अजब प्रेम की गजब कहानी compleet

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rajaarkey
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Re: अजब प्रेम की गजब कहानी

Unread post by rajaarkey » 15 Oct 2014 08:47

अवी- उसे बेड पर लेटा देता है और उसके साइड मे लेट कर उसे तुरंत अपनी बाँहो मे भर लेता है

डिंपल- उससे छूटने का झूठा नाटक करते हुए, अवी प्लीज़ ये सब मत कर

अवी- अरे दीदी मुझे नही मालूम था कि तुम्हारी इन बाँहो मे इतना सुख मिलता है आज मैं तुम्हे रात भर नही सोने दूँगा

और फिर अवी उसे पागलो की तरह कभी उसके गालो को कभी उसके गले को और कभी उसके होंठो को चूमने लगता है और अपने एक हाथ से उसे अपनी ओर दबाए हुए दूसरे हाथ से उसके मोटे-मोटे दूध को कस कर पकड़ कर दबाने लगता है

और डिंपल अपनी आँखे बंद किए हुए उससे चिपकी रहती है, अवी डिंपल के होंठो को चूस-चूस कर लाल कर देता है और उसका लंड उसके पेंट मे तन कर खड़ा हो जाता है, कुछ देर तक डिंपल को बुरी तरह मसल्ने के बाद

अवी- दीदी आँखे खोलो ना

डिंपल- अपनी आँखे खोल कर उसे देखती है और अवी यह क्या कर रही थी तुम मुझसे चिपक कर

डिंपल मुस्कुराते हुए उसके सीने पर मारती हुई छ्चोड़ मुझे

अवी- दीदी मैं तुम्हारी जीन्स उतार दू

डिंपल- एक दम से बैठते हुए, उसको घूर कर देखती हुई तू पागल हो गया है, तूने सोच भी कैसे लिया कि मैं तेरे सामने

अवी- प्लीज़ दीदी उतार दो ना मैं तुम्हे पूरी नंगी देखना चाहता हू

डिंपल- उसको गुस्से से देखती हुई, तुझे शर्म नही आती मुझसे ऐसी बात कहते हुए

अवी- तो इसमे ग़लत क्या है मैं तुम्हे पूरी नंगी करके अपने सीने से लगाना चाहता हू

डिंपल- अवी बहुत हो गया तेरा नाटक अब होश मे आ जा

अवी- एक दम से उसके होंठ चूस्ते हुए उसके मोटे-मोटे दूध को मसल देता है और डिंपल उसे एक झटके मे दूर करके बेड से उतार कर खड़ी हो जाती है

अवी- दीदी यह क्या है तुम मेरी बात सीधे -सीधे मनोगी या नही

डिंपल- गुस्से से उसे देखती हुई कभी नही

अवी- ठीक है तो मैं तुम्हे ज़बरदस्ती नंगी कर दूँगा

डिंपल- अपनी उंगली दिखाते हुए गुस्से से मुझे हाथ भी लगाया तो मैं तेरा मूह तोड़ दूँगी

अवी- जब तुम्हे कुछ नही करना था तो क्यो आई थी यहा जाओ वापस चली जाओ, और आज के बाद मुझसे बात मत करना

डिंपल- कुछ नरम पड़ते हुए देख अवी जो तू चाह रहा है वह ग़लत है और मैं तेरे साथ ऐसा नही कर सकती हू

अवी- ग़लत ही सही पर मैं तुम्हे नंगी देखना चाहता हू

डिंपल- अवी प्लीज़ चुप हो जा और उधर सरक मुझे सोने दे

अवी -दूसरी तरफ सरक जाता है और डिंपल उसके बगल मे लेट कर उसकी ओर अपनी पीठ कर लेती है अवी उसके साथ कस कर चिपक जाता है और

अवी- ठीक है दीदी तुम आज जब सो जाओगी तब मैं रात को तुम्हे चुपचाप नंगी कर दूँगा

डिंपल- चुप चाप लेटी रहती है और अवी उसके ठोस दूध को अपने हाथ मे दबोच कर कस कर मसल्ते हुए, सच दीदी तुम्हारे दूध कितने मस्त है, तुम्ह नंगी कितनी सुंदर लगती होगी, अच्छा कम से कम अपनी ये टीशर्ट ही उतार दो और फिर अवी उसकी टीशर्ट को उपर सरकाने लगता है और डिंपल एक दम से पेट के बल लेट जाती है अवी थोड़ा उठ कर उसकी टीशर्ट को उसकी पीठ पर चढ़ा कर उसकी नंगी पीठ को चूमने लगता है और डिंपल अपनी आँखे बंद किए हुए, सिसकिया लेने लगती है

rajaarkey
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Re: अजब प्रेम की गजब कहानी

Unread post by rajaarkey » 15 Oct 2014 08:48

अवी उसकी टीशर्ट के अंदर से अपना हाथ डाल कर उसके पेट के नीचे ले जाता है और फिर उसे थोड़ा उठा कर उसकी टीशर्ट को उसके दूध के उपर तक चढ़ा कर जब उसके मोटे-मोटे नंगे दूध को अपने हाथ मे पकड़ कर मसलता है तो उसे मज़ा आ जाता है और डिंपल की साँसे बहुत तेज चलने लगती है, अवी उसे घुमा कर अपनी ओर कर लेता है डिंपल अपनी आँखे बंद किए हुए पड़ी रहती है और अवी उसकी मोटी-मोटी चुचियो को खूब कस कर मसल्ते हुए उसकी एक चुचि के गुलाबी निप्पल को अपने मूह मे भर लेता है और डिंपल एक दम से सीसियाते हुए उसके साथ कस कर चिपक जाती है,

अवी उसके दूध को अपने दांतो से हल्के-हल्के काटते हुए अपना हाथ उसके पीछे लेजा कर उसकी मोटी गदराई गंद को अपने हाथो से दबोचने लगता है और डिंपल की चूत से भी पानी आने लग जाता है, कुछ देर तक अवी उसके दूध को चूस्ता रहता है उसके बाद वह उसकी टीशर्ट को उतार कर अलग कर देता है और डिंपल अपनी आँखे बंद किए हुए पड़ी रहती है अवी पागलो की तरह उसको देखता रहता है और फिर जल्दी से अपने सारे कपड़े उतार कर पूरा नंगा हो जाता है और जब वह डिंपल की नंगी छातियो को अपनी नंगी छातियो से चिपकाता है तो डिंपल एक दम से पागल हो जाती है और अवी से कस कर चिपकते हुए उसके होंठो को पागलो की तरह चूमने लगती है अवी एक दम से उसके जीन्स के उपर से ही उसकी फूली हुई चूत को अपने पंजो मे भर कर दबोच लेता है और डिंपल उससे कस कर चिपक जाती है,

अवी- दीदी अब तो उतार दू तुम्हारी जीन्स और उसका हाथ पकड़ कर जैसे ही अपने खड़े लंड पर रखता है डिंपल एक दम से आँखे खोल कर उसके लंड को देखने लगती है और अवी उसके होंठो को चूस्ता हुआ उसके हाथ को अपने लंड पर दबा देता है डिंपल उसके लंड को पकड़ने मे शरमाने लगती है तब अवी उसकी जीन्स के बेटॉन खोलकर उसकी जीन्स को नीचे सरका देता है और जब वह अपनी दीदी की वाइट पेंटी मे फूली हुई गुदाज चूत को देखता है तो सीधा अपना मूह उसकी चूत के उपर रख कर उसे अपने मूह से दबाने लग जाता है और डिंपल आह-आह करने लगती है, अवी अपने हाथ को उसकी पेंटी के अंदर डाल कर उसकी चूत को अपने हाथो मे भर कर कस कर दबोच लेता है और डिंपल उससे कस कर चिपक जाती है

दोनो एक दूसरे से पूरे नंगे होकर चिपके रहते है उस रात अवी और डिंपल के बीच शारीरिक संबंध बन जाते है और

फिर कुछ दिन वो लोग गाँव मे एंजाय करते है उसके बाद वापस अपनी दुनिया मे आकर उनकी रोज की दिनचर्या शुरू हो जाती है,

समाप्त


rajaarkey
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Re: अजब प्रेम की गजब कहानी

Unread post by rajaarkey » 15 Oct 2014 08:48

AJAB PREM KI GAJAB KAHANI --12

gataank se aage......

aur phir dimple jaldi se uth kar avi ke room ke pas jakar uske darwaje se dhire se apne kan laga kar sunne lagti hai aur jab use kuch der tak koi awaj sunai nahi deti hai to vah darwaje mai koi surag dhundhne lagti hai tabhi achanak uske pith par koi hath aakar rakh jata hai aur dimple ki sanse vahi ki vahi ruk jati hai aur vah ek dam se ghabra jati hai aur uske muh se chikh nikalte-nikalte rah jati hai aur vah jab palat kar dekhti hai to sweety khadi-khadi muskura rahi thi

dimple- ka chehra sharm se lal ho jata hai aur

sweety- kyo madam aadhi rat ko apne bhai ke room mai jhankte huye sharm nahi aati

dimple- use marti hui, jyada natak mat kar aur ye bata tu to yaha aane wali thi phir kaha chali gai thi

sweety- mai to tujhe hi dekh rahi thi ki tu soti hai ya, par tu yaha kyo aai thi

dimple- mai bhi dekhne aai thi ki kya tu sachmuch mere bhai ke samne nangi hoti hai ya nahi

sweety- chal ab bahut hua tera drama aur ja apne bhai ke sath jakar so ja, mujhe kitna chalane ki koshish karegi, jab ki tu achchi tarah janti hai sweety tere dil ki har bat samajh jati hai, abhi mai tere bhai ke pas chali jaungi to tu rat bhar jalti hui tadapti rahegi, isliye maine tere bhai ka vichar apne dil se nikal diya hai, ab ja aur avi ke pas jakar so ja

dimple- apna sar jhukaye mujhe nahi jana

sweety- are yaar sharmati kyo hai ja chali ja bechara tere liye tadap raha hoga

dimple- tadapne de mai nahi jaungi

sweety- thik hai mai khud hi avi se kah deti hu ki bhai le apni bahan ko god nmai utha kar le ja

dimple- kahbardar jo usse aisi koi bat ki to, chal hum to apne room mai hi soyege

sweety- are tu samajhti kyo nahi hai, mai akeli sona chahti hu vah bhi darwaja khol kar, shayad mere bhaiya bhabhi ki chut mar kar mere room mai rat ko aa jaye aur phir mujhe bhi thoda sahla de, samjha kar yaar

dimple- uska muh dekhti hui, par sweety

sweety- are yaar aaj mai apne doodh dabwane ke liye taras rahi hu, please man ja na, mera gate khula dekh kar bhaiya jarur aakar mere doodh dabayege aur yah bhi ho sakta hai ki meri chut bhi sahla de sach jab mere bhaiya meri phuli hui chut ko apni mutthi mai bhar kar masalte hai na to bahut maza aata hai, ab baja na darwaja aur jaga de avi ko

dimple- kuch soch kar thik hai tu kahti hai to mai avi ke room mai so jati hu aur phir dimple avi ka gate bajati hai aur sweety use muskurakar dekhte huye vapas apne room mai chali jati hai,

avi- jab darwaja khol kar dimple ko dekhta hai to

avi- are didi tum, aur phir uske piche dekhte huye sweety kaha hai kya tum uske sath nahi so rahi ho

dimple- andar aate huye, ha mujhe laga tu akela bor ho raha hoga isliye yaha chali aai

avi- darwaja laga kar dimple ko aaate hi apni god mai utha leta hai aur dimple dhimi aawaj mai

dimple- avi yah kya kar raha hai

avi- use bed par leta deta hai aur uske side mai let kar use turant apni banho mai bhar leta hai

dimple- usse chutne ka jhutha natak karte huye, avi please ye sab mat kar

avi- are didi mujhe nahi malum tha ki tumhari in banho mai itna sukh milta hai aaj mai tumhe rat bhar nahi sone dunga

aur phir avi use paglo ki tarah kabhi uske galo ko kabhi uske gale ko aur kabhi uske hontho ko chumne lagta hai aur apne ek hath se use apni aur dabaye huye dusre hath se uske mote-mote doodh ko kas kar pakad kar dabane lagta hai

aur dimple apni aankhe band kiye huye usse chipki rahti hai, avi dimple ke hontho ko chus-chus kar lal kar deta hai aur uska land uske pent mai tan kar khada ho jata hai, kuch der tak dimple ko buri tarah masalne ke bad

avi- didi aankhe kholo na

dimple- apni aankhe khol kar use dekhti hai aur avi yah kya kar rahi thi tum mujhse chipak kar

dimple muskurate huye uske sine par marti hui chhod mujhe

avi- didi mai tumhari jeans utar du

dimple- ek dam se bethte huye, usko ghur kar dekhti hui tu pagal ho gaya hai, tune soch bhi kaise liya ki mai tere samne

avi- please didi utar do na mai tumhe puri nangi dekhna chahta hu

dimple- usko gusse se dekhti hui, tujhe sharm nahi aati mujhse aisi bat kahte huye

avi- to isme galat kya hai mai tumhe puri nangi kekre apne sine se lagana chahta hu

dimple- avi bahut ho gaya tera natak ab hosh mai aa ja

avi- ek dam se uske honth chuste huye uske mote-mote doodh ko masal deta hai aur dimple use ek jhatke mai dur karke bed se utar kar khadi ho jati hai

avi- didi yah kya hai tum meri bat sidhe -sidhe manogi ya nahi

dimple- gusse se use dekhti hui kabhi nahi

avi- thik hai to mai tumhe jabardasti nangi kar dunga

dimple- apni ungli dikhate huye gusse se mujhe hath bhi lagaya to mai tera muh tod dungi

avi- jab tumhe kuch nahi karna tha to kyo aai thi yaha jao vapas chali jao, aur aaj ke bad mujhse bat mat karna

dimple- kuch naram padte huye dekh avi jo tu chah raha hai vah galat hai aur mai tere sath aisa nahi kar sakti hu

avi- galat hi sahi par mai tumhe nangi dekhna chahta hu

dimple- avi please chup ho ja aur udhar sarak mujhe sone de

avi -dusri taraf sarak jata hai aur dimple uske bagal mai let kar uski aur apni pith kar leti hai avi uske sath kas kar chipak jata hai aur

avi- thik hai didi tum aaj jab so jauogi tab mai rat ko tumhe chupchap nangi kar dunga

dimple- chup chap leti rahti hai aur avi uske thos doodh ko apne hanth mai daboch kar kas kar masalte huye, sach didi tumhare doodh kitne mast hai, tumh nangi kitni sundar lagti hogi, achcha kam se kam apni ye tshirt hi utar do aur phir avi uski tshirt ko upar sarkane lagta hai aur dimple ek dam se pet ke bal let jati hai avi thoda uth kar uski tshirt ko uski pith par chadha kar uski nangi pith ko chumne lagta hai aur dimple apni aankhe band kiye huye, siskiya lene lagti hai

avi uski tshirt ke andar se apna hath dal kar uske pet ke niche le jata hai aur phir use thoda utha kar uski tshirt ko uske doodh ke upar tak chadha kar jab uske mote-mote nange doodh ko apne hanth mai pakad kar masalta hai to use maza aa jata hai aur dimple ki sanse bahut tej chalne lagti hai, avi use ghuma kar apni aur kar leta hai dimple apni aankhe band kiye huye padi rahti hai aur avi uski moti-moti chuchiyo ko khub kas kar masalte huye uski ek chuchi ke gulabi nippal ko apne muh mai bhar leta hai aur dimple ek dam se sisiyate huye uske sath kas kar chipak jati hai,

avi uske doodh ko apne dantho se halke-halke katte huye apna hath uske piche lejakr uski moti gadrai gand ko apne hantho se dabochne lagta hai aur dimple ki chut se bhi pani aane lag jata hai, kuch der tak avi uske doodh ko chusta rahta hai uske bad vah uski tshirt ko utar kar alag kar deta hai aur dimple apni aankhe band kiye huye padi rahti hai avi paglo ki tarah usko dekhta rahta hai aur phir jaldi se apne sare kapde utar kar puar nanga ho jata hai aur jab vah dimple ki nangi chatiyo ko apni nangi chatiyo se chipkata hai to dimple ek dam se pagal ho jati hai aur avi se kas kar chipakte huye uske hontho ko paglo ki tarah chumne lagti hai avi ek dam se uske jeans ke upar se hi uski phuli hui chut ko apne panjo mai bhar kar daboch leta hai aur dimple usse kas kar chipak jati hai,

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dono ek dusre se pure nange hokar chipke rahte hai us rat avi aur dimple ke beech sharirik sambhand ban jate hai aur

phir kuch din vo log ganv mai enjoy karte hai uske bad vapas apni duniya mai aakar unki roj ki dincharya shuru ho jati hai,

samaapt