बीवी ने मेरा काम बनवा ही दिया

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The Romantic
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बीवी ने मेरा काम बनवा ही दिया

Unread post by The Romantic » 19 Dec 2014 03:33

बीवी ने मेरा काम बनवा ही दिया

बीवी ने काम बनवाया मेरे पेरेंट्स की एक सड़क हादसे मे मौत के बाद घर मे हम तीन मेंबर ही रह गये-मैं सुधीर उमर 23 साल, 6 महीने पहले बियाही 21 साल की मेरी बीवी सुषमा और 10थ मे पढ़ रही 15 साल की मेरी एकलौती बेहन काजल,उस हादसे को भूल कर हम तीनो प्यार

से रह रहे थे.रोज की तरह एक दिन

मेरी प्यारी कमसिन बेहन काजल ने स्कूल से आते ही बस्ता सोफे पे फेंका, टाइ,बेल्ट और शूस उतरे और हाफ शर्ट के उपरी बटन खोलकर बेड पे पसर गयी.स्कर्ट के नीचे से शर्ट निकाल कर नाभि के उपर तक चढ़ा लिया.फॅन फुल स्पीड पे था जिसके कारण स्कर्ट गोरी मसल जाँघो से हट गयी थी. चढ़ि का उभार साफ दिख रहा था. मैं उसके नोकिले चुचक,गहरी नाभि और गदराई जांघों के बीच का फूला हुआ हिस्सा खिड़की से एकटक देख रहा था.अचानक मेरी पत्नी सुषमा ने मेरी चोरी पकड़ते हुए चिकोटी काटी और खींच कर एक साइड मे लेजाकार बोली “कच्चे-2 नींबुड़े देख रहे हो,माल लगभग त्यार है.

काजल अब जवान हो चुकी है, कभी उसके जिस्म को नज़दीक से सूँघा है? उसकी जांघों के बीच से मर्दों को मदहोश करने वाली मादा गंध आती है.अगर यकीन ना हो तो खुद कभी सोती हुई को सूंघ लेना .और जवानी तो दीवानी होती है. अपनी बेहन के चूतड़ का उभार तो देखना. कैसे मस्त और कसी हुई गांद है उसस्की और उसस्की चुचि तो अब नींबू से बढ़ कर क़िस्सी अनार जैसी लगती है. मुझे यकीन है कि कॉलेज के लड़के उस पर लाइन मारते होंगे. जवान लड़की की टाँगें कब खुल जाएँ पता नहीं चलता और मेरी प्यारी ननद पर तो बला का हुसन चढ़ा हुआ है. मेरे अच्छे बलमा मुझे ही चोद्ते रहो गे या फिर अपनी बेहन के लिए भी लड़के की, यानी कि लंड की तलाश भी करोगे. कहीं किसी एररे गैररे ने चोद दिया अपनी काजल को तो मूह दिखाने के काबिल नहीं रहोगे. जवानी और हुस्न को जल्दी से संभाल लेना चाहिए, समझे?यकीन ना हो तो अभी इसकी जांघों के बीच सूंघ कर देख लो कहकर मेरा हाथ पकड़ कर काजल के बेड की तरफ ले जाने लगी.

मेने धीमी आवाज़ मे पर सख्ती से कहा ‘ पागल हो क्या, काजल मेरी बेहन है, क्या सोचेगी ? सुषमा नही मानी मेरा सर काजल की जांघों मे झुका कर बोली के अब इसकी आँख लग गयी हैं” मैं उपरी दिल से नाटक कर रहा था कि काजल से ऐसा कुच्छ नही करना चाहता लेकिन सुषमा के ज़रा से हाथ के दबाव से मेरा नाक काजल की पेंटी से धकि उभरी चूत को लगभग च्छुने लगी. मैने एक ज़ोर की सांस अंदर की तरफ खींची.ओह गॉड ! सचमुच अधपकी जवान चूत की ऐसी मादक गंध थी कि मेरे सारे बदन मे करेंट सा दौड़ गया और मेरा लंड खड़ा हो गया मेरी पत्नी सुषमा ने मुझे बाहर की तरफ खींचते हुए कहा कि चलो अब, कहीं काजल जाग ना जाए.कमरे से बाहर निकलते ही सुषमा ने मेरी पेंट मे तंबू बनाए हुए लंड को पकड़ कर भींचते हुए कहा कि देखो मुआ बेहन की सूंघते ही कितनी जल्दी अकड़ गया है,अभी थोड़ी देर पहले तो मुझ को घोड़ी बना कर चोद कर हटा था.” मेरी पत्नी मुझे बेडरूम ले गयी और पूरी नंगी हो कर मेरे सीने पर लेट गयी. मेरा लंड कुच्छ ढीला पड़ चुका था और सुषमा की बड़ी बड़ी चुचि मेरे सीने में धँसी हुई थी और मेरे हाथ उसस्के गोरे गोरे मांसल चूतड़ पर सैर कर रहे थे

मेरा ध्यान अपनी छ्होटी बेहन काजल की तरफ फिर चला गया. मेरे अंदर का भाई ये मानने को तैयार ना था कि मेरी बेहन चुदाई की उमर पर पहुँच चुकी है, लेकिन मेरे अंदर का मर्द सॉफ देख रहा था कि मेरी बेहन पर जवानी एक तूफान की तरह चढ़ चुकी थी. काजल अब 15-16 साल की हो चुकी थी. मेरी बेहन अधिकतर स्कर्ट्स पहनती थी जिस में उसस्की खूबसूरत जंघें झलक पड़ती थी. गोरे रंग वाली मेरी प्यारी बहना के चूतड़ मांसल थे और जब वो चलती तो उसस्की गांद ठुमक ठुमक करती मेरी आँखों से च्छूपी ना रहती और मेरा हाथ उसस्की गांद को सहलाने को मचल उठता. काजल का पेट सपाट था और चुचि उठी हुई है. जब वो बॅडमिंटन खेलने जाती है तो उसस्के वाइट ब्लाउस से उसस्की चुचि झँकती है और मेरा लंड खड़ा हो जाता है, बाकी लोगों का क्या होता होगा मुझे नहीं पता.

काजल के बॉब्कट बॉल लड़कों की तरह कटे हुए हैं और उसस्के मोटे होंठ हमेशा रस से भरे हुए दिखते हैं.इन्ही ख़यालों मे मेरा लंड फिर खड़ा हो गया.मेरी बीवी ने लंड को मुथि मे लेकर फिर कटाक्ष किया “मेरी ननद रानी फिर याद अराही है क्या ? अब तो आपका काम बनवाना ही पड़ेगा, लेकिन फिल हाल तो मुझे ही काजल समझ कर चोदो मेरे राजा मेरे भैया” . बीवी के मूह से भैया सुन कर मेने सुषमा को दबोच लिया और उठा कर टाँगे कंधों पे रख कर एक ही धक्के मे लंड जड़ तक पेल दिया .” हाए भैया आहिस्ता करो” सुषमा ने सिसकी के साथ मेरे कान मे कहा.ना जाने क्यों इस से मेरा जोश और बढ़ गया और मे उसे तेज तेज हुमच-2 कर चोदने लगा.ताज्जुब की बात थी के मुझे ऐसा लग रहा था की मैं! काजल को ही चोद रहा हूँ.

सुषमा भी नीचे से गांद उच्छालते हुए बोल रही थी ” हाए भैया फाड़ दो, और ज़ोर से.. भैया…मैं गाइइ,..” झड़ने के थोड़ी देर बाद सुषमा ने आँखे खोली और बोली कि एक बात सच बताउ तो बुरा तो नही मनोगे ? मेने कहा कि तुम्हारी किसी बात का कभी बुरा माना है.फिर उसने सनसनी खेज राज उगलते हुए कहा ” मैं आपको भैया नही कह रही थी बलके मेरी कल्पना कर रही थी कि मेरे खुद के सगे भैया तरुण ही मुझे चोद रहे हैं.”मेने कहा कि कल्पना करने तक तो कोई बुराई नही. फिर बोली के आप मुझे काजल समझ कर चोदो और मे आपको भैया कह कर चुदवाउंगी, फिर देखना चुदाई का असली मज़ा .फिर वो बोली ” आजा मेरे राजा भैया, चोद ले अपनी बेहन को ” मेने भी कहा के हाए मेरी काजल रानी दे दे मुझे और उसे दबोच लिया.सचमुच इस बार मेने दोगुने जोश से उसकी चुदाई की और ऐसा जोरदार चरम आनंद पहले कभी नही आया.उगले दिन सनडे था.

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Re: बीवी ने मेरा काम बनवा ही दिया

Unread post by The Romantic » 19 Dec 2014 03:34

नहा धो कर सब नाश्ता कर चुके थे.सुषमा मेरे साथ ही बैठी थी.अचानक रूम की खिड़की के पर्दे को हटा कर मेरी बीवी ने मुझे उधर देखने का इशारा किया.मेने झाँक कर देखा तो आँखे वहीं जम गयी.मेरी बेहन उधर पड़े बेड के नीचे कोई चीज़ उठाने के लिए घुटनो के बल झुकी हुई थी .उसकी तोड़ी बेड के नीचे लगभग फ़राश पर टिकी थी जबकि उसके चौड़े भारी नितंभ उपर उठे हुवे थे.उसका स्कर्ट कमर तक उलट गया था जिस से उसके माखन जैसे चूतदों पर से मेरी नज़र नहीं हट रही थी.काली चड्धि उसकी जवानी को संभाल नही पा रही थी जिस से उसकी गदराई गोरी योनि चड्धि के दोनो तरफ से चाँद की तरह झाँक रही थी.अपनी बेहन के जिस्म को देखते ही मेरा लंड फिर से तन गया और मेरी बीवी के पेट पर चुभने लगा.” अभी से लंड खड़ा होने लगा अपनी बेहन की जवानी को देख कर के सुधीर राजा ?” मेरी बीवी ने मेरे खड़े लंड का कारण ठीक तरह से अंदाज़ा लगाते हुए मुझे ताना मारा और फिर मुस्कुरा कर बोली के जा चाट ले रस भरी जवानी को नही तो कोई और खा जाएगा इस गुलकंद को.मैं नही चाहती के हमारे घर का ये नायाब ख़ज़ाना कोई पराया लूटे.”कह कर मेरे लंड को अपने होंठों से चूमने लगी.

मेरी पत्नी असल में ही एक चल्लू औरत है जो मेरे मन के अंदर का हाल जान लेती है.थोड़ी देर मे नहा धोकर ताजे फूल की तरह महकती हुई काजल भी हमारे कमरे मे जैसे ही दाखिल हुई मेरी बीवी के मूह से लॉरा प्लॉप की आवाज़ के साथ बाहर निकल गया.काजल की नज़रें कुच्छ सेकेंड्स के लिए खड़े लॉर पे टिक सी गयी फिर सॉरी बोल कर वापिस जाने लगी टॉ मेने बीवी को डांटा कि डोर तो लॉक कर लिया होता.मेरी बीवी ने लंड को धकते हुए काजल को सॉरी बोला और कहने लगी अजाओ वो मेने धक दिया है.काजल शरमाती हुई अंदर आगाई और कहने लगी कि भाभी आज तो सारा दिन बोर हो जाएँगे क्या करें? सुषमा बोली कि अलमारी से ताश निकाल ले.काजल ताश लेकर हमारे साथ बेड पे बैठ गयी.

उसने हल्का सा मेक अप किया हुआ था.उसके काले बॉब्कट बालों और चाँद से मुखड़े से भीनी-2 खुश्बू मेरे नथुनो मे समा गयी.मेरी बीवी ने कहा कि बेट लगा कर तीन पत्ती खेलते हैं ताकि खेल मे रूचि बनी रहे.काजल बोली कि बेट मे मेरे पास देने के लिए तो पैसे नही हैं.सुषमा बोली कि ननद रानी जो तुम दे सकती हो वही चीज़ माँगी जाएगी.जो हारेगा उसको बाकी दोनो का हुकुम मान ना पड़ेगा.सुषमा ने कार्ड्स बाँटे.पहली गेम काजल जीत गयी.काजल ने फॉरन सुषमा को हुकुम दिया “भाभी डॅन्स करके दिखाओ”.मेरी बीवी ने दो-चार ठुमके लगाए और बैठ गयी.दूसरी बाज़ी सुषमा जीत गयी तो फॉरन उसने मुझे ऑर्डर दिया के काजल की स्कर्ट और टॉप उतारो.मैं हिचकिचाया और काजल भी शरम से सिमटी तो सुषमा ने कहा”ऑर्डर ईज़ ऑर्डर कोई रियायत नही”.

काजल मेरी तरफ सरकते हुए बोली कि कोई बात नही भैया, उतार दो,मेरा भी नो. आएगा.अब काजल ब्रा और चड्धि मे थी.अगली गेम मेी जीत गया.मेने काजल को हुकुम दिया कि सुषमा के बदन से चड्धि के अलावा सारे कपड़े उतार दो. अगले गेम मे सुषमा जीती तो उसने बदले की भावना से मुझे काजल का चुम्मा लेने को कहा.मेने काजल की ओर देखा तो उसका चेहरा शरम से लाल हो गया और नज़रें झुक गयी.मेरी बीवी ने काजल को भी हुकुम दिया कि चुम्मा दो काजल ने अपना सर मेरे कंधे पे टीका दिया.मेने काजल के सुंदर मुखड़े को उपर उठा कर गाल का चुम्मा लिया और जोश मे दाँत गढ़ा दिए.काजल गाल छुड़ाने की कोशिश करती हुई बोली “दाँत नही भैया, अब छोड़ो मुझे” तो सुषमा बोल उठी “आज कुच्छ मीठा हो जाए, होठों का चुंबन लो”.

काजल लाल हुए गीले गाल को पोंच्छने लगी जिस पे दाँतों के निशान सॉफ दिख रहे थे.बीवी का हुकुम मानते हुए मेने काजल का सलोना मुखड़ा दोनो हाथों मे लेकर रसीले होंठो को चूसने लगा तो मादक सिसकी के साथ काजल के नथुने फूल गये, साँसे उखाड़ गयी.मेरा भी लॉडा खड़ा हो गया.सुषमा की मोजूदगी का अहसास होते ही काजल ने मुझे परे धकेलते हुए कहा “अब छोड़ भी दो भैया”. हमारे अलग होते ही सुषमा ने कहा ” ननद रानी कार्ड बाँटो, तुम्हारी बारी है “.काजल ने कार्ड बाँटे, इस बार मैं जीत गया.मेने काजल को थोड़ी देर बाहर जाने को कहा.उसके बाहर जाते ही मेने तने हुए लॉड पे से लूँगी हटा दी और सुषमा को लॉडा चूसने का ऑर्डर दे दिया. मेरी बीवी एक मंजी हुई एक्सपर्ट की तरह लंड को चाटने और चूसने लगी.इतने मे मुझे एक परच्छाई का अहसास हुआ.मेने कनखियों से देखा, ओह गॉड ! काजल खिड़की से लंड चुसाइ को इतना मगन हो कर देख रही थी कि उसको ये भी पता नही चला कि मेने उसे देख लिया है .

सुषमा लंड को मूह से बाहर निकाल कर बोली “काजल को बाहर क्यों भेज दिया, वो भी लंड चूसना सीख लेती, शादी के बाद काम आता”.मेने उसका कान खींच कर कहा “तुम नही सुधरगी”.मेने लंड को धक कर काजल को आवाज़ दी.काजल आगाई .मेने कार्ड्स बाँटे, सुषमा जीत गयी तो उसने काजल को ऑर्डर दिया “चलो अपने भैया से लिपट कर किस करो”.काजल शरमाई और बोली कि मेरी उधार लिख लो.खेलते-2 काजल की तरफ मेरे 21 चुंबन उधार हो गये.सुषमा बोली “ननद रानी अगले सनडे तक रोज 3 बार स्मूच करोगी तो तेरे भैया का कर्ज़ चुकता होगा”.रात को डिन्नर के बाद सुषमा और काजल किचन मे बर्तन सेट कर रही थी.उनका हँसी मज़ाक सुन कर मेने खिड़की से कान लगा दी.सुषमा कह रही थी ” हाँ तो ननद रानी भैया का किस कैसा लगा, मज़ा आया कि नही ? काजल बोली ” आप बताओ ना, मेरे भैया के लंड का स्वाद कैसा लगा ? मैं खिड़की से सब देख रही थी”.

सुषमा ने कहा कि मुझे तो लंड चूसने मे बड़ा मज़ा आता है, कहो तो तुम्हे भी स्वाद चखवा दू ? काजल शर्मा कर बोली “भाभी आहिस्ता बोलो, भैया सुनेगे तो क्या सोचेंगे.”सुषमा ने काजल से कहा कि अगर तुम्हारा जी करता हो तो मैं तुम्हे लंड का स्वाद चखा सकती हूँ.”मगर किसके लंड का?” “तुम्हारे भैया के लंड का, और किसका.मैं किसी बाहर के लड़के से ख़ानदान की इज़्ज़त को धब्बा नही लगाने दूँगी.मेरे पास एक ऐसा आइडिया है के तुम्हारे भैया को भी इस बात का पता नही चलेगा कि तुमने उनका लंड चूसा है, बस तुम ये बतलाओ कि लंड चूसने को दिल करता है या नही”.

क्रमशः...................

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Re: बीवी ने मेरा काम बनवा ही दिया

Unread post by The Romantic » 19 Dec 2014 03:34

Biwi ne mera kaam banwa hi diya--1

Biwi ne kaam banwaya Mere parents ki ek sadak hadse me maut ke baad ghar me hum teen member hi reh gaye-me Sudhir umar 23 sal, 6 mahine pehle biyahi 21 sal ki meri Biwi Sushma aur 10th me padh rahi 15 sal ki meri eklauti behan Kajal,us hadse ko bhool kar hum tino pyar

se reh rahe the.Roj ki tarah ek din

meri pyari kamsin behan Kajal ne school se aate hi basta sofe pe phenka, tie,belt aur shoes utare aur half shirt ke upari button kholkar bed pe pasar gayi.Skirt ke niche se shirt nikal kar nabhi ke upar tak chadha liya.Fan full speed pe tha jiske karan skirt gori masal jangho se hat gayi thi. chadhi ka ubhaar saf dikh raha tha. Mei uske nokile chuchak,gehri nabhi aur gadrai janghon ke bich ka phulla hua hissa khidki se ektak dekh raha tha.Achanak meri patni Sushma ne meri chori pakadte hue chikoti kati aur khinch kar ek side me lejakar boli “kaache-2 nimbude dekh rahe ho,maal lagbhag tyaar hai.

Kajal ab jawan ho chuki hai, kabhi usske jism ko najdik se sungha hai? Uski janghon ke bich se mardon ko madhosh karne wali mada gandh aati hai.Agar yakin na ho to khud kabhi soti hui ko sungh lena .Aur jawani to diwani hoti hai. Apni behan ke chutad ka ubhar to dekhna. Kaise mast aur kasi hui gaand hai usski aur usski chuchi to ab nimbu se badh kar kissi anaar jaisi lagti hai. Mujhe yakeen hai ki college ke ladke uss par line marte honge. Jawan ladki ki tangen kab khul jayen pata nahin chalta aur meri pyari nanad par to bala ka husan chadha hua hai. Mere achhe balma mujhe hi chodte raho ge ya fir apni behan ke liye bhi ladke ki, yani ki lund ki talash bhi karoge. Kahin kissi erre gairre ne chod diya apni Kajal ko to muh dikhane ke kabil nahin rahoge. Jawani aur husan ko jaldi se sambhal lena chahiye, samjhe?Yakin na ho to abhi iski janghon ke bich sungh kar dekh lo kehkar mera hath pakad kar Kajal ke bed ki taraf le jane lagi.

Mene dhimi awaz me par sakhti se kaha ‘ pagal ho kya, Kajal meri behan hai, kya sochegi ? Sushma nahi mani mera sar Kajal ki janghon me jhuka kar boli ke ab iski aankh lag gayi hain” main upari dil se natak kar raha tha k Kajal se aisa kuchh nahi karna chahta lekin Sushma ke jara se hath ke dabao se mera naak Kajal ki penty se dhaki ubhari choot ko lagbah chhune laga. Maine ek jor ki sans ander ki taraf khinchi.Oh God ! sachmuch adhpaki jawan choot ki aisi madak gandh thi k mere sare badan me current sa daud gaya aur mera lund khada ho gaya Meri patni Sushma ne mujhe bahar ki taraf khinchte hue kaha k chalo ab, kahin kajal jag na jaye.Kamre se bahar niklte hi Sushma ne meri pent ko tambu banaye hue lund ko pakad kar bhinchte hue kaha k dekho mua behan ki sunghte hi kitni jaldi akad gaya hai,abhi thodi der pehle to mujh ko ghodi bana kar chod ker hata tha.” Meri patni mujhe bedroom le gayi aur puri nangi ho kar mere seene par let gayi. Mera lund kuchh dhila pad chuka tha aur Sushma ki badi badi chuchi mere seene mein dhansi hui thee aur mere haath usske gore gore mansal chutad par sair kar rahe thay

Mera dhyan apni chhoti behan Kajal ki taraf phir chala gaya. Mere andar ka bhai ye manane ko taiyar na tha ki meri behan chudayi ki umar par pahunch chuki hai, lekin mere andar ka mard saaf dekh raha tha ki meri behan par jawani ek toofan ki tarah chadh chuki thee. Kajal ab 15-16 saal ki ho chuki thee. Meri behan adhiktar skirts pehnti thee jiss mein usski khubsurat janghen jhalak padti thee. Gore rang wali meri pyari behna ke chutad mansal thay aur jab vo chalti to usski gaand thumak thumak karti meri ankhon se chhupi na rehti aur mera haath usski gaand ko sehlane ko machal uthata. Kajal ka pet sapat tha aur chuchi uthi hui hai. Jab vo badminton khelne jati hai to usske white blouse se usski chuchi jhankti hai aur mera lund khada ho jata hai, baki logon ka kia hota hoga mujhe nahin pata.

Kajal ke bobcut baal ladkon ki tarah kate huye hain aur usske mote honth hamesha ras se bhare huye dikhte hain.Inhi khayalon me mera lund phir khada ho gaya.Meri biwi ne lund ko muthi me lekar phir katax kiya “meri nanad rani phir yaad arahi hai kya ? ab to apka kaam banwana hi padega, lekin phil haal to mujhe hi Kajal samajh kar chodo mere raja mere bhaiya” . Biwi ke muh se bhaiya sun kar mene Sushma ko daboch liya aur utha kar tange kandhon pe rakh kar ek hi dhakke me lund jad tak pel diya .” haye bhaiya ahista karo” Sushma ne siski ke sath mere kaan me kaha.Na jane kyon is se mera josh aur badh gaya aur me use tej tej humach-2 kar chodne laga.Tazub ki baat thi ke muzhe aisa lag raha tha k me! Kajal ko hì chod raha hun.

Sushma bhi niche se gaand uchhalte hue bol rahi thi ” haye bhaiya phad do, aur jor se.. Bhaiyaa…mei gayii,..” jhadne ke thodi der baad Sushma ne aankhe kholi aur boli k ek baat sachì bataun to bura tau nahi manoge ? Mene kaha k tumhari kisi baat ka kabhi bura mana hai.Phir usne sansani khej raj ugalte hue kaha ” me apko bhaiya nahi keh rahi thì balke mei kalpna kar rahi thi k mere khud ke sage bhaiya Tarun hi mujhe chod rahe hain.”mene kaha k kalpna karne tak to koi burai nahi. Phir boli ke aap mujhe Kajal samajh kar chodo aur me aapko bhaiya keh kai chudwaungi, Phir dekhna chudai ka asli maza .Phir wo boli ” aaja mere raja bhaiya, chod le apni behan ko ” Mene bhi kaha ke haye meri Kajal rani de de mujhe aur use daboch liya.Sachmuch is bar mene dogune josh se uski chudai ki aur aisa jordar charam anand pehle kabhi nahi aya.Ugle din Sunday tha.

Naha dho kar sab nashta kar chuke the.Sushma mere sath hi baithì thì.Achanak room ki khidki ke parde ko hata kar meri biwi ne mujhe udhar dekhne ka ishara kiya.Mene jhank kar dekha to aankhe wahin jam gayi.Meri behan udhar pade bed ke niche koi cheej uhane ke liye ghutno ke bal jhuki hui thi .Uski thoddi bed ke niche lagbhag farash par tiki thi jabki uske chaude bhaari nitambh upar uthe huwe the.Uska skirt kamar tak ulat gaya tha jis se uske makhan jaise chutadon par se meri nazar nahin hat rahi thi.Kali chaddhi uski jawani ko sambhal nahi pa rahi thi jis se uski gadrai gori yoni chaddhi ke dono taraf se chaand ki tarah jhank rahi thi.Apni behan ke jism ko dekhte hi mera lund fir se tan gaya aur meri biwi ke pet par chubhne laga.” Abhi se lund khada hone laga apni behan ki jawani ko dekh kar ke Sudhir raja ?” meri biwi ne mere khade lund ka karan theek tarah se andaza lagate huye mujhe taana mara aur fir muskura kar boli ke jaa chat le ras bhari jawani ko nahi to koi aur kha jayega is gulkand ko.Me nahi chahti ke hamare ghar ka ye nayab khazana koi paraya lute.”keh kar mere lund ko apne honthon se chumne lagi.

Meri patni asal mein hi ek challu aurat hai jo mere man ke andar ka haal jaan leti hai.Thodi der me naha dhokar taje phool ki tarah mehkti hui Kajal bhi hamare kamre me jaise hi dakhil hui meri biwi ke muh se laura plop ki awaz ke sath bahar nikal gaya.Kajal ki nazren kuchh seconds ke liye khade laure pe tik si gayi fir sorry bol kar wapis jane lagi tau mene biwi ko danta k door tau lock kar liya hota.Meri biwi ne lund ko dhakte hue Kajal ko sorry bola aur kahne lagi ajao wo mene dhak diya hai.Kajal sharmati hui ander agayi aur kehne lagi k bhabhi aaj to sara din bore ho jayenge kya karen? Sushma boli k almari se tash nikal le.Kajal tash lekar hamare sath bed pe baith gayi.

Usne halka sa make up kiya hua tha.Uske kale bobcut balon aur chaand se mukhde se bhini-2 khushbu mere nathuno me sama gayi.Meri biwi ne kaha k bet laga kar tin patti khelte hain taki khel me ruchi bani rahe.Kajal boli k bet me mere paas dene ke liye to paise nahi hain.Sushma boli k nanad rani jo tum de sakti ho wahi cheej mangi jayegi.Jo harega usko baki dono ka hukum man na padega.Sushma ne cards bante.Pehli game Kajal jit gayi.Kajal ne foran Sushma ko hukum diya “bhabhi dance karke dikhao”.Meri biwi ne do-char thumke lagaye aur baith gayi.Dusri bazi Sushma jeet gayi tau foran usne mujhe order diya ke Kajal ki skirt aur top utaro.Me hichkichaya aur Kajal bhi sharam se simti tau Sushma ne kaha”order is order koi riyayat nahi”.

Kajal meri taraf sarkte hue boli k koi baat nahi bhaiya, utaar do,mera bhi no. ayega.Ab Kajal bra aur chaddhi me thi.Agli game mei jeet gaya.Mene kajal ko hukum diya k Sushma ke badan se chaddhi ke alawa sare kapde utaar do. Agle game me Sushma jiti tau usne badle ki bhawna se mujhe Kajal ka chumma lene ko kaha.Mene Kajal ki aur dekha tau uska chehra sharam se lal ho gaya aur nazren jhuk gayi.Meri biwi ne kajal ko bhi hukum diya k chumma do kajal ne apna sar mere kandhe pe tika diya.Mene kajal ke sunder mukhde ko upar utha kar gaal ka chumma liya aur josh me dant gada diye.Kajal gaal chhudane ki koshish karti hui boli “dant nahi bhaiya, ab chhoro mujhe” tau Sushma bol uthi “aaj kuchh mitha ho jaye, hothon ka chumban lo”.

Kajal lal hue gille gaal ko ponchhne lagi jis pe danton ke nishan saaf dikh rahe the.Biwi ka hukum mante hue mene Kajal ka salona mukhda dono hathon me lekar rasile hontho ko chusne laga tau madak siski ke sath Kajal ke nathune phul gaye, sanse ukhad gayi.Mera bhi lauda khada ho gaya.Sushma ki mojudgi ka ahsas hote hi Kajal ne mujhe pare dhakelte hue kaha “ab chhor bhi do bhaiya”. Hamare alag hote hi Sushma ne kaha ” Nanad rani card banto, tumhari bari hai “.Kajal ne card bante, iss bar me jeet gaya.Mene Kajal ko thodi der bahar jane ko kaha.Uske bahar jate hi mene tane hue laude pe se lungi hata di aur Sushma ko lauda chusne ka order de diya. Meri biwi ek manji hui expert ki tarah lund ko chatne aur chusne lagi.Itne me mujhe ek parchhai ka ahsas hua.Mene kankhiyon se dekha, oh God ! kajal khidki se lund chusai ko itna magan ho kar dekh rahi thi k usko ye bhi pata nahi chala k mene usai dekh liya hai .

Sushma lund ko muh se bahar nikal kar boli “kajal ko bahar kyon bhej diya, wo bhi lund chusna sikh leti, shadi ke baad kaam aata”.mene uska kaan khinch kar kaha “tum nahi sudhrogi”.Mene lund ko dhak kar Kajal ko awaz di.Kajal agayi .Mene cards bante, Sushma jit gayi tau usne Kajal ko order diya “chalo apne bhaiya se lipat kar kiss karo”.Kajal sharmai aur boli k meri udhaar likh lo.Khelte-2 Kajal ki taraf mere 21 chumban udhaar ho gaye.Sushma boli “nanad rani agle Sunday tak roj 3 bar smooch karogi tau tere bhaiya ka karaz chukta hoga”.Raat ko dinner ke baad Sushma aur Kajal kitchen me bartan set kar rahi thi.Unka hansi majak sun kar mene khidki se kaan laga di.Sushma keh rahi thi ” han tau nanad rani bhaiya ka kiss kaisa laga, maza aya k nahi ? kajal boli ” aap batao na, mere bhaiya ke lund ka swad kaisa laga ? Me khidki se sab dekh rahi thi”.

Sushma ne kaha k mujhe to lund chusne me bada maza aata hai, kaho tau tumhe bhi swad chakhwa doo ? Kajal sharma kar boli “bhabhi ahista bolo, bhaiya sunege tau kya sochenge.”sushma ne kajal se kaha k agar tumhara jee karta ho to me tumhe lund ka swad chakha sakti hun.”magar kiske lund ka?” “tumhare bhaiya ke lund ka, aur kiska.Me Kisi bahar ke ladke se khandan ki ijjat ko dhabba nahi lagane dungi.Mere paas ek aisa idea hai ke tumhare bhaiya ko bhi is baat ka pata nahi chalega k tumne unka lund chusa hai, bas tum ye batlao k lund chusne ko dil karta hai ya nahi”.

kramashah...................