मेरी चूत पसंद है compleet

Discover endless Hindi sex story and novels. Browse hindi sex stories, adult stories, erotic stories. Visit dreamsfilm.ru
raj..
Platinum Member
Posts: 3402
Joined: 10 Oct 2014 01:37

Re: मेरी चूत पसंद है

Unread post by raj.. » 02 Nov 2014 18:29

गिरिजा जी तब अपने बेटे को फिर से चोद्ते
हुए बोली, "ठीक है, लेकिन थोरा संभाल कर. तुम्हारा लंड तुम्हारे
बाबूजी से लंबा और मोटा,है मेरी गंद मत फाड़ देना." इतना सुनने के
बाद गौतम अपने हाथों से गिरिजा जी के बड़े बड़े चूतरों को अपने
हाथों से पकड़ कर एक धक्का मारा और उसका आधा लंड गिरिजा जी की
गंद मे घुस गया .जैसे ही गौतम का आधा लंड गिरिजा जी की गंद
मे घुसा, गिरिजा जी बोली, "साले मदर्चोद, तुमको मैने क्या बोली,
धीरे धीरे मेरी गंद मारना और तुम जो है कि एक ही झटके मे अपना
मूसल जैसा लंड का आधा पेल दिया." मा की बातों को सुन कर रमेश
नीचे से अपना लंड अपनी मा की चूत मे पेलता हुआ बोला, "मा, तुम
कैसी बातें कर रही हो? लगता है कि तुम्हारा जवान बहुत गंदा
हो गया है." तब गिरिजा जी बोली, "बेटा, जब चूत और गंद मे दो दो
जवान लंड घुसा हो तो जवान अपने आप गंदी हो जाती है और इससे
चोदने वाले का और चुदने वाले का जोश और भी बढ़ जाता है.
वैसे मुझे चूत मरवाते वक़्त गाली देना अच्छा लगता है. क्या
तुमको मेरी जवान से गली अच्छी नही लगी?" "नही वो बात नही
है. मैने कभी तुम्हारे जवान से गाली नही सुनी इसी लिए मुझे कुछ
अटपटा सा लगा" रमेश नेअपनी मा की चूंची को मसल्ते हुए कहा.
रमेश की बात सुन कर गिरिजा जी बोली, "मदर्चोद, क्या तूने इसके
पहले कभी अपनी मा की चूत मे अपना लंड घुसेरा है? क्या
तुम्हारा दोस्त अपना लंड तुम्हारी मा की गंद मे पेला है? साले
चोदना है तो चुप चाप चोद और बातें करनी है तो सिर्फ़ गालियो से बात
कर. समझा गॅंडू?" तब रमेश अपनी मा की चूत मे नीचे से
धक्के मारते हुए बोला, "समझा मेरी छीनाल मा. आज तेरी चूत और
तेरी गंद दोनो दोस्त के लंड से फटने वाला है. आज हमलॉग देखते
हैं कि तू कितनी चुड़दकर है." गिरिजा जी तब अपने बेटे से बोली,
"सबाश मेरा बेटा सबाश. तेरी ग़ाली मुझको बहुत अच्छी लगी. तू
बस ऐसे ही गाली देता जा और मुझको चोद्ता जा." गौतम अब तक जो कि
मा बेटे की बातें सुन रहा था, गिरिजा जी की बात सुन कर उनके भारी
भारी चूटरो को अपने दोनो हाथों से पकड़ कर अपनी कमर चला
कर एक ज़ोर दार धक्का मारा और अपना पूरा का पूरा लंड गिरिजा जी की
गंद मे घुसेर दिया.
गिरिजा जी की गंद मे जैसे गौतम का लंड घुसा, उन्होने आगे झुक
कर अपनी गंद को और ऊपेर उठा दिया और झुक कर अपनी चूत से अपने
बेटे का लंड खाने लगी और ज़ोर ज़ोर से गली बकने लगी. गिरिजा जी बोल
रही थी, "साले मदर्चोद गबड़ु, मार मार और ज़ोर से मार मेरी
चूत और मेरी गंद. बहुत अक्च्छा लग रहा है. साले मुझको ऐसा लग
रहा है जैसे कि तुम दोनो मिल कर मेरी गंद और बुर दोनो के छेद एक
कर दोगे. कोई परवाह नही, अभी बस तुम दोनो मेरी चूत और मेरी
गंद मे अपना अपना लंड पेलते रहो. बहुत मज़ा आ रहा है. हाई
मेरे प्यारे पति देव और मेरी प्यारी बहू देखो, देखो कैसे मेरा
बेटा और उसका दोस्त मेरी चूत और गंद की धुनाई कर रहें है."
रमेश और गौतम दोनो गिरिजा जी की बातों को सुन कर दोनो और भी
गरमा गये और दोनो अपनी अपनी कमर हिला हिला कर गिरिजा जी की
चूत और गंद मस्त हो कर चोदने लगे.उधर गिरिजा जी अपनी चूत और
गंद से रमेश और गौतम के लंड खा रही थी और उनकी चुदाई
देख देख कर करिश्मा, रसिकलाल और करिश्मा गरम हो रहे थे. इतनी
गरम चुदाई देख कर करिश्मा अपनी साड़ी के उप्पेर से अपनी चूत
पर हाथ चला रही थी और रसिकलाल जी और कैलाश भी अपना लंड
कपड़ो के उप्पेर से मसल रहे थे. एह देख कर गिरिजा जी अपनी चूत
और गंद चुदवाते हुए बोली, "बेटी करिश्मा, तू क्यों शरम कर
रही है. चल तू अपने कपड़े उतार कर अपने ससुर और अपने भाई के
लंड से मज़ा लूट. क्या मेरी चुदाई देख कर तेरी चूत से पानी नही
निकल रहा है?" करिश्मा अपनी सास से बोली, "हाई मा जी आपकी चूत और
गंद दोनो से झाग निकल रहा है, और हाँ मेरी चूत से भी पानी निकल
रहा है." गिरिजा जी बोली, "जब तेरी चूत से पानी निकल रहा है तो देरी किस
बात की, उतार दे अपने कपड़े और अपने भाई और ससुर को भी नंगा
करके तभी अपनी चूत और गंद चुदवा और मज़े लूट. क्या तुझको
अपने भाई के सामने कपड़ेउतार ने मे शरम लग रहा है क्या?"
"हाँ, मैं आज तक भाई के सामने कभी नंगी नही हुई हूँ, आज कैसे
नंगी हो पाउन्गी" करिश्मा अपनी सास की चुदाई देखती हुई बोली.
तब गिरिजा जी मूड कर कैलाश से बोली, "क्यों कैलाश, क्या तुम अपनी
बहन को नंगी देखना चाहते हो, क्या तुम अपनी बहन की चूत
चोदना चाहते हो?" "हां मा जी हां, मैं अपनी बहन करिश्मा
को नंगी कर के उसकी चूत चोदना चाहता हूँ. एह तो मेरा पूरी
जिंदगी का अरमान है. लेकिन क्या करूँ, करिश्मा नंगी नही हो
रही है तो मैं कैसे उसको चोद सकता हूँ" कैलाश अपने लंड को अपने
कपड़ो के उपर से मसल्ते हुए बोला. कैलाश की बातों को सुन कर
रसिकलाल जी अपनी जगह से उठ खड़े हो गये और अपनी बहू
करिश्मा के पास जा कर उसको पहले चूम लिया और फिरे एक एक करके
करिश्मा के कपड़े उतारने लगे.

raj..
Platinum Member
Posts: 3402
Joined: 10 Oct 2014 01:37

Re: मेरी चूत पसंद है

Unread post by raj.. » 02 Nov 2014 18:29

करिश्मा आनाकानी करती रही और
रसिकलाल जी ने एक एक करके करिश्मा के कपड़े उतार कर करिश्मा को
नंगी कर दिया.जैसे ही करिश्मा नंगी हो कर अपने भाई कैलाश
और अपने ससुर रसिकलाल जी के सामने खड़ी हुई तो कैलाश आगे बढ़
कर करिश्मा की दोनो चुन्चिओ को अपने दोनो हाथों मे भर कर
मसल्ने लगा और रसिकलाल जी ने भी करिश्मा के आगे ज़मीन पर
बैठ कर करिश्मा की चूत से अपना मुँह लगा दिया. करिश्मा अपने
शरीर पर दोहरा अटॅक से मस्त हो गयी और अपने हाथों से अपने
भाई का खरा लंड पकड़ कर मरोर्ने लगी और और कमर आगे करके
अपनी चूत को अपने ससुर को खिलाने लगी. तब कैलाश ने अपनी बहन
करिश्मा को अपने हाथों से उठा कर अपने गोद मे ले लिया और फिर
करिश्मा को ज़मीन पर बिछी कालीन पर लिटा दिया. कालीन पर लेट ते
ही करिश्मा ने अपनी टाँगे घुटने से मोड़ कर उपर उठा दिया और
कैलाश अपनी बहन की चूत पर अपना मुँह रख दिया. अपनी चूत पर
भाई का मुँह छूते ही करिश्मा ने अपने कमर को उठा दिया और अपनी
चूत को जीव से चोदने के लिए कैलाश को बोलने लगी. करिश्मा बोल
रही थी, "हाँ, हाँ भाई ऐसे ही अपनी जीव मेरी बुर मे घुसेरो. बरा
मज़ा आ रहा है. शादी के पहले तुम मुझको देखते थी, लेकिन
मैं तुमको लिफ्ट नही देती थी. क्या करूँ, मैं डरती थी, कि कहीं
मेरी पोल पट्टी मा पर नाखुल जाए. आज तुम्हारे सामने मेरी चूत बिल्कुल
खुली हुई है. आज तुम जो चाहो कर सकते हो. जो भी करना है
जल्दी करो, मेरे शरीर और मेरी चूत मे आग लगी हुई है. श! श!
भाई जल्दी से अपना मस्त लंड मेरी चूत मे डालो. मैं चूत की खाज के
मारे मरी जा रहीं हूँ." कैलाश अपनी बहन की बातों को सुनता
रहा और उसकी चूत को चाटना नही छोड़ा. थोरी देर तक करिश्मा
चुप चाप अपनी चूत अपने भाई से चुस्वती रही लेकिन जब उसकी
चूत की खुजली बहुत बढ़ गयी तो करिश्मा अपने भाई से बोली,
"साले बहन्चोद, अभी अभी तो बोल रहा था कि मेरी चूत चोदना तेरी
सारी जिंदगी की ख्वाब था. अब जब मैं अपनी चूत नंगी करके तेरे
सामने लेटे हुईं हूँ तो तू सिर्फ़ चूत ही चाट रहा है. क्या तेरा लंड
अभी खड़ा नही हुआ है. ला मैं तेरा लंड चूस करके खड़ा कर
देतीं हूँ. और अगर तुझे मेरी चूत पसंद नही है, तो हट मेरे
ऊपर से और मैं अपनी चूत अपने ससुर के लंड से मरवाती हूँ."
इतना सुनते ही कैलाश अपनी बहन पर टूट पड़ा और उसकी टाँगों को
अपने हाथों से फैला कर अपना लंड का सुपरा उसकी चूत के छेद से
भिड़ा दिया. चूत पर लंड का सूपड़ा भिड़ाते ही करिश्मा एक बार कांप
उठी और फिर अपने हाथो को नीचे ले जाकर अपने भाई का लंड पकड़
कर अपनी चूत पर रख कर अपनी कमर उचका कर चूत मे लंड डलवा
लिया. चूत मे लंड घुसते ही करिश्मा और कैलाश दोनो थोरी देर के
लिए चुप चाप लेटे रहे और फिर थोरी देर के बाद करिश्मा ने अपनी
कमर उचका कर अपने भाई से चोदने के लिए इशारा किया. कैलाश भी
अपनी बहन का इशारा मिलते ही अपना कमर उठा उठा कर अपना लंड
अपनी बहन की चूत मे पेलने लगा. अपने चूत मे भाई का लंड पिलवाते
हुए करिश्मा ने कैलाश से बोली, "भाई आज अपना अरमान पूरा कर ले
और चूत चोद चोद कर उसको भोसरा बना दे. देख कैसे मेरी चूत
तेरा लंड खा कर फूल गया है. हाई! भाई बहुत मज़ा आ रहा है. तू
ने पहले हमे क्यों नही चोदा. तू एक बार बोलता या इशारा करता तो
मैं कब से तेरा लंड अपनी चूत को खिलाती. खैर अभी कोई बात बिगड़ी
नही है. अब तू जब चाहे मेरे घर आ कर मेरी चूत को चोदना और
अगर मान चाहे तो मेरी गंद मे भी अपना लंड पेलना. तुझे मालूम
नही है कि मुझे गंद मरवाने का भी बहूत शौक है और मैं
अपनी गंद भी अब खूब मरवाती हूँ." इतना कहकर करिश्मा अपने
चूतर ज़ोर ज़ोर से उछालने लगी और एह देख कर कैलाश अपनी बहन से
बोला, "एह क्या बात हुई? मैं तुझको चोद रहा हूँ या तू मुझको चोद
रही है? तू अपने चूतर इस तरह से उछाल रही है जैसे कि तू
मुझको चोद रही है.कैलाश की बात सुन कर करिश्मा अपने भाई से
बोली, "हाँ भाई मैं अपनी सास को अपनी चूत और गंद से दो दो लंड
खाते देख कर मैं बहुत गरमा गयी हूँ. मेरे लिए अब रुकना
बहुत मुहकिल है. चल अब तू नीचे लेट जा और मैं तेरे ऊपेर चढ़ कर
तुझको चोद्ती हूँ." इतना कह कर करिश्मा अपने भाई को नीचे लेटा
दिया और खुद ऊपेर चढ़ कर अपनी गंद उठा उठा कर कैलाश को
चोदने लगी. करिश्मा अपने भाई पर झुक कर उसको चोद रही थी और
उसकी चुन्चे हवा मे झूल रहे थे और कैलाश को मुँह पर चोट
कर रहे थे. थोरी देर तक करिश्मा ऊपेर से और कैलाश नीचे से
एक दूसरे को चोद्ते रहे और फिर करिश्मा थक कर अपनी भाई पर लेट
गयी और कैलाश से बोली, "भाई मैं थक गयी हूँ अब तू मेरे
ऊपेर चढ़ कर मुझको ज़ोर ज़ोर से चोद. आज फाड़ दे मेरी चूत को अपने
लंड की चोटों से."
क्रमशः.........

raj..
Platinum Member
Posts: 3402
Joined: 10 Oct 2014 01:37

Re: मेरी चूत पसंद है

Unread post by raj.. » 02 Nov 2014 18:30

Meri chut pasand hai paart--7

gataank se aage.......

Apni maa ki bat sun kar Ramesh
pahale to thora dara phir Usjha ko sath le kar kamare me dakhil gaya
. Ramesh jaise hi kamare me ghusa to Gautam aur Kailash dono
muskura kar Ramesh ko dekha aur phir se apne apne kam par jut
gaye. Girija jee tab Ramesh se boli, "beta bahar khare khare kya
dekh rahe the. Aao mere pas aao. Dekho tumhara friend aur tumhara
sala mere dono chuncion se uljhe hue hain. Aisa karo ki tum meri
chut se khelo. Tumko meri chut pasand hain na?" Tab Ramesh dhire
dhire apne maa ki taraf barhte hue bola, "are maa kya kaha rahi ho?
Mujhko tumhari chut bahut aachee lagti hai. Mujhe eh sapana har
samay meri ankho ke samne hota tha ki mai ek din tumhari chut se
khelun. Aaj meri wo sapna pura hone wala hain. Mujhe eh kabhi
ummid hi nahi thee ki ek mai tumhari chut ko choo paunga aur usse
khelunga." Itna kaha kar Ramesh apni maa ke pairon ke pas baith
gaya aur dhire se apne hathon se maa ki petticoat uthane laga.
Jaise hi Ramesh ne apni maa ki petticoat upar uthaya to usko maa ki
chut dikhne laga. Ramesh ne dekha ki maa ki chut par jhanton ka
namo nishan nahi hai aur unki chut bilkul saf suthra hai. Girija jee ki
chut ki ki ghundee (clit) is samay bahut tani hui thee aur unke chut se
las lasa sa pani nikal raha tha. Ramesh apni maa ki chut ko dekhte hi
samajh gaya ki maa is samay bahut chudasee hai aur lund khan eke
liye tayar hai. Ramesh ne aage barh kar Girija jee ji chut par apna
munh bhira diya aur usko chuma. Chumne ke bad Ramesh ne apna
hathon se apni maa ki chut ke puttion ko khola aur apna jeev nikal
kar maa ki chut me dal diya. Jeev ghuste hi Snehalata sisiya uthi aur
apne hathon se apne bete ka sar pakar kar apne chut se sata diya.
Ab Ramesh jor jor se jeev se apni maa ki chut ko chod raha tha aur
kabhi kabhi wo unki chut ke chat raha tha. Ab Girija jee se bardast
nahee hua aur wo apne bete ko jameen par leta kar uska khara hua
lund apni chut se bhira kar apne bete par char baithee. Thori der
baithne ke bad Girija jee apne dono hath Ramesh ke chati ke dono
taraf rakh kar apni kamar utha utha kar apne bete ka lund apne chut
ke andar bahar karne lagee. Uski garmi dekh kar Gautam apne jagah
se uth khara ho gaya aur Girija jee se bola, "maa jee lagta hai aap ki
chut bahut dino se bhukhee hai aur bahut dino se aap theek tarike se
chudee nahee hai. Kta babujee aap ko nahee chodte?" "Nahee beta
eh bat nahee hai. Tumhare babujee to roj rat ko humari chut me apna
lund dal kar chodte hain aur kabhi kabhi wo din ko bhi chod lete hain.
Kabhi kabhi to tumhare babujee meri gand bhi marte hain. Aaj aisa
hua ki party me bahut se logon se mil kar, unse bol kar aur bahuton
ko chum kar meri chut bahut der se gili ho rahee thee aur lund khan
ke liye taras rahee thee. Aur phir rahee sahee kasar tumne aur
Kailash ne meri chunchee ko masal ke aur chus ke pura kar diya
hai" Snehalata boli. "Achha ab chup karo aur mujhe mere bete ka
lund se apni chut marwane do" Snehkata phir se boli. Phir Girija jee
thora jhuk kar apni kamar uchal uchal kar apne bete ka lund ko apni
chut ke andar bahar karne lagee. Thori der tak Snehalate jee ne
apne bete ko upar char kar choda aur phir thak kar Ramesh ke upar
let gayee.Girija jee ke let te hi Gautam jo ab tak chup chap apna
khara lund pakar kar maa bete ki chudai dekh raha tha age barha aur
apne laure par thora sa thuk laga kar apna lund Girija jee ki gand ki
ched par rakh diya. Gand par lund ki supara lagte hi Girija jee ek bar
apna chehara ghuma kar dekhi aur muskura kar boli, "Gautam, kya
irada hai, kya chut chor kar ab tumhari nazar meri gand par ho
gaye?" "Kya kare aunty, aap to apni chut me apne bete ka lund pilwa
rahen hai aur mera lund khara ho gaya hai. Ab is samay mai to is
lund ko apke gand me hi pelunga" Gautam ne apne lund ko thora sa
dhakka dete hue kaha. Girija jee ne tab apne bete ko phir se chodte
hue boli, "theek hai, lekin thora smahal kar. Tumhara lund tumhare
babujee se lumba aur mota, meri gand mat phar dena." Itna sunne ke
bad Gautam apne hathon se Girija jee ki bari bari chutaron ko apne
hathon se pakar kar ek dhakka mara aur uska adha lund Girija jee ki
gand me ghus gaya .Jaise hi Gautam ka adha laura Girija jee ki gand
me ghusa, Girija jee boli, "sale madarchod, tumko maine kya boli,
dhire dhire meri gand marna aur tum jo hai ki ek hi jhatake me apna
musal jaisa lund ka adha pel diya." Maa ki baton ko sun kar Ramesh
neeche se apna lund apni maa ki chut me prlta hua bola, "maa, tum
kaisee baten kar rahee ho? Lagta hai ki tumhara jawan bahut ganda
ho gaya hai." Tab Girija jee boli, "beta, jab chut aur gand me do do
jawan lund ghusa ho to jawan apne aap gandee ho jatee hai aur isse
chodne wale ka aur chufwanw wale ka josh aur bhi barh jata hai.
Waise mujhe chut marwate waqt gali dena acchha lagta hai. Kya
tumko meri jawan se gali acchhee nahi lagi?" "Nahi wo bat nahee
hai. Maine kabhi tumhare jawan se gali nahi suni isi liye mujhe kuch
atpata sa laga" Ramesh apni maa ki chunchee ko masalte hue kaha.
Ramesh ki bat sun kar Girija jee boli, "madarchod, kya tune iske
pahale kabhi apni maa ki chut me apna lund ghusera hai? Kya
tumhara dost apna lund tumhari maa ki gand me pela hai? Sale
chodna hai to chup chap chod aur baten karni hai to sirf galion se bat
kar. Samjha gandu?" Tab Ramesh apni maa ki chut me neeche se
dhakke marte hue bola, "samjha meri chinal maa. Aaj teri chut aur
teri gand dono dost ki lund se phatne wala hai. Aaj humlog dekhte
hain ki tu kitni chuddakar hai." Girija jee tab apne bete se boli,
"sabash mera beta sabash. Teri gali mujhko bahut acchhi lagi. Tu
bas aise hi gali deta ja aur mujhko chodta ja." Gautam ab tak jo ki
maa bete ki baten sun raha tha, Girija jee ki bat sun kar unki bhari
bhari chutaon ko apne dono hathon se pakar kar apna kamar chala
kar ek jor dar dhakka mara aur apna pura ka pura lund Girija jee ki
gand me ghuser diya.
Snehala jee ki gand me jaise Gautam ka lund ghusa, wo aage jhuk
kar apni gand ko aur ooper utha diya aur jhuk kar apni chut se apne
bete ka lund khane lagee aur jor jor se gali bakne lagee. Girija jee bol
rahee thee, "sale madarchod gabdu, mar mar aur jor se mar meri
chut aur meri gand. Bahut acchha lag raha hai. Sale mujhko aisa lag
raha jaise ki tum dono mil kar meri gand aur bur dono ki ched ek
kardege. Koi parwah nahee, abhi bas tum dono meri chut aur meri
gand me apna apna lund pelte raho. Bahut maza aa raha hai. Hai
mere pyare pati dev aur meri pyari bahu dekho, dekho kaise mera
beta aur uska dost meri chut aur gand ki dhunai kar rahen hai."
Ramesh aur Gautam dono Girija jee ki baton ko sun kar dono aur bhi
garma gaye aur dono apni apni kamar hila hila kar Sbehalata jee ki
chut aur gand mast ho kar chodne lage.Udhar Girija jee apni chut aur
gand se Ramesh aur Gautam ke lund kha rahi thee aur unki chudai
dekh dekh kar Karishma, Govidjee aur Kilash garam ho rahe the. Itni
garam chudai dekh kar Karishma apne asree ke upper se apni chut
par hath chala rahee thee aur RasikLal Jee aur Kailash bhi apna lund
kapon ke upper se masal rahe the. Eh dekh kar Girija jee apni chut
aur gand chudwate hue boli, "beti Karishma, tu kyon sharam kar
rahee hai. Chal tu apne kapare utar kar apne sasur aur apne bhai ke
lund se maza loot. Kya meri chudai dekh kar teri chut se pani nahee
nikal raha hai?" Karishma apni sas se boli, "hai maa jee apki chut aur
gand dono se jagh nikal raha hai, aur han meri chut se bhi pani nikal
raha hai." Girija jee boli, "jab teri chut se pani nikal raha hai to deri kis
bat ki, utar de pane kapare aur apne bhai aur sasur ko bhi nanga
karke tub hi apni chut aur gand chudwa aur maze loot. Kya tujhko
apne bhai ke samne kapare tar ne me sharam lag raha hai kya?"
"Han, maine aaj tak bhai ke samne kabhi nangee hue hoon, aaj kaise
nangee ho paungee" Karishma apni sas ki chudai dekhtee hui boli.
Tab Girija jee mur kar Kailash se boli, "kyon Kailash, kya tum apni
bahan ko nangee dekhna chahate ho, Kyat um apni bahan ki chut
chodna chahate ho?" "Haan maa jee haan, mai apni bahan Karishma
ko nangee kar ke uski chut chodna chahata hun. Eh to mera puri
jindagee ka arman hai. Lekin kya karoon, Karishma nangee nahi ho
rahi hai to mai kaise usko chod sakta hun" Kailash apne lund ko apne
kaparon ke upar se masalte hue bola. Kailash ki baton ko sun kar
RasikLal Jee apne jagah se uth khare ho gaye aur apni bahoo
Karishma ke pas ja kar usko pahale chum liya aur phire eke k karke
Karishma ke kapare utarne lage. Karishma anakani kartee rahee aur
RasikLal Jee eke k karke Karishma ke kapare utar kar Karishma ko
nangee kar diya.Jaise hi Karishma nangee ho kar apne bhai Kailash
aur apne sasur RasikLal Jee ke samne khari hui to Kailash aage barh
kar Karishma ki dono chunchion ko apne dono hathon me bhar kar
masalne laga aur RasikLal Jee bhi Karishma kea age jameen par
baith kar Karishma ki chut se apana munh laga diya. Karishma apne
sharir par dohara attack se mast ho gayee aur apne hathon se apne
bhai ka khara lund pakar kar marorne lagee aur aur kamar age karke
apni chut ko apne sasur ko khilane lgee. Tab Kailash ne apni bahan
Karishma ko apne hathon se utha kar apne god me le liya aur phir
Karishma ko jameen par bichee kaleen par lita diya. Kaleen par let te
hi Karishma ne apne tange ghutne se mor kar upar utha diya aur
Kailash apni bahan ki chut par apna munh rakh diya. Apne chut apr
bhai ka munh chute hi Karishma ne apne kamar ko utha diya aur apni
chut ko jeev se chodne ke liye Kailash ko bolne lagee. Karishma bol
rahi thee, "han, han bhai aise hi apni jeev meri bur me ghusero. Bara
maza aa raha hai. Shade ke pahale tum mujhko dekhte thee, lekin
mai tumko lift nahee date thee. Kya karun, mai dartee thee, ki kaheen
meri pol patti ma khul jaye. Aaj tumhare samne meri chut bilkul
khulee hue hai. Aaj tum jo chaho kar sakte ho. Jo bhi karma hai
jaldee karo, meri sharer aur meri chut me aag lagi hui hai. Ohh! Ohh!
Bhai jaldee se apna mast lund meri chut me dalo. Mai chut ki khaj ke
mare mari ja raheen hun." Kailash apni bahan ki baton ko suntan
raha aur uski chut ko chatna nahee chora. Thori der tak Karishma
chup chap apni chut apne bhai se chuswatee rahee lekin jab uski
chut ki khujlee bahut barh gayee to Karishma ne apne bhai se boli,
"sale bahanchod, abhi abhi to bol raha tha ki meri chut chodna teri
sari jindagee ki kwaish. Ab jab mai apni chut nangee karke tere
samne letee huin hoon to tu sirf chut hi chat raha hai. Kya tera lund
abhi khara nahee hua hai. La mai tera lund chus karke khara kar
deteen hoon. Aur agar tujhe meri chut pasand nahee hai, to hat mere
oopar se aur mai apni chut apne sasur ke lund se marwatee hoon."
Itna sunte hi Kailash apni bahan par toot para aur uski tangon ko
apne hathon se faila kar apna lund ka supara uski chut ke ched se
bhira diya. Choot par lund ka supara bhirte hi Karishma ek bar kamp
uthi aur phir apne haton ko neeche le jakar apne bhai ka lund pakar
kar apni chut par rakh kar apni kamar uchka kar chut me lund dalwa
liya. Choot me lund ghuste hi Karishma aur kailash dono thori der ke
liye chup chap lete rahe aur phir thori der ke bad Karishma apni
kamar uchka kar apne bhai se chodne ke liye ishara kiya. Kailash bhi
apni bahan ka ishara milte hi apna kamar utha utha kar apna lund
apni bahan ki chut me pelne laga. Apne chut me bhai ka lund pilwate
hue Karishma ne Kailash se boli, "bhai aaj apna arman pura kar le
aur chut chod chod kar usko bhosra bana de. Dekh kaise meri chut
tera lund kha kar phool gya hai. Hai! Bhai bahut maza aa raha hai. Tu
ne pahale hume kyon nahi choda. Tue k bar bolta ya ishara karta to
mai kab se tera lund apni chut ko khilatee. Khair abhi koi bat bigra
nahee hai. Ab tu jab chahe mere ghar aa kar meri chut ko chodna aur
agar man chahe to meri gand me bhi apna lund pelna. Tujhe malum
nahee hai ki mujhe gand marwane ka bhi bahoot shauk hai aur mai
apni gand bhi ab khoob marwatee hoon." Itna kahkar Karishma apni
chutar jor jor se uchalne lagee aur eh dekh kar Kailash apni bahan se
bola, "eh kya bat hue? Mai tujhko chod raha hun ya tu mujhko chod
rahee hai? Tu apni chutar is tarah se uchal rahee hai jaise kit u
mujhko chod rahee hai.Kailash ki bat sun kar Karishma apne bhai se
boli, "han bhai mai apni sas ko apni chut aur gand se do do lund
khate dekh kar mai bahut garma gayee hoon. Mee liye ab rukna
bahut muhkil hai. Cha lab tu neeche let ja aur mai tere ooper char kar
tujhko chodtee hun." Itna kah kar Karishma apni bhai ko neeche leta
diya aur khud ooper char kar apni gand utha utha kar Kailsh ko
chodne lagi. Karishma apne bahi par jhuk kar usko chod raha tha aur
uski chunche hawa me jhul rahe the aur Kailash ko munh par chot
kar rahe the. Thori der tak Karishma ooper se aur Kailash neeche se
ek dusre ko chodte rahe aur phir Karishma thak kar apni bhai par let
gayee aur Kailash se boli, "bhai mai thak gayee hun ab tu mere
ooper chad kar mujhko jor jor se chod. Aaj pahr de meri chut ko apne
lund ke choton se."
kramashah.........