke badan me aag laga raha tha. Usne apne bhaiya ki nicker ki zip khol dali aur lund bahar nikal liya.

“Bhaiya, mujhe pyar karte raho….meri chut ko vaise hi chodna jaise meri saheli ko choda tha….Is barsat ki raat ko kabhi na bhula dene wali raat bana do mere bhai…apni behan ko chod kar usko apna lo bhaiya!” Shilpa bol rahi thee aur Vinod apni kismat par khush ho raha tha. Usne ek hi jhatake me uski kurti uttar dali aur Shilpa ki gori chuchi nangi ho gayi. Uski behan to Neeta se bhi adhik sexy thee. Aaj to uski lottery nikal padi thee, pehle Neeta aur ab uski sexy behan Shilpa chudane ke liye minnat kar rahi thee. Vinod ke haath ab Shilpa ka pajama kholne lage. Wah! Shilpa ne neechey painty bhi nahin pehni thee. Shave ki hui phuli hui chut dekh kar Vinod masti me bhar gaya. Uska lund nicker se bahar aane ke liye tadap raha tha.

“Meri pyari behna, apne bhai ka hathiyar to bahar nikalo! Mera lund tere komal haathon ka sparsh mehsoos karna chahta hai, meri nicker khol kar mera lund apne haath me le lo meri behna!” Vinod ab khule shabdon me bol raha tha aur dono bhai behan laj sharam chod kar sex ki duniya me uttar chukey thay. Shilpa ne haath badha kat apne bhaiya ki nicker neechey sarka dali aur bhaiya ke kale lund ko haath me le kar usko aage peechhey karne lagi. Uske bhaiya ka lund Suresh ke lund se kafi mota aur lamba tha. Lund ek garam lohe ki rod ki tarah akda hua tha aur usko sparsh karte hi Shilpa uttejanaa se kaamp uthi.

Shilpa ki unglian bhaiya ke supade ko sparsh karne lagi aur usne mehsoos kya ki kuchh lund ras ka pani uske haath me lag chuka tha. Ek haath se bhaiya ke andkosh sparsh karte hue Shilpa ne pane honth bhaiya ke mast lund par rakh diye. Vinod ne apne haath apni ebhan ke sir ke peechhey rakhate hue uske bal khol diye aur apni kamar uchaka kar munh chodan karne laga. Shilpa ki komal unglian uske andkosh se khel rahi thee aur uska reshami munh uske lund ko chusne laga. Shilpa ne aisa swad kabhi na chakha tha. Vo uttejit hoti hui adhik se adhik lund ko muh me lene lagi aur fir supada uske kanth se takrane laga. Jab vo lund ko munh se bahar nikalti to “Puch” ki awaz kamre me goonj jati.

Vinod ka lund ab mast se uchhal raha tha lekin vo bhi apni behan ke khazane ko sparsh karna chahta tha, chumna chahta tha. Vinod ne Shilpa ki chuchi ko masalte hue kaha” Meri pyari behna, ab mujhe bhi apni chut par haath lagane ka mauka do, iska swad chakne do, chalo hum bistar par chalyte hain jahan hum jismani milan me bandh jayen aur hum bhai behan me koi fasla na rahe” Shilpa ne apni bhaiyaka lund chusna band kar diya aur apni gulabi ankhon se apne bhaiya ko pyar se niharti hui muskura kar boli,”Bhaiya jab tumko sab kuchh saumpne ka faisla kar liya hai to mujeh jahan chaho le chalo. Ab se teri behna sirf teri hai. Jo chaho kar lo aur jo chaho karwa lo apni behan se”

Nagan awastha me dono bhai aur behan bistar ki taraf badh gaye. Vinod peechey tha aur apni behan ki mast gaand ko thumak thumak karte hue dekh kar masti se bhar gaya.”Ek din Shilpa ki gaand zarur chodunga” usne man hi man apne aap se kaha. Palang par ja kar Shilpa baith gayi aur Vinod uske saath chipak kar usko chumne laga. Vinod ko apni behan ke honthon se apne lund ka swad aa raha tha. Bhai ne behna ko bistar par litaya aur uski tangon ko failate hue apni sagi behan ki chut par apne honth jama diye.

Shilpa ki chut makhan jaisi mulyam thee lekin usme se ek aag ki garami nikal rahi thee. Vinod ke tapte honth apni behan ki ki chut ke ass pass ghumne lage aur uski zuban chut ke honthon ko chumne lagi. Bhai ki garam saansen behan ki chut ko bhadka rahi thee aur pyasi chut ne pani chodna shuru kar diya.” Ohhhhhh..bhaiyaaaa…tum ne kaisi aag laga dee hai mere jism me…meri chut phad phada rahi hai…ooohh mere bhai…sambhalo mujhe….meri aag shant kar do mere bhaiya…main mar jaaoogi mere bhaiya…aaahhhh….bhagwaaaaan…mat tadpayo bhaiyaaaaaa!!!” Vinod apni zuban ko Shilpa ki chut me ghusa chuka tha aur Shilpa apne chutaDo oopar utha rahi thee ta ki apne bhai ki zuban ko asani se apni chut me sama le.

kramashah……………………….