प्यास बुझती ही नही compleet

Discover endless Hindi sex story and novels. Browse hindi sex stories, adult stories, erotic stories. Visit dreamsfilm.ru
007
Platinum Member
Posts: 948
Joined: 14 Oct 2014 11:58

Re: प्यास बुझती ही नही

Unread post by 007 » 11 Dec 2014 07:54

राजेश ने अपना बॅग रखा और टॉवेल्ल लेकर बाथरूम मे घुस गया…थोड़ी देर बाद वो फ्रेश होकर बाहर निकला…रश्मि एक नाइटी पह्न कर सो रही थी…..राजेश की आँखो के सामने रश्मि के विशाल चूतड़ दिख रहे थे…नाइटी काफ़ी उपर उठ चुकी थी….आज राजेश को चोदे हुए 2 दिन हो चुके थे…..उसका लंड खड़ा हो गया …पर उसे याद आया…अरे मुझे तो रश्मि को मनाना होगा…क्योकि रात को नही आया था…और अभी दिन है……………………….सो वो धीरे से उसके बगल मे बैठ गया…और अपने दाहिने हाथ से उसके चेहरे को सहलाया और उसके गालो पर एक किस देते हुए कहा:

राजेश: डार्लिंग…सो रही हो……..अभी तो 10 बजे है….तबीयत तो ठीक है

रश्मि: ठीक है ..सोने दो.

राजेश: अरे यार आँखे तो खोलो…देखो तुम्हारे लिए क्या लाया हू.

रश्मि: आँखे खोल कर कहा…क्या लाए हो….

राजेश: जलेबी……उठो……फ्रेश हो जाओ…नाश्ता करते है

रश्मि उठ गयी………..और उसके गले मे बाँहे डाले हुए कहा…….तुम मुझे मरवा दोगे…..कभी तो मेरी फ़िक्र कर लिया करो…..मे रात से परेशान थी तुम्हारे लिए…और तुम हो कि…मेरी ज़रा भी फ़िक्र नहिकरते…बताओ मे क्या करू?

राजेश: मे समझ सकता हू….मे तुम्हे पूरा वक़्त नही देता हू…पर क्या करू काम ही ऐसा है…प्रॉजेक्ट वर्क है…टाइम-बॉंडेड रहता है…समय पर पूरा नही हुआ तो कंपनी को पेमेंट नही मिलेगी….और अगर पेमेंट नही मिली…तो मेरा भी पेमेंट नही मिलेगा…….क्या करू?

रश्मि: छोड़ दो नौकरी……

राजेश: और फिर जलेबी कहाँ से आएगी…ये कीमती कीमती कपड़े…..तुम्हारे नखरे का क्या होगा….?

रश्मि: मे कुच्छ नही माँगूंगी…प्लीज़ ….मे अब बर्दास्त नही कर सकती…बहुत हो गया….रात को मेने एक सेक्सी ब्लू फिल्म देखी थी…तब से हॉट हू….

राजेश: अरे तो ये बात है….डार्लिंग अभी आया…तुम्हारी हॉट निकालता हू.

रश्मि: रश्मिने उठ कर बाथरूम की तरफ जाते हुए कहा….आप चलो मे अभी आई डाइनिंग रूम मे.

और वो बाथरूम मे घुस गयी…

थोड़ी देर बाद दोनो डिन्निंग टेबल पर नाश्ते के लिए आ गये…सभी ने मिलकर नाश्ता किया…नाश्ता करने के बाद राज अपनी शॉप चला गया….कमला किचन मे और राजेश और रश्मि अपने बेडरूम मे…थोड़ी देर तक इधर उधेर की बाते हुए…फिर दोनो सेक्स के आगोश मे समा गये…करीब 50 मीं तक सेक्स चला…चुदाई अव्वल थी….राजेश ने दो तीन आसन का इस्तेमाल किया…रश्मि आज खूब चुदी….जब दोनो नॉर्मल हुए तो राजेश ने कहा…एक खूसखबरी है……..

रश्मि: क्या?

राजेश: उसके चेहरे को चूमते हुए कहा….कि मुझे मुंबई जाना होगा 3 मंथ. की ट्रैनिंग है….तुम चलोगि…तुम्हारा मन हल्का होगा…

रश्मि: वैसे कब जाना है

राजेश: 4-5 डेज़ लगेंगे……2 लोगो का रेकमेंडेशन हुआ है कंपनी की तरफ से एक मेरा और दूसरा मेरे एक दोस्त का.

रश्मि: अगर मेरा असाइनमेंट सब्मिट हो जाता है इन दिनो तो मे चलूंगी…वरना तुम्हे अकेले ही जाना होगा………………….मे अब अकेली नही रह पाऊँगी

राजेश: डार्लिंग…मे जो भी कर रहा हू तुम्हारे लिए ना..

रश्मि: वो तो ठीक है…पर लोगो को क्या करू…..?? लोग मुझे ताने देते है….

राजेश: ताने कैसी ताने?

रश्मि: शादी के 2 साल हुए…अभी तक कोई औलाद नही हुई….

राजेश: तो क्या हुआ….सभी लोग प्लान करते है….अपने भविस्य के लिए और अब भैया को देखो शादी को 5 साल हुए…उनको भी बच्चा नही हुआ…..उसका क्या?

रश्मि: ये सब मे नही जानती…..मुझे बच्चा चाहिए ..और ये तभी संभव होगा जब तुम मेरे पास रहोगे…..और सेक्स करोगे……………………….

ठीक है बाबा ये प्रॉजेक्ट ख़तम होने के बाद प्लान करते है फॅमिली की.

दोनो मे एक बार फिर फोर-प्ले सुरू होगयी और फिर सेक्स………………………………अंततः……दोनो स्खलित होकर ढेर हो गये…और दोनो चिपक कर सो गये…………………………………………………………………..

________________________________________

शाम को राज किसी काम से घर आया हुआ था…कमला कही पड़ोस मे गयी थी…..रश्मि कोई नॉवेल पढ़ रही थी…..राज शर्मा की स्टोरी. राज ने जब आवाज़ लगाई तो कोई जवाब नही मिला….तब उसने दरवाजे को प्रेस किया…दरवाजा अपने आप खुल गया……वो अंदर दाखिल हुआ….और रश्मि या कमला को ढूँढने लगा…..तभी उसे रश्मि के कमरे से आवाज़ आई…उसने चुपके से दरवाजे की तरफ देखा….रश्मि के रूम के दरवाजे के पास आ गया और झाँक कर रूम के अंदर झाँकने लगा…देखते हुए राज को झटका लगा……रश्मि बिल्कुल नंगी…बगल मे एक सेक्सी नॉवेल और उसके हाथ मे राज का ब्रीफ था….ये वही ब्रीफ था जो रश्मि के साथ नहाते वक़्त पहना था…..रश्मि लंड की जगह वाले हिस्से को किस कर रही थी और चाट चूम रही थी….ये देखकर राज रोमांचित हो गया….उसे कुच्छ समझ मे नही आ रहा था कि क्या हो रहा है…अब वो अपने कान को दरवाजे से लगा लिया और उसकी आवाज़ को सुनने लगा…..शुरू मे उसके कराहने की और सिसकारियो की आवाज़े आने लगी…फेर बाद मे….वो राज का नाम ले ले कर ब्रीफ को किस कर रही थी………

रश्मि; आइ लवर यू मेरे जेठ जी….जब से आपका लंड देखी हू तब से ब्याकुल हू…मेरी चूत हमेश रोती रहती है…क्या करू….हज़्बेंड तो चोद्ते है पर उनके चोद्ने से मन नही भरता…बताओ मे क्या करू…..और ये कहते हुए ब्रीफ के लंड की जगह किस कर लिया….आगे कहा……आपका लंड एक अश्व-शक्ति का लंड है…..ऐसा ही लंड मेरे मामा का था…..मोटा और काला….मे ऐसे ही लंड की दीवानी हू……हालाँकि मे पूर्ण रूप से कोरी हू……अपने हज़्बेंड के बाद आप ही है जिनसे मे अफेर कर बैठिहू…..आप आ जाओ और मेरी प्यास बुझा दो……………………………मे अब बर्दास्त नही कर सकती……याद है जब आपने मेरे होंठो को चूसा था… उसी दिन मे चुद जाती पर मुझे एहसास हुआ कि मे ग़लत कर रही हू….हां मे ग़लत कर रही थी….पर मे क्या करू….मेरी प्यास बुझती ही नही…..आपके दिल मे क्या है मे नही जानती …पर मे आपके वगैर बेचैन हू……………………………..मे क्या करू …..बताओ मे क्या करू….और पूरे ब्रीफ के कपड़े को अपने गालो, नाक और चेहरे पर रगड़ने लगी…………………………………….राज को बहुत अस्चर्य हुआ……चाहता तो राज भी रश्मि को था…कई दफ़ा उसे ब्रा और पॅंटी मे देख चुका था….पर सेक्स के लिए कभी नही सोचा…..आज उसके मन मे अरमान जगा है…पर वो इतनी जल्दी अपने पत्ते खोलना नही चाहता…..वो धीरे से बोला……मेरी जान थोड़ा और तड़पो……..तभी उसने धीरे से आवाज़ लगाई

राज: रश्मि………ए रश्मि कहाँ हो भाईईईईईईई..

रश्मि मानो नींद से जागी थी…अपने कपड़े पहने और ब्रीफ को बेड के अंदर किया और बोली…अभी आई……………………….और फिर आ गयी…

राज: कमला कहाँ है????? खाना लगाओ अभी जाना है…

रश्मि: जी अभी लगाई…आप हाथ पैर धो लो……मे अभी लगा देती हू…..

इस दरम्यान राज ने नोटीस किया कि रश्मि अपनी नज़रे चुरा रही थी….अपनी नज़रे नीची करके बात कर रही थी…..वैसे बो समझ चुका था कि ये ऐसे क्यो कर रही है…फिर भी उसे कुरेदते हुए कहा…

राज: क्या हुआ…तबीयत ठीक नई है क्या?

रश्मि: जी ठीक है….सो रही थी……दीदी बगल मे शर्मा अंकल के पास गयी है….उनकी बेटी का तिलक जा रहा है……………….सो फॅमिली फंक्षन अटेंड करने गयी..और

राज: और राजेश…?

रश्मि : वो ऑफीस? और हां भैया…वो मुंबई जा रहे है 2 मंथ के लिए…कोई ट्रैनिंग है….

राज: तुम भी जा रही हो?

रश्मि: जी असाइनमेंट जमा करने है…और फिर मे वन्हा जा कर क्या करूँगी…मे यही ठीक हू….

राज: वेरी गुड….. अरे हन….तुम्हारे लिए कुच्छ लाया हू…ले लो पैकेट…अगर तुम्हे पसंद नही हो तो वापस कर देना ….दुकानदार को दे दूँगा…और ये लो कमला को दे देना…दोनो के अलग अलग कपड़े के पैकेट हैं. और बेसिन की ओर चल दिया….

रश्मि उन पैकेट को देखने लगी…..रेड सेफन दी सारी, पेटिकोट, 4 ब्रा और 4 पॅंटीस थी….सब एक से एक आधुनिक और कॉस्ट्ली थी…..उसने मन ही मन सोचा…..जेठ जी तो काफ़ी रंगीले हो रहे है…तभी इस तरह के कपड़े खरीद लिए………………………..वो मुस्कुरई और फिर और ढूँढने लगी…उस पैकेट मे एक गत्ते का लिफ़ाफ़ा था..उसे निकाल कर देखा ….अरे ये तो थॉम्ब है….जो हेरोयिन बीच पर नहाते समय पहनती है…ये देखते हुए उसे करेंट सा लगा…वो समझ गयी कि जेठ जी के अंदर क्या मंसूबा है उसके प्रति….वो शर्मा गयी और कपड़े वही ड्रॉ मे डाल कर चल दी किचन की ओर…..

आज डॉक्टर. नेहा का बर्तडे था………..सुबह से ही काफ़ी खुस थी ….आज 12.00 पीयेम तक काम किया और उसके बाद सभी मरीज़ो को देखने के बाद अपने घर पर आ गयी……..उसकी मॅमी आंड कुच्छ रिलेटिव मिलकर घर को सजाने का काम करने लगे…कमला सुबह ही आ गयी थी…….वो भी लग गयी…उसने किचन संभाल लिया…….राज, राजेश और रश्मि शाम को आएगे……………………………….

पार्टी मे कुछ खास मेहमआनो को बुलाया गया था..जिसमे उसके रिलेटिव, कॉलीग्स आंड मेडिकल कॉलेज के स्टाफ्स के थे….कुल मिलकर 30 लोग ने पार्टी अटेंड किया…..पार्टी रात 11 पीयेम तक चली उसके बाद खाना हुआ……………………………खाना खाने के बाद सभी लोग अपने अपने घर चले गये…….कमला ने कहा कि मे सुबह आऊँगी….क्योकि मे काफ़ी थक चुकी हू….राज ने उसका वही रहना उचित समझा…..राजेश ने पार्टी अटेंड की नही थी…क्योकि कल उसे मुंबई के लिए फ्लाइट पकड़नी थी……इसलिए वो अपने प्रॉजेक्ट पर काम कर रहा था…रात 1 बजे तक काम किया…….उसे पता ही नही रहा कि आज डॉक्टर. नेहा का बर्तडे है…वैसे रश्मि ने दो बार फोन करके बता दिया था……पर वो समय पर ना आने का खेद प्रकट कर चुका था डॉक्टर. नेहा को…………………

राज एक ऑटो लाया और उसपर रश्मि और खुद बैठकर घर आ गये…..दोनो काफ़ी थके हुए भी थे….राज ने थोड़ी सी पी भी रखी थी….और रश्मि भी…..ऑटो मे दोनो ऐसे बैठे हुए थे कि ऐसा लगता था कि दोनो पति-पत्नी हो या प्रेमी-प्रेमिका हो……

ऑटो ड्राइवर= शहाब, कहा चलु?

राज: साउत एक्स्ट.

ड्राइवर ने साउत एक्स्ट की ओर ऑटो को दौड़ा दिया…..राज ने मोके को देखते हुए रश्मि को बाँहो मे लेलिया और उसके होंठो को किस करने लगा…रश्मि को राज के मुँह से शराब की बदबू आ रही थी…उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ कर लिया और बोली: ठीक से बैठो….ड्राइवर देख रहा है…पर अपना हाथ राज की जाँघ पर रखे रखा……और राज उसके हाथ को अपने लंड पर रगड़ने लगा…..

रश्मि को अच्छा लग रहा था…..वो कुच्छ नही बोल रही थी….बीच बीच मे राज रश्मि को किस कर रहा था……घर के पास आते ही ऑटो ड्राइवर को पेमेंट कर दिया…ऑटो-ड्राइवर उसे घूरते हुए चला गया….रश्मि और राज घर मे घुस गये…………….रश्मि को अजीब सा लग रहा था….वो दूबिधा मे थी कि अगर राज पहल करेंगे तो वो क्या करेगी….वैसे मन तो उसे भी कर रहा था….कि चाहे जो हो……..सेक्स मे आगे बढ़ेगी…पर वह राजेश को धोखा नही दे सकती थी….राजेश जो करता है, किसी के साथ सोता है वो उसका कर्म है मेरा कर्म क्या है….वो लड़का है….समाज उसे कुच्छ नही कहेगा….पर मे एक स्त्री हू….किसी की पत्नी हू, किसी की बहू हू, किसी की बेटी हू….अगर बात खुलेगी को मेरे मम्मी पापा क्या कहेंगे…और फिर कमला दीदी क्या कहेगी….जो कि मुझे अपनी बहन से भी ज़्यादा प्यार करती है…..यही उधेड़ बुन मे उसने घर के अंदर प्रवेश किया और भाग कर अपने कमरे मे चली गयी और अंदर से दरवाजा लॉक कर लिया…..राज को समझ मे नही आया कि क्या हो गया अचानक रश्मि को….वो रश्मि के दरवाजे तक आया और बोला:

राज: रश्मि….एवेरी थिंग ईज़ अलराइट???? कोई दिक्कत है?

रश्मि: जी नही…आप भी सो जाओ…सुबह बात करेंगे…

राज:पर हुआ क्या??? ये तो बताओ…अचानक रिक्ट क्यो कर रही हो

रश्मि: वो आप जानते है…..

राज: क्या???? सॉफ सॉफ बताओ

रश्मि: ऑटो मे जो कुच्छ भी हुआ वो ठीक नही है….हमारा रिश्ता इसके लिए इज़ाज़त नही देता….

राज: मे इसपर कुच्छ सफाई नही दूँगा….दर असल ये समय की माँग है और उम्र का तक़ाज़ा है….तुम भी जानती हो और मे भी कि हम अपने अपने पार्ट्नर से खुस नही है….

रश्मि: आप को किसने कह दिया कि हम खुस नही है….मे अपने पति से बहुत खुस हू…….

राज: वो तो तुम्हारी ज़ुबान कह रही है पर क्या तुम्हारा शरीर तुम्हारा साथ दे रहा है….क्या तुम वाकई खुश हो….तो फिर उस दिन क्या हो गया था तुम्हे जब तुम मेरे बाथरूम मे घुस गयी थी….

रश्मि: आपका बाथरूम नही मेरा बाथरूम था….आप आए थे मेरे बाथरूम मे

राज: हां….हां…तुम्हारा….पर तुम बाथरूम मे क्यो आई…..तब मे नहा रहा था………………

क्रमशः

007
Platinum Member
Posts: 948
Joined: 14 Oct 2014 11:58

Re: प्यास बुझती ही नही

Unread post by 007 » 11 Dec 2014 07:55



Rashmi: bolo mat…dhakke lagaao…….aaaaaaaaaaaaahhhhhh maja aa raha hai
Rajesh aur jor jor se chodne laga……halanki use dard ho raha thaa phir bhi chode jar aha thaa….aur ant-tah wo jhar gay rashmi bhi jhar gayee…dono yu hi ek dusre me samaye hue haanf rahe thee…..phir uth kar dono shawar ke par aa gaye aur nahane lage………………………………………refresh hokar dono bathroom se bahar aa gaye….rashmi kitchen me chali gayee aur wo apne beDoctoroom me…….

Karib 2.00 pm par Raj aur kamla bhi aa gaye…..aur phir saare log milkar khana khaye…………………………………….dinning table par
Kamla: are tumlog andar kaise aye….chabhi to mere pas thee
Rashmi: inhone tala khol kar ander aagaye
Kamla: are wah….deverjee tala kholne me expart hain mujhe pata hi nahi chala
Rashmi: wo to dikh hi raha hai……agar aapka bhi koi tala purana ho to do ye khol denge…wo dheere se boli
Kamla: mere to nahi hai par meri saheli kaanta ka hai……..uska tala nahi khul raha hai…chabhi kahi kho gayi hai aur tala kaafi kimti hai…..is dwee-arth bhare dialogue sun sun ke Raj ko chakkar aa raha thaa….wo bola ab bas karo yaar khana kho….me jaa raha hu………….aur wo uth kar basin ke pas chala gaya haath dhone ke liye
Kamla: ab inhe kya ho gaya….
Rashmi : shirf muskura di….boli kuchh nahi….rajesh bhi basin ki taraf badh gaya
Rashmi aur kamla dono juthe bartan ko batorne lagi…………………………….

Aaj rashmi refresh anubhaw kar rahi thee…kyoki 2 din se chudai nahi hue thee aur dusre apne jethji ke shareer ki garmi unhe pareshaan kar rahi thee……par wo bhi kya karti…..sex hai hi aisa cheej……


Shaam ko 5 pm par Raj apna bike lekar college aa gaya…rashmi pahle se uska intezaar kar rahi thee…is samay wo ek gulabi suti suite pehne hue thee..wo kafi refresh lag rahi thee…chehra dekh kar aisa lag raha thaa ki exam ka bojh uske sir se utar chukka thaa…wo smile dekar Raj ko swagat kiya…Raj uske pas bike rok di….wo baith gayee …Raj U turn lekar bike badha diya……………..

Karib 20 min baad wo ek sun-san jungle ki taraf bike badha di….
Raj: tumhe jaldi to nahi….?
Rashmi: kyo?? Ham kaha ja rahe hai
Raj: ek dost se milna hai….paise lana hai….yahi ek gaon me rahta hai
Rashmi: kitni der lagegi…
Raj: bas 15 min……
Rashmi: theek hai….shaam hone ko hai…der mat lagana
Raj Doctoriver karte hue ek ped ke kinare bike rok di…….rashmi ne pucha kya hua…Raj ne apne chhoti ungli nikalkar kaha…………abhi aya…peshab lagi hai
Rashmi Sharma gayee wo bhi bike se uter gayee aur wahi par chahalkadmi krne lagi…………..karib 50 gaj par hi Raj ek jhadi ke nikat pna chain kholkar pura lund bahar nikalkar mutane laga…………………..lund bilkul kala aur luM B A thaa….rashmi use tirchhi nigaho se dekh rahi thee…par lund dikhai nahi de raha thaa sir use peshab ke dhar dikhai de raha thaa…jo ki jhadiyo me jar aha thaa…wo uske lund ko dekhna chahti thee…par wo kare to kya kare…..Raj bhi jaan raha thaa ki rashmi uske lund ko jarur ghur rahi hogi par wo uske taraf nahi ghuma apur peshaab karne laga…….jab peshaab khatam hua…aur right turn hua…rashmi use gurti hue dikh gayee…rashmi Sharma gayee….wo lund ko bahar hi rahne diya aur use dekhne laga……wo muskura kar apna lund ko pant ke ander karne laga…aur chain band karne laga…par chain band nahi ho raha thaa…..wo kahne laga…..rashmi mera help karo…ye chain nahi band ho raha hai….rashmi hairan hokar idhar-udhar dekhne laga…par wanhaa koi nahi thaa…wo sharm haya chodkar Raj ki taraf badh gayee…..wo dekhi….uske pant ki jip khula thaa…wo gaur se pant ke jip ko dekha……aur boli….ye to one-sided ho gaya hai…yani jip ek patri se utar gaya thaa……ab iska kuchh nahi ho sakta ……aise hi ghar chalo…..shirt ko bahar nikal lo aur ishe anar achchi tarah kar lo……….
Raj: ishe ….kishe???
Rashmi: wo buri tarah Sharma gayee……aur boli….jaise aapko pata hi nahi
Raj: wakai mujhe nahi pata….bolo na muskurate hue kaha
Rashmi: ab chhhodo chalo…..jinse milna hai…par milker kya karoge…dekhega to kya kahega….in pant me nahi jaao…kisi aur din aana
Raj bhi socha sahi to kah rahi hai…aur phir wo jis cheej ke liye use lekar aya tha wo to pura ho gaya…rashmi uske lund dekh chuki thee…wo apna shirt bahar nikal kar pant ko achchi tarah kiya aur bike start kar U turn kar liya……….
Rashte me hawa chalne se uska jip idher udher ho raha thaa……….wo rashmi se kaha….
Raj: rashmi….mera darwaja to band kar do
Rashmi: kaun sa darwaja.
Raj: wahi ji tumhare haatho ke niche hai….
Ye samajhete hi rashmi Sharma gayee…..wo boli
Rashmi: nahi mujhe dar lagta hai….
Raj: kis bat ka dar
Rashmi: wanhaa kala naag hai…das lega
Raj: kuchh nahi hoga….. shahar aane wali hai…log dekhenge to kya kahenge
Rashmi: kuchh nahi kahenge…aj-kal faishan hai…..log shochenge ki ye bhi faishan hai….aur phir me hu hi……………………aap aaram se chalo……

Rashmi aur Raj raste bhar aish kiya……bike par kabhi rashmi uske pet ko pakarti to kabhi uske kamar ko…….par sabse saficient jagah thaa right pocet……rashme ne ab apna haath right pocket med al diya aur wahi se lund ka andaja lagane lag….Raj ko laga ki wo bike par hi jhar jayega…par wo control kiye hue thaa…tabhi ek halka sa jurk hua…dono uchak gaye…..rashmi kaa haath pait se nikal kar aage Raj ke lund par aa gaya….lund pahle sebaahar thaa hi....ab uski hahteli mei lund ka topa aa gaya…wo jhat se haath hata liya…..aur muskurate hue Sharma gayee…..Raj bhi mirror me sab dekh liya….ki rashmi uske lund touch se sharma gayee hai……………………………use ek adbhut maja mil raha thaa…..ab shahar ka bhid aa raha thaa….dono shaham ker baith gaye….thodi der me ghar aa gaya….Raj ne ghar ke darwaje ke thodi der pahle hi bike rok di….rashmi uthar gayee aur ghar ke ander chali gayee…….Raj bhi andar aa gaya ….wo sidhe apne beDoctoroom me chala gaya…..paint shirt kholne ke baad wo nahane chala gaya….thodi der me fresh hokar bahar aa gaya……dusra paint shirt pahn kar shop jane laga…tabhi pichhe se rashmi aa gayee……chay bana rahi hu pii kar jaiye….
Raj ruk gaya….theek hai bana lo….aur haa kuchh khane ko bhi lana/ kamla sabji ki tokri ke saath aa gayee..
Kamla: are tumlog aa gaye…..
Raj: haa……kaafi bhid thee ……aur bhir gaadi bhi kharab ho gayee………
Kamla; gaadi me kya ho gya
Raj: starting problem……….ise theek karana hoga…..
Kamla: khana bana du……..?
Raj: khana to raat ko hi lunga….dinner….rashmi chay aur pakode bana rahi hai……..baitho…chay tum bhi pi lo….
Kamla: kaisi rahi papar rashmi ki
Raj: mujhe kya pata usi se puchh lo
Kamla:naraj kyo hote ho…tumhe to batayee hogi
Raj: theek haa….boli ki pass ho jaaoongi
Kamla: aapki bahut izaat karti hai
Raj: wo karegi hi….mene kitne pyar se in dono ki shaadi karwayee hai…..aisa bahu haipur mohalle me?
Kamla; baat to aap theek kah rahe ho ji….bhagwan ne hame aulad nahi diya…ab ye dono hi mere aulad hai…….aur emotionally ho gayee kamla……
Raj: areereee….ye kya tum to rone lagi……are bhai ham buddhe nahi hue aur na hi tum budhiya….abhii bhi ham koshish kar sakte hai bachhe ke liye…..
Kamla: ab normal ho gayee…tabhi rashmi chay lekar aa gayee…….
Rashmi ne dono ko chay diya aur apni chay lekar apne beDoctoroom me aa gayee….chay pine ke baad wo sone lagi…..kyoki wo kaafi thak chuki thee….
Raj bhi chay pi kar apne shop chala gaya……
Raj ke jaane ke baad rashmi ke aaj ke ghatna kram par sochne lagi…..wo sochi …kya inshaan hai…..laM B A, sanwla, khubsurat shareer ka malik…aur phir lundke bare me anumaan lagane laga…..karib 9” ka jarur hoga…..aur phir mota kitna thaa…mere haath me nahi aa raha thaa…..is se chudwane me didi ko kaafi maja aata hoga…….ye sochte huwe Sharma gayee ki……………agar jethji use chodne lage to…………………uske gaalo pe lali tair gayee…wo apna sir takiye me chhupakar neend ki aagosh me chali gayee…………

Aaj kaafi raat ho chukka thaa….Raj aur Doctor. neha oparation me busy thee…samay ka pata nahi chala….tabhi ghar se kamla ka phone aaya….
Kamla: kaha hai….11 baj gaye
Raj: haamm aa raha hu bhai…….oparation thaa aur phir shop me bhi koi nai….1/2 hr lagega tum khana kha kar so jaao…me kha kar hi aaoonga…..rajesh aa gaya kya?
Kamla: kaha aya hai wo bhi nahi aya hai….ham-dono kaise khay….aap jaldi ayo
Raj : theek hai ….aa raha hu….aur phone kaat diya….
Sorry madam …hame nikalna hoga…aap bhi ghar jaao….kaafi thak gayee hongi.
Doctor. neha: thanks …are haa…kal mera birthday hai…aaplogo ko ana hoga….pl
Raj: are wah happy birthday to you in advance….
Doctor. Neha: ji nahi aise nahi….aapko party me ana hoga..aur didi ko bhi lana
Raj: tumhe ghar jaa kar bolna chahiye na
Doctor. Neha: abhi chale????
Raj: chalo…….
Doctor. Neha: par raat kaafi ho chuki hai/ aati hu….bye
Raj: bye..aur bike start kar ghar aagaya…………………

Darwaja rashmi ne khola…..
Raj: are wah abhi tab soyee nahi…??? Rajesh aa gaya kya?
Rashmi: phone aya thaa ……office me hi rahege kal ayenge
Mhesh: tum log khana kha liye ho kya?
rashmi: aap ka wait kar rahe the….
Raj: theek hai khana lagao….kamla kaha gayee
Rashmi: wo so rahi hai…
Raj: khana kha li hai kya?
Rashmi: ji nahi….abhi uthati hu
Raj: tum khana lagao me use uthata hu….
Raj apne beDoctoroom ki taraf chala gaya….aur attached bathroom me fresh hone chala gaya….thodi der baad kamla aur Raj dinning table par aa gaye
Rashmi pahle se hi 3 plates me khana laga chuki thee…..is samay rashmi ek white nighty pehne hue thee….V shape me uski chuchiya saaf dikh rahi thee…wo naam k eek dupatta sine par rakhe hue thee….par Raj ko andar sab kuchh dikh raha thaa….aur rashmi bhi uchak uchak kar apni chuchiya dikha rahi thee……karib 20min me dinner khatam hone ke baad Raj aur kamla apne bed me sone chale gaye…..rashmi bhi apne kamre me chali gayee…..wo apne ko kos rahi thee ki kyo rajesh se shaadi ki….jise apni wife ka thoda sa bhi parwah nahi hai…..
Subah 7.00 am wo uth gayee aur kitchen me chay banana lagi…tabhi kamla aa gayee…..
Rashmi: good morning didi
Kamla: good morning ….lagta hai tum raat me soyee nahi
Rashmi: kaha neend aati hai….aadat jo laga di hai aapke dever ne
Kamla: to phir ghar se jaane kyo deti ho….use bandh kar rakho..
Rashmi: me to kai baar kaha…ki 6 pm ke baad ghar par raho…..par use meri fikr kaha hai………raat bhar karbate lete lete so gayee… ….aap ka to aish hai na?
Kamla: are meri kaha…….ye itne thak jate hai ki kaha ho pata hai…..
Rashmi: are kyo??? Me to samajh rahi thee ki ab tak 3 bar ho chukka hoga….bhaiya to ache hai………
Rashmi: tumhe kaise pata ki ye ache hai…..
Kamla: pura ki pura….SAANDH hai……..ek bar de baad dubara ke liye stamina nahi rahta………uski baato ko sunker rashmi hasne lagi…….dhat….kaisi baate karti ho.
Rashmi:Mard kabi saandh nahi ho sakta……wo to itne aaram se karte hai ki maja aa jata hai…….
Kamla: tumhara pati ho sakta hai…par ye nahi….tumhe pata hai….10 inch ka hai inka……aur 3 inch mota, kala……………………
Rashmi: chhhiiii didi aisi baate hame kyo bol rahi ho.
Kamla;kyo tumhe man nahi karta deverji ke liye
Rashmi: arta to hai par kiya bhi kya ja sakta hai…naukri bhi to jaruri hai na
Kamla: par sex to use bhi jyada jaruri hai…..rashmi maayus ho gayee…boli kuchh nahi…………….ye to apna apna mukaddar hai……sirf itna hi rashmi ne kaha aur wanhaa se uth kar chal di……….kamla use jate hue dekhti rahi…….wo dhan liy tha ki rajesh se bolungi…..aise nahi chalega…….agar shaadi ki hai to nibhayo….rashmi ki pura haq do………………………………………………………………………………………..

Kamla chay ka plate liye Raj ke pas aye..aur chay ke cup dete hue kaha….
Kamla:Pata nahi is ladke ka kya hoga/?? Raa t raat bhar gayab rahta hai….
Raj: kyo kya hua?
Kamla: raat bhar se gayab hai…ek phone aya ki me subah aaungaa…par abhi tak nahi aya…aap kuchh kyo nahi bolte……..shaadi ki hai rashmi se …..kuchh to uska bhi duty banta hai…………….bechari
Raj: are to isme me kya bolu?? Pati-patni ke beech ka mamla hai….mujhe beech me mat lejaao…….aur phir tum kyo nahi bolti..wo to tumhara pyara ladla dever hai……. Tabhi rajesh aa gaya….apna bag rakhte hue kaha………..
Kya chal raha hai……sorry bhaiya…….raat me meeting 2pm tak chali…aur phir office ke staff log ne bola ki yahi par so jaao subah chale jana to me ruk gaya….
Phone to kar hi diya thaa……………….
Raj: jao apne kamre me..fresh ho lo…phir baatkarte hai.
Rajesh: theek hai abhi aya fresh hokar….rashmi kaha hai.
Raj: beDoctoroom me hogi………………..aur rajesh chala gaya….

Rajesh apna bag rakha aur towell lekar bathroom me ghus gaya…thodi der baad wo refresh hokar bahar nikla…rashmi ek nightly pehn kar so rahi thee…..rajeshke aankho ke samne rashmi k vishal chutad dikh raha thaa…nighty kaafi upar uth chuka thaa….aaj rajesh ko chode hue 2 din ho chuke the…..uska lund khada ho gaya …par use yaad aya…are mujhe to rashmi ko manana hoga…kyoki raat ko der aya thaa…aur hir abhi din hai……………………….so wo dheere se uske bagal me baith gaya…aur apne dahine haath se uske chehre ko sahlaya aur uske gaalo par ek kiss dete hue kaha:
Rajesh: darling…so rahi ho……..abhi to 10 baje hai….tabiyat to theek hai
Rashmi: theek hai ..sone do.
Rajesh: are yaar aankhe to kholo…dekho tumhare liye kya laya hu.
Rashmi: aankhe khol kar kaha…kya laye ho….
Rajesh: jalebi……utho……fresh ho jaao…nasta karte hai
Rashmi uth gayee………..aur uke gale me banhe dale hue kaha…….tum mujhe marwa doge…..kabhi to meri fikr kar liya karo…..me raat se pareshaan thee tumhare liye…aur tum ho ki…meri jara bhi fikr nahikarte…bataao me kya karu?
Rajesh: me samajh sakta hu….me tumhe pura waqt nahi deta hu…par kya karu kaam hi aisa hai…project work hai…time-bonded rahta hai…samay par pura nahi hua to company ko payment nahi milegi….aur agar payment nahi mili…to mera bhi payment nahi milega…….kya karu?
Rashmi: chod do naukri……
Rajesh: aur phir jalebi kaha se ayegi…ye kimti kimti kapDoctore…..tumhare nakhre ka kya hoga….?
Rashmi: me kuchh nahi mangungi…please ….me ab bardast nahi kar sakti…bahut ho gaya….raat ko me ek sexy blue film dekhi thee…tab se hot hu….
Rajesh: are to ye baat hai….darling abhi aya…tumhari hot nikalta hu.
Rashmi: rashmi uth kar bathroom ki taraf jaate hue kaha….aap chalo me abhi ayee dinning room me.
Aur wo bathroom me ghus gayee…
Thodi der baad dono dinning table par nasta ke liye aa gaye…sabhi ne milkar nasta kiya…nasta karne ke baad Raj apne shop chala gaya….kamla kitchen me aur rajesh aur rashmi apne beDoctoroom me…thodi der tak idhar udher ki baate hue…phir dono sex ke aagosh me sama gaye…karib 50 min tak sex chala…chudai awwal thee….rajesh ne do theen aasan ka istemaal kiya…rashmi aaj khub chudi….jab dono normal hue to rajesh ne kaha…ek khuskhabri hai……..
Rashmi: kya?
Rajesh: uske chehre ko chumte hue kaha….ki mujhe muM B Ai jana hoga 3 mon. ki training hai….tum chalogi…tumhara man halka hoga…
Rashmi: waise kab jana hai
Rajesh: 4-5 days lagenge……2 logo ka recommendation hua hai company ke taraf se ek mera aur dusra mere ek dost ka.
Rahsmi: agar mera assignment submit ho jata hai in dino to me chalungi…warna tumhe akele hi jana hoga………………….me ab akeli nahi rah paaoongi
Rajesh: darling…me jo bhi kar raha hu tumhare liye na..
Rashmi: wo to theek hai…par logo ko kya karu…..?? log mujhe taane dete hai….
Rajesh: taane kaisi taane?
Rashmi: shaadi ke 2 saal hue…abhi tak koi aulad nahi hua….
Rajesh: to kya hua….sabhi log plan karte hai….apne bhawisya ke liye aur ab bhaiya ko dekho shaadi ke 5 yrs hue…unko bhi bachcha nahi hua…..uska kya?
Rashmi: ye sab me nahi janti…..mujhe bachcha chahiye ..aur ye tabhi sambhaw hoga jab tum mere pas rahoge…..aur sex karoge……………………….
Theek hai baba ye project khatam hone ke baad plan karte hai family ki.
Dono me ek baar phir fore-play suru hogayee aur phir sex………………………………antatah……dono skhalit hokar dher ho gayee…aur dono chipak kar so gaye…………………………………………………………………..

Shaaam ko Raj kisi kaam se ghar ayaa hua thaa…kamla kahi padosh me gayee thee…..rashmi koi novel padh rahi thee…..MAST RAM KI STORY. Raj ne jab awaj lagayee to koi jawab nahi mila….tab wo darwaje ko press kiya…darwaja apne aap khul gaya……wo andar dakhil hua….aur rashmi yaa kamla ko dhundhne laga…..tabhi wo rashmi ke kamre ki awaj ayee…wo chupke se darwaje ki taraf dekha….rashmi ke room ke darwaje ke pas aa gaya aur jhakkar room ke ander jhankne laga…dekhte hu Raj ko jhatka laga……rashmi bilkul nangi…bagal me ek sexy novel aur uske haath me Raj ka brief thaa….ye wahi bried thaa jo rashmi ke saath nahate waqt pehna thaa…..rashmi lund ke jagah wale hisse ko kiss kar rahi thee aur chaat chum rahee thee….ye dekhkar Raj romanchit ho gaya….use kuchh samajh me nahi aa raha thaa ki kya ho raha hai…ab wo apne kaan ko darwaje me laga liya aur uske awaj ko sunne laga…..surru me uske karanhe ki aur siskariyo ki awaje aane lagi…pher baad me….wo Raj ke naam le le kar brief ko kiss kar raha thaa………
rashmI; I lover you mere jethjii….jab se aapka lund dekhi hu tab se byakul hu…meri chut hamesh roti rahti hai…kya karu….husband to chodte hai par unke chodne se man nahi bharta…bataao me kya karu…..aur ye kahte hue brief ke lund ke jagah kiss kar liya….age kaha……aapka lund ek ashwa-shakti ka lund hai…..aisa hi lund mere mama ka thaa…..mota aur kala….me aise hilund ki diwani hu……halanki me purn roop se kori hu……apne husband ke baad aap hi hai jinse me affair kar baithihu…..aap aa jaao aur meri pyas bujha do……………………………me ab bardast nai kar sakti……yaad hai jab aapne meri baste lagi hontho ko chusa tha… usi din me chud jaati par mujhe ehsaas hua ki me galat kar rahi hu….haa me galat kar rahi thee….par me kya karu….meri pyaas bujhti hi nahi…..aapke dil me kya hai me nahi janti …par me aapke wagair bechain hu……………………………..me kya karu …..bataao me kya karu….aur pure brief ke kapre ko apne gaalo, naak aur chehre par ragarne lagi…………………………………….Raj ko bahut ascharya hua……chahta to Raj bhi rashmi ko thaa…kai dafa use bra aur panti me dekh chuka thaa….par sex ke liye kabhi nahi socha…..aj uske man me arman jaga hai…par wo itni jaldi apne patte kholna nahi chahta…..wo dheere se bola……meri jaan thoda aur tadpo……..tabhi wo dheere se awaj lagai
Raj: rashmi………e rashmi kaha ho bhayaee..
rashmi ko maano neend se jagee thee…apne kapre pehne aur brieff ko bed ke ander kiya aur boli…abhi ayee……………………….aur phir aa gayee…
Raj: kamla kaha hai????? Khana lagao abhi jaana hai…
rashmi: ji abhi lagayee…aap haath pair dho lo……me abhi laga deti hu…..
is darmyaan Raj ne notice kiya ki rashmi apni nazare chura rahi thee….apni nazare nichi karke baat kar rhai thee…..waise bo samajh chuka tha ki ye aise kyo kar rahi hai…par bhi use kuredte hue kaha…
Raj: kya hua…tabiyat theek nai hai kya?
Rashmi: gee theek hai….so rahee thee……didi bagal me sharma uncle ke pas gayee hai….une beti ki talak ja raha hai……………….so family function attend karne gayee..aur
Raj: aur rajesh…?
Rashmi : wo office? Aur haa bhaiya…wo muM B Ai jaa rahe hai 2 month ke liye…koi training hai….
Raj: tum bhi jaa rahi ho?
Rashmi: ji assignment jama karne hai…aur phir me wanhaa jaa kar kya karungi…me yahi theek hu….
Raj: very good….. are haa….tumhare liye kuchh laya hu…le lo packate…agar tumhe pasand nahi ho to wapas kar dena ….dukaandar ko de dunga…aur ye lo kamla ko de dena…dono ke alag alag kapre ke packate hain. Aur basin ki or chal diya….
Rashmi un packate ko dekhne lagi…..red ceafone di saari, peticoat, 4 bra aur 4 panties thee….sab ek se ek adhunik aur costly thee…..wo man hi man socha…..jethji to kaafi rangeele ho rahe hai…tabhi is tarah ke kapre kharid liye………………………..wo muskuraee aur phir aur dhundhne lage…us packate me ek gatte ka lifafa thaa..use nikal ker dekha ….are ye to thomb hai….jo heroine beech par nahate chamay pahnti hai…ye dekhte hu use current sa laga…wo samjh gayee ki jethjee ke ander kya mansoba hai uske prati….wo sharma gayee aur kapre wahi Doctoraw me dal kar chal di kitchen ki or…..

Aaj Doctor. Neha ka birthday tha………..subah se hi kaafi khus thee ….aaj 12.00 pm tak kaam kiya aur uske baad sabhi marijo ko dekhne ke baad apne ghar par aa gayee……..uski mammy and kuchh relative milkar ghar ko sajane ka kaam karne lagi…kamla subah hi aa gayee thee…….wo bhi lag gayee…wo kitchen sambhal liya…….Raj, rajesh aur rashmi shaam ko ayegi……………………………….

Party me kuch khas mehmano ko bulaya gaya thaa..jisme uske relative, colleagues and medical college ke staffs thee….kul milakar 30 log ne party attend kiya…..party raat 11 pm tak chali uske baad khana hua……………………………khana khane ke baad sabhi log apne apne ghar chale gaye…….kamla ne kaha ki me subah aaoongi….kyoki me kaafi thak chuki hu….Raj use wahi rahna uchit samjha…..rajesh party attend kiya nahi thaa…kyoki kal use muM B Ai ke liye flight pakarna tha……isliye wo apne project par kaam kar raha thaa…raat 1 baje tak kaam kiya…….use pata hi nahi raha ki aaj Doctor. neha ka birthday hai…waise rashmi ne do baar phone karke bata diya thaa……par wo samay par naa aane ka khed prakat kar chuka thaa Doctor. neha ko…………………

Raj ek auto laya aur uspar rashmi aur khud baithkar ghar aa gaye…..dono kaafi thake hue bhi thee….Raj thodi si pee bhi rakhi thee….aur rashmi bhi…..auto me dono aise biathe hue thee ki aisa lagta thaa ki dono pati-patni ho yaa premi-premika ho……
Auto Doctoriver= shahab, kaha chalu?
Raj: south ext.
Doctoriver south ext ki or auto ko daura diya…..Raj ne meka ko dekhte hue rashmi ko banho me leliya aur uske hontho ko kiss karne laga…rashmi ko Raj ke munh se sharab ki badbu aa rahi thee…wo apna chehra dusri taraf kar liya aur bola: theek se baitho….Doctoriver dekh raha hai…par apna haath Raj ke jangh par rakhe rakha……aur Raj uske haath ko apne lund par ragarne laga…..
Rashmi ko achha lag raha thaa…..wo kuchh nahi bol rahi thee….bich bich me Raj rashmi ko kiss kar raha thaa……ghar ke pas aate hi auto Doctoriver ko payment kar diya…auto-Doctoriver ne use ghurte hue chala gaya….rashmi aur Raj ghar me ghus gaye…………….rashmi ko ajeeb sa lag raha tha….wo dubidha me thee ki agar Raj pahal karenge to wo kya karegi….waise man to use bhi kar raha thaa….ki chahe jo ho……..sex me aage badhegi…par wah rajesh ko dhokha nahi de sakti thee….rajesh jo karta hai, kisi ke saath sota hai wo uska karm hai mera karm kya hai….wo ladka hai….samaj use kuchh nahi kahega….par me ek stree hu….kisi ki patni hu, kisi ki bahu hu, kisi ki beti hu….agar baat khulegi ko meri mummy papa kya kahenge…aur phir kamla didi kya kahegi….jo ki mujhe apni bahan se bhi jyada pyar karti hai…..yahi udher bund me wo ghar ke ander pravisht kiya aur bhag kar apne kamre me chali gayee aur ander se darwaja lock kar liya…..Raj ko samajh me nahi aya ki kya ho gaya achanak rashmi ko….wo rashmi ke darwaje tak aya aur bola:
Raj: rashmi….every thing is allright???? Koi dikkat hai?
Rashmi: jee nahi…aap bhi so jaao…subah baat karenge…
Raj:par hua kya??? Ye to bataao…achanak react kyo kar rahi ho
Rashmi: wo aap jante hai…..
Raj: kya???? Saaf saaf bataao
Rashmi: auto me jo kuchh bhi hua wo theek nahi hai….hamara rasta iske liye izaazat nahi deta….
Raj: me ispar kuchh safai nahi dunga….darashal ye samay ka mang hai aur umr ka takaja hai….tum bhi janti ho aur me bhi ki ham apne apne partner se khus nahi hai….
Rashmi: aap ko kisne kah diya ki ham khus nahi hai….me apne pati se bahut khus hu…….
Raj: wo to tumhara jawan kah raha hai par kya tumhara shareer tumhara saath de raha hai….kya tum wakai kush ho….to phir us din kya ho gaya thaa tumhe jab tum mere bathroom me ghus gayee thee….
Rashmi: aapka bathroom nahi mera bathroom thaa….aap aye the mere bathroom me
Raj: haa….haa…tumhara….par tum bathroom me kyo aye…..tab me naha raha thaa………………




007
Platinum Member
Posts: 948
Joined: 14 Oct 2014 11:58

Re: प्यास बुझती ही नही

Unread post by 007 » 11 Dec 2014 07:56

प्यास बुझती ही नही-4

दोस्तो मैं यानी आपका दोस्त राज शर्मा चौथा पार्ट लेकर हाजिर हूँ अब आगे.............................

रश्मि: अपने मुँह का पेस्ट सॉफ करने आई थी….

राज: वो तो तुम किचन के बाहर लगे हुए बेसिन मे भी धो सकती थी….

अब रश्मि के पास कोई जवाब नही था……….उसने घबरा कर बोला…मेने सोचा कि बाथरूम मे धो लू…..

राज: चलो ठीक है…पर जब मेने तुम्हे साबुन लगाने को कहा तो तुम तैयार क्यो हो गयी……उस समय तुम्हारे मन ने क्यो नही रोका…तुम मेरी बहू थी….मेरे छ्होटे भाई की बीबी……………….

अब भी रश्मि के पास कोई जवाब नही दिया………अच्छा छोड़ो……..

जब मेने तुम्हारा किस किया,, तुम्हारे होंठो को चूसा….और याद है तुमने भी चूसा था……मेरे होंठ…पर वह क्या था……है तुम्हारे पास जवाब ….इस स्वाल का???? या फिर मे जाऊ सोने…..

थोड़ी देर रश्मि कुच्छ नही बोली….फिर उसने बोली…..जो कुच्छ भी हुआ इसके लिए सॉरी…मे बहक गयी थी…अब आगे ऐसा नही होगा……आप जाओ सोने….मे भी सोने जा रही हू…………………..

तुम बेशक सोने जाओ……मुझे भी कोई दिलचस्पी नही है तुममे……मे तो तुम्हे समझा रहा था…कि स्त्री और पुरुष के बीच सेक्स के रिस्ते होते रहते है ….चाहे रिस्ते कोई भी हो…..हमारा तुम्हारा रिस्ता हो सकता है…पर डिपेंड तुमपे है…अगर तुम तैयार हो तो ठीक है….और अगर नही ….तो फर्गेट इट…………

रश्मि कुच्छ नही बोली…………………………राज अपने कमरे मे चला आया…और फ्रेश होकर एक ग्लास दूध पिया और सो गया……………………………………………………….

दूसरी तरफ रश्मि की आँखो मे नींद नही थी…वो सोच रही थी कि क्या उसने जो किया …क्या वो सही है????? क्या वाकई सारी ग़लती राज की है….उसकी नही है…

चाहे जो हो मे एक स्त्री हू…मुझे अपने अस्मत बचानी चाहिए…….और फिर राज का क्या गुनाह है…..जिस समय दोनो थे उस समय कोई भी मर्द फिसल सकता है…आधी रात का टाइम, दोनो जवान, और उसपर रश्मि के साड़ी और उसके ब्लाउस के कट….उसके ब्लाउस से दोनो चुचिया आधी से ज़्यादा बाहर आ रही थी जो कि मर्दो को आवाहन कर रही थी कि आओ और पाकड़ो मुझे…….और फिर पेटिकोट की गाँठ उसकी नाभि से काफ़ी नीचे बाँध रखी थी…और उसपर उसकी हेवी गान्ड….किसी भी मनचले को पथ-भ्रस्त कर सकता है…….ये तो राज था जो कि अब तक अपने आप पर कंट्रोल रखे हुए था….अगर कोई और होता तो अब तक रश्मि चुद चुकी होती….यही सोचते हुए रश्मि ने फ़ैसला किया कि सुबह उठते ही उसने राज से माफी माँगेगी…………………..और फिर सोने का प्रयास करने लगी….

================================================================

सुबह करीब 5 बजे रश्मि का नींद टूटा…….दूधवाले ने कॉल वेल बजाई थी…रश्मि ने उठकर दूध लिया और फिर किचन मे चली गयी…..फिर उसने सोने चली गयी….तभी उसने अपना मोबाइल चेक किया…दो मेसेज आए हुए थे…एक राज का था और दूसरा उसके हज़्बेंड राजेश का…..राज ने सिर्फ़ इतना कहा: सॉरी फॉर इन दा नाइट…..आंड राजेश ने सॉरी टू नोट अटेंडिंग इवेंट्स.

मेसेज पढ़कर वो मुस्कुरा दी..और फिर किचन मे चाय बनाने चली गयी….अब उसने सोने का विचार छोड़ कर 2 कप चाय बनाने के बाद वो राज के रूम मे आ गयी…..राज सिर्फ़ एक नेकार पहने हुए था उपर से नग्न…पहले तो रश्मि ने उसके पूरे शरीर का मुआईना किया फिर चाय का ट्रे टेबल पर रख दिया और उसे जगाने लगी…तभी वो रुक गयी…क्योंकि उसकी नज़र उसके लंड पर चली गयी….लंड पूरा का पूरा नेकेर से बाहर था…..काला और मोटा….ऐसे लग रहा था कि कोई साउत अफ्रीका के हबसी का लंड हो…..उसके लंड को देखकर रश्मि स्तब्ध रह गयी……वो अनुमान लगाने लगी कि उसका लंड कितना बड़ा होगा……राज बिल्कुल सो रहा था…क्योकि उसके खर्राटे की आवाज़ आ रही थी…….सो रश्मि पूरा का पूरा सुनिस्चित कर ली थी कि राज सो रहा है……………उसने अपने हाथो की उंगली से उसके लंड के सुपाडे को टच किया….लंड की कोमलता का एहसास रश्मि को हुआ…उसे बहुत अच्छा लगा…….दूसरी तरफ शायद राज को भी अच्छा लगा….अब वो पीठ के बल सो रहा था…जिससे उसका लंड छत की ओर हो गया…..लंड ऐसे था मानो कोई गन्ने का पेड़ हो…………………………रश्मि को उसके लंड पर प्यार आ रहा था…..पर वो क्या करे….अगर जगाएगी तो वो अपनी ही नज़र से गिर जाएगी…और फिर राज क्या सोचेगा…..सोचेगा: रात को तो बहुत बड़ी बड़ी बाते कर रही थी…और अब क्या हो गया….सो वो वही बैठ कर उसके पूरे शरीर को देख रही थी…..लंड पर बाल नही थे…..ऐसा लगता था कि राज ने हायर रिमूवर से बाल सॉफ किए थ…..एक दम चिकना…..रश्मि ने झुकर लंड के अग्र भाग को एक बार और टच किया….उसे अच्छा लग रहा था….आज पहली बार जेठ जी के लंड को इतनी नज़दीक से देख रही थी…….अब वो कह रही थी कि इसकी सुगंध कैसी है…..ब्रीफ मे तो काफ़ी अच्छी सुगंध थी…..वो झुक कर उसके लंड के इर्द-गिर्द की सुगंध लेने लगी..तभी रश्मि का गाल लंड से टकरा गया…….राज को एक एरॅक्ट हुआ और फिर नॉर्मल हो गया……रश्मि घबरा गयी…उसे लगा कही ये उठ ना जाए…पर जब राज नॉर्मल हो गया तो उसने पुनः ट्राइ किया….और सावधानी से सूंघने लगी…..लंड की स्मेल काफ़ी अच्छी थी…वो मदहोश हो गयी…..अब वो लंड के अग्र भाग को अपने लिप्स से चूसना चाहती थी…उसने झुक कर उसके अग्र भाग पर एक किस दे दी…इसबार भी राज थोड़ा हिला….और फिर वैसे ही..हो गया….उसे ऐसा लग रहा था कि कोई सपना देख रहा है और रश्मि स्प्ने मे ही उसके लंड को किस कर रही है……………………इस बार रश्मि ने तय कर लिया कि वो सुपाडे को चुसेगी चाहे जो भी हो…..वैसे वो कई बार राजेश के लंड को चूस चुकी थी……पर ये तो राजेशसे भी बड़ा लंड था…………………..और फिर वो झुक कर लंड के सुपाडे को अपने मुँह मे लेने का प्रयास करने लगी…लंड पूरा उसके मुँह मे आ गया और फिर उसे चूसने लगी…उसने अपनी आँखे बंद कर ली और चूसने लगी….दूसरी तरफ राज भी हिल डुल रहा था….कि तभी रश्मि के दाँत लंड पर लग गये…..राज हड़बड़कर उठ गया…रश्मि भी घबरा गयी…और उसने लंड छोड़ दिया और वन्हा से उठ गयी………………….वो भाग जाना चाहती थी….कि राज ने उसका हाथ पकड़ लिया………………………………………………………………………

राज: मेडम….ये क्या हो रहा है…..???

रश्मि: कुच्छ नही……मे तो ऐसे ही

राज: ऐसे ही क्या??? रात मे तो बड़ी बड़ी बाते कर रही थी…अब क्या हुआ…कहाँ गया तुम्हारा जमीर…..अपने पति की पति-ब्रता स्त्री…..बोलो…

रश्मि: सॉरी………

राज ने उसका हाथ छोड़ दिया……

राज: कोई बात नही………ये तो तुम्हारे शरीर की ज़रूरते है…समझो और जो होता है उसे कबूल करो………मे कोई ज़बरदस्ती नही करता…पर तुम कहोगी को तुम्हारा इन्विटेशन ज़रूर स्वीकरूँगा…..

रश्मि: जी मे रात के लिए माफी माँगना चाहती थी….सॉरी…मुझे ऐसा नही करना चाहिए था………शायद आप ठीक है……

राज: नही…ना मे ठीक हू और ना ही तुम ग़लत हो…दोनो अपनी जगह ठीक है……पर कुच्छ ऐसे रिस्ते होते है जिनका कोई नाम नही होता….वो सिर्फ़ दिल के रिस्ते होते है…शरीर के रिस्ते होते है…..लंड और चूत के रिस्ते होते है….पहली बार राज ने रश्मि के आगे लंड और चूत का नाम लिया…..

रश्मि शर्मा गयी…उसके चेहरे पर लाली पड़ गयी…उसने दीवार की तरफ अपना मुँह कर लिया….राज उसके पास चला गया…और उसके बालो को सहलाते हुआ कहा……….तुम्हे खराब तो नही लगा…..रश्मि ने अपनी आँखे बंद कर ली और बोली कुच्छ नही…सिर्फ़ ना मे सिर हिला दिया………………राज ने झुक कर उसके गालो पर एक पप्पी ले ली और उससे सॅट गया…….रश्मि को करेंट सा लगा…क्योकि राज का लंड उसकी गांद मे टच कर रहा था…..उसने अपने हाथ को ले जाकर उसके लंड को अपनी गांद से हटा दिया…………….राज ने उसे अपनी बाँहो मे दबोच लिया और उसकी एक चुचि को अपने हाथो मे लेकर दबाने लगा…रश्मि गरम हो गयी….जिसकी वजह से उसकी चुचिया काफ़ी बड़ी बड़ी हो गयी….निपल तन गयी….रश्मि इस समय एक गाउन पहने हुए थी…जो कि आगे से खुलती थे…राज ने चैन खोल दी और उसकी चुचियो पर टूट पड़ा…रश्मि भी आज सब कुच्छ नौछवर करना चाहती थी…आज जो बाँध दोनो के बीच था वो गिरा देना चाहती थी…रश्मि आगे बढ़कर राज के होंठो को अपने होंठो मे लगा कर चूसने लगी…और अपना जीभ उसके मुँह मे पेल दी…राज को अच्छा लगने लगा…क्योकि आज रश्मि मुँह धो कर आई थी…राज रश्मि के पूरे शरीर को नाप रहा था…क्या चुचिया और गांद थी…एक दम मस्त…..दोनो के बीच कोई डाइलॉग नही हो रहा था…क्योकि दोनो की आँखे बंद थी…दोनो एक दूसरे को रब कर रहे थे…और चूस, किस कर रहे थे…..करीब 10 मीं तक ऐसा हो ता रहा तभी रश्मि का पास पड़े चाय के कप पर ध्यान आया और बोल पड़ी :

रश्मि: अरे चाय लाई थी…मे भूल गयी…. एक दम ठंडी हो गयी होगी

राज: उसकी बातो को सुने वगैर उसके शरीर को किस और चूम रहा था….वो पहले से नंगा तो था ही…..अब उसके शरीर पर नेकेर भी नही था….बिल्कुल नंगा…

रश्मि अपना गाउन खोल चुकी थी…अब सिर्फ़ ब्रा और पॅंटी मे थी…..और खड़े खड़े ही राज को चुस्वा रही थी…..जैसे ही राज ने ब्रा का हुक खोला…तभी दरवाजे पर कॉल वेल बज गयी….रश्मि घबरा गयी….और राज बौखला गया…ये ऐसा वक़्त था जब दोनो अपनी चरम सीमा पर थे….रश्मि ने उसके कमरे से भाग कर अपने आपको ठीक किया …पास पड़े दर्पण मे देखा और ठीक होकर दरवाजा खोला……………………………………………………………………….

दरवाजा खोलते ही देखा कि कमला आ गयी थी….

रश्मि: गुड मॉर्निंग दीदी/…

कमला: अरे वाह…आज तो जल्दी उठ गयी और नहा भी ली

रश्मि: जी…..

कमला: और साहिब ऑफीस गये?

रश्मि: वो सो रहे है…चाय देने गयी थी पर वो सो रहे थे…चाय यू ठंडी हो गयी……..दुबारा लाती हू…अंदर आइए

कमला: अंदर आई और अपने बेडरूम मे चली गयी…बेड पर राज नही था…वो बोली…कहाँ हो….अंदर से आवाज़ आई…..बाथरूम मे ….मुँह मे ब्रश होने का एहसास हो रहा था………

कमला: सीधे किचन मे चली गयी….जहाँ रश्मि चाय और चीनी डाल रही थी…

मेरे लिए मत बनाना…मेरा पेट ठीक नही है….गुड…गुड कर रहा है…..फ्रेश होना है……………….

रश्मि: मेरे बाथरूम मे चली जाओ..और फ्रेश हो लो….कमला चली गयी…

रश्मि ने राहत की सास ली…………….सुक्र है…सिचुयेशन ईज़ अंडर कंट्रोल……नही तो पता नही क्या हो जाता…………………….रश्मि ने सब कुच्छ जानते हुए दिल के हाथो मजबूर होकर राज के साथ ये रिस्ता बनाया…पर अधूरा……………….

खाया पिया कुच्छ नही…………….गिलास तोड़ा 12 आना…………………वाली कहावत हो गयी………………रश्मि शर्मा गयी और मुस्कुरा दी…..

तभी राजेश भी आ गया…………….आते ही रश्मि को कहा….डार्लिंग मेरे लिए भी एक चाय………………………………

रश्मि: अब आए हो….पता है डॉक्टर. नेहा कितना गुस्सा कर रही थी……तुम कैसे आदमी हो..और फिर सेल फोन ऑफ क्यो किए हुए था….आते ही बहुत सारे सवाल पुच्छ दिए

राजेश: अरे बाप रे…..डार्लिंग आहिस्ते….तुम्हारा पति मारा मारा घर आया है उसकी ख़ैरियत पुच्छनी चाहिए….चाय, नाश्ता पुच्छना चाहिए…ये इतने सारे सवाल…???

रश्मि: बिना बताए गायब रहोगे तो ये ही होगा……लो चाय पी लो…और हा अभी बेडरूम मे मत जाना…दीदी नहा रही है………………………

राजेश: फ्रेश होना था या……भैया कहाँ है…

रश्मि: वो भी फ्रेश हो रहे है…

राजेश: यानी दोनो बाथरूम एंगेज….?

रश्मि: जी…फिलहाल तुम चाय पिओ और ये लो अख़बार……………..पढ़ो…मे चली…मुझे कल के लिए असाइनमेंट तैयार करनी है

________________________________________